शराब के साथ महिला गिरफ्तार गोपालगंज : शराब तस्करी के लिए अपनाएं जा रहें नए-नए ट्रेंड के बीच गोपालगंज पुलिस ने एक और नया खुलासा किया. नगर थाने की पुलिस ने शहर के अम्बेडकर चौक पर एक स्कूल वाहन से लादकर यूपी की ओर से लायी जा रही 81 बोतल देशी शराब के साथ महिला तस्कर को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार उक्त महिला शराब तस्कर मीरगंज थाना के मीरगंज बाजार की रहने वाली अशोक साह की पत्नी इंदु देवी बतायी गयी है. जानकारी के अनुसार उक्त महिला तस्कर उत्तर-प्रदेश के कुशीनगर जनपद के तरेया सुजान थाना क्षेत्र के सलेमगढ़ बाजार से 81 बोतल देशी शराब खरीद बिहार में बेचने के लिए ला रही थी. महिला तस्कर को बीआरएम स्कूल सलेमगढ़ की एक टाटा मैजिक गाडी जिसका न.BR 28 L 2529 गाडी वह सलेमगढ़ में ही उक्त गाड़ी को रोककर बैठ गयी. तथा शराब की बोतल से बंधी बोरी को पीछे रख दी. उक्त गाड़ी जब शहर के अम्बेडकर चौक पर पहुंची तभी पुलिस को गाड़ी पर शक हुआ और पुलिस ने गाड़ी रोक सर्च करना शुरू कर दिया. सर्च के दौरान महिला तस्कर इंदु देवी के साथ वाहन स्वामी सलेमगढ़ के मुकुंदपुर गाँव निवासी शैलेन्द्र राय तथा चालक माधोपुर गाँव निवासी संतोष यादव बताया गया है. गिरफ्तार तीनो पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया तथा वाहन और शराब जब्त कर लिया.

*बड़ी खबर विस्तार से* *पटना:हिम्मत है तो असली सेटर को पकड़िये जिनके इशारे पर ये सब हो रहा है।” बोला परेमश्वर राम* पटना बिहार कर्मचारी चयन आयोग के सचिव परमेश्वर राम को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ में पटना के सिपारा निवासी डेटा एंट्री ऑपरेटर अविंनाश को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रश्न पत्र लीक मामले का सच खांगलने खातिर गठित एसआईटी ने अपनी पीठ थपथापते हुए सारा ठीकरा आयोग के सचिव परमेश्वर राम पर फोड़ दिया है। लेकिन कहते है आप सच को जितना छुपाने की कोशिश करेंगे सच न्यूटन के थर्ड लॉ की तरह जबरदस्त ढंग से प्रतिक्रिया देता है। *आइये जानते है इस तमाशे का सच और झूठ को दबाने के प्रयास का सच विस्तार से…* मंगलवार की रात एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में एसआईटी ने भागवत नगर स्थित बीएसएससी के सचिव परमेश्वर राम के आवास पर पूरी तैयारी के साथ धावा बोलती है। काम कर रहे है जताने खातिर मिडिया को खबर लीक कर दी जाती है। खैर ख़ाकी का काफ़िला और कैमरों के चमकते फ्लैश जाँच शुरू होती हैं। अंततः बिहार कर्मचारी चयन आयोग के सचिव और पर्चा लीक कांड के सूत्रधार परमेश्वर राम को साबित कर उन्हें एसआईटी डिटेन यानी हिरासत में ले लेती है। आरोप है कि राज्य में अराजपत्रित और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की बहाली करने वाले बिहार कर्मचारी चयन आयोग के सचिव की मिली भगत से परीक्षा से पहले ही पर्चा बाजार में बिकने लगता है और अंदरखाने भी ले-देकर रिजल्ट दिया जा रहा है। जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया। एसआईटी के अफसरों ने जब पूछताछ के लिए आयोग के सचिव परमेश्वर राम को धरा तो पहले वह अकड़ने लगे। फिर अपने राजनीतिक आका का नाम लेकर मोबाइल से उनका नंबर मिलाने लगे पर एसआईटी के लोग नरम नहीं पड़े। *एक गठीले बदन वाले पुलिस अधिकारी ने जब उनके गाल पर कसकर दो झापड़ मारा तो परमेश्वर राम के हलक से सच बाहर आने लगा। फिर सच्चाई सुनकर पटना के सीनियर एसपी मनु महाराज समेत नहां मौजूद तमाम अधिकारी सन्न रह गए।* *पूछताछ के दौरान परमेश्वर राम ने 36 राजनेताओं यानी 7 मंत्री और 29 विधायको का जिक्र करते हुए सभी द्वारा माल पत्तर समेत लाभांवित होने का विवरण दिया। साथ ही राज्य के उच्च पदस्थ 9 आईएएस अधिकारियों का नाम लिया है जो किसी न किसी रूप में इस घोटाले का लाभार्थी रहे हैं।* गिरफ्तार परमेश्वर राम ने खुलासा किया है कि आयोग ने पिछले 5 सालों में जितनी भी नियुक्तियां की हैं, सभी में भयंकर गड़बड़ियां हुई हैं। अरबों रूपये की उगाही हुई है तथा सैकड़ों बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के सगे-सम्बधियों की बहाली की गई है। *परमेश्वर राम ने रोते हुए पूछताछ करने वाले पुलिस अधिकारी से कहा ‘‘देवता, हम तो इस वृहद स्कैम के एक अदने से खिलाड़ी हैं। हमें क्यों इतना पीट रहे हैं।” फिर ख़ाकी को ललकारते हुए कहा, *‘‘हिम्मत है तो तो असली किंगपिन को पकड़िये जिनके इशारे पर ये सब हो रहा है।’’* जाँच में शामिल विश्वस्त सूत्रों के अनुसार हर बार की तरह इस बार भी क्वेश्चन लीक मामले के तार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से जुड़े होने के पुख्ता सुबूत “गुरुजी” तक जा रहे है। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे भारत को कैट का पर्चा लीक कर हिला देने वाले कुख्यात रंजीत डॉन के साथ-साथ *मुख्यमंत्री के एक करीबी बड़े पूर्व ब्यूरोक्रैट जो अब खादी पहनकर राजनेता बन चूके है की संलिप्तता की भी आशंका और लिंक पर जोर ढंग से जुड़ती जा रही है।* हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बता से लगाया जा सकता है कि सीएम नीतीश कुमार ने पिछले दिनों एक सभा में कहा था ‘‘मुझे अपने लोगों को समझने में बड़ी दिक्कत हो रही है कि कौन चोर है और कौन साधु। वही दूसरी तरफ नीतीश कुमार के एक करीबी अधिकारी बताता है *‘‘साहब को जानकारी थी कि कई घोटालों का मास्टरमाइंड रंजीत डॉन और 3 राजनेता एकसाथ एक रिटायर्ड पुलिस अफसर के घर पकौड़ी खा रहे हैं, फिर भी उसी में से एक नेता अभी मंत्रिमंडल में शामिल है और नीतीश कुमार को पीएम बनाने का बीड़ा उठाए हुए है।* ’’हल्ला यह भी है कि छपरा जिले से आने वाला और दशकों से राजनीतिक पैठ रखने वाला एक बड़ा राजनेता भी पर्दे के पीछे से घोटाले को अमलीजामा पहनाने के लिए डाइरेक्शन दे रहा था। बहरहाल, अगर जांच निष्पक्ष तरीके से हुई तो जांच की परिधि में कई सफ़ेद झक झक सत्ता के दुलरुआ समेत ब्यूरोक्रेट के लपेटे में आने की प्रबल आशंका है। *साथ ही सरकारी जाती यानी मुख्यमंत्री की जाती के नालन्दा तथा नवादा के कई शातिर लोग हैं जो इस घाटाले में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।* पर आशंका यह भी है कि जांच जितनी तेजी से और जितनी लंबी चल जाए परंतु किसी भी शर्त पर इस घोटाले का न तो गुरू पकड़ाएगा और न ही गुरूघंटाल। तभी तो सत्ता की गलियों में एसआईटी का मतलब कुछ यु समझाया जाता है। *सच का अनुसन्धान दस्ता मतलब … बुझे।*

शर्मनाक ! कंधे पर बेटे का शव लेकर थाने पहुंचा पिता, तब 'जागी' बिहार पुलिस गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज में एक युवक की हत्या किये जाने का मामला सामने आया है। वहीं, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बेरुखी की वजह से पीड़ित परिजन शव को कंधे पर रखकर करीब आधा किलोमीटर पैदल चले, लेकिन पीड़ित परिजनों को सहारा देने के लिए कोई सामने नहीं आया। घटना कटेया के रानीपुर गांव के समीप की है। मृतक युवक का नाम सिंटू राजभर है। वह कटेया के वार्ड नंबर-9 निवासी रामा राजभर का बेटा था। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को कटेया के रानीपुर गांव के समीप नहर के किनारे पेड़ से लटका हुआ एक युवक का शव मिला। शव मिलने की सूचना ग्रामीणों ने कटेया थाना पुलिस को दी। मृतक का शव पेड़ से लटका हुआ था और उसके गले में गमछा लपेटा हुआ था। शव मिलने की सूचना पर आसपास के इलाके में सनसनी फ़ैल गई। बाद में स्थानीय लोगों की सूचना पर मृतक के परिजन भी रानीपुर गांव में पंहुचकर शव की शिनाख्त की। सूचना देने के कई घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची तBो जरुर, लेकिन मृतक के परिजनों को सहारा देने वाला कोई नहीं था। यहां तक की पुलिस के द्वरा मृतक के शव को अस्पताल भेजने के लिए किसी वाहन का भी इंतजाम नहीं किया गया। लिहाजा, पीड़ित परिजन शव को कंधे पर रखकर आधा किलोमीटर पैदल चलकर कटेया थाना पहुंचे, उसके बाद पुलिस ने कागजी कर्रवाई शुरू की।

कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा रद्द सीएम नीतीश की बड़ी घोषणा BSSC की इंटरस्तरीय परीक्षा हो सकती है रद्द, SIT ने सरकार को भेजी अनुशंसा पटना. BSSC के प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अब तक हुए दो चरणों को रद्द किया जा सकता है। एसआईटी ने विशेष दूत के माध्यम से सरकार को दोनों चरण की परीक्षाएं रद्द करने का अनुरोध किया है। दोनों परीक्षाओं से पहले ही प्रश्न पत्र व उत्तर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। परीक्षा में गड़बड़ी से पहले बिहार कर्मचारी चयन आयोग इनकार कर रहा था,लेकिन आयोग के सचिव परमेश्वर राम की गिरफ्तारी के बाद स्थिति बदल गई है।अहम सबूत हाथ लगे... एसआईटी व आर्थिक अपराध इकाई की जांच के दौरान कुछ अहम सबूत हाथ लगे हैं,जिससे प्रश्न पत्र लीक कांड में आयोग के पदाधिकारी के शामिल होने के संकेत हैं। सचिव के व्हाट्सएप्प नंबर पर परीक्षा प्रश्न पत्र के रहने के बावजूद जानकारी होने से इनकार किए जाने की बात को भी जांच एजेंसियां गंभीर मान रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जांच को पूरी गंभीरता से पूरा कराने का निर्देश दिया है। उनके निर्देश के बाद पटना एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में गठित एसआईटी ताबड़तोड़ छापेमारी व कार्रवाई में जुट गई है। प्रश्न पत्र लीक मामले में उच्चस्तरीय बैठक सरकार से परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में एसआईटी ने प्रश्न पत्र लीक मामले को गंभीर माना है। टीम का मानना है कि चयन परीक्षा नौकरी के लिए हुई है। इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी से आम लोगों को ही नुकसान होगा। सरकार के स्तर पर ही दोनों परीक्षाओं को रद्द कर नए सिरे से पूरी परीक्षा के आयोजन पर निर्णय होगा। इस प्रकार तीसरे व चौथे चरण की परीक्षाओं को भी रद्द कर दी जाएगी। गड़बड़ी के लिए पहले भी चर्चा में रहा है आयोग दूसरी तरफ आयोग के सूत्रों ने बताया कि अभी तक जिन परीक्षाओं को लेकर गड़बड़ी के संकेत मिले हैं,आयोग सभी की जांच के निर्देश भी जारी कर सकती है। हाल ही में हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के 2030 कनीय अभियंता के पदों के लिए हुई दूसरी परीक्षा को भी रद्द कर तीसरी बार नए सिरे से परीक्षा लेने का निर्देश जारी किया है। साथ ही,द्वितीय स्नातक स्तरीय परीक्षा में गड़बड़ी के मामले को लेकर भी आयोग चर्चा के केंद्र में रहा है। कई अभ्यर्थी कोर्ट जाने की बात कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में आयोग के स्तर पर भी एक बड़ी जांच की कवायद शुरू की जा सकती है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग छवि को बेहतर करने के लिए सरकार की ओर भी कड़े कदम उठाए जाने के संकेत मिल रहे हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में इंटर टॉपर घोटाले के बाद की तर्ज पर आयोग में कुछ नए अफसरों को तैनात कर वहां की कार्यप्रणाली को बदलने का प्रयास हो सकता है। सीएम ने पहले ही कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए आयोगों की कार्यप्रणाली पर रोष जताया था। विधानसभा में सभी आयोग को वार्षिक कैलेंडर तैयार कर उसके आधार पर नियुक्ति परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए। हालांकि,अभी तक बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परीक्षाएं लंबे समय से अटकने के कारण विभागों में अधिकारियों की कमी हो रही है। सरकार का कामकाज प्रभावित हो रहा है। सरकार सभी स्थितियों पर नजर बनाए हुए। उधर,एसआईटी व आर्थिक अपराध इकाई आयोग में लगातार छापेमारी कर रही है। परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में पहली गिरफ्तारी सचिव कार्यालय के डाटा इंट्री ऑपरेटर के रूप में हो चुकी है। तस्वीरें काल्पनिक

Published in Breaking News

बिहार के अपराधी हुए हाईटेक, अब कट्टों की जगह कर रहे AK-47 का इस्तेमाल *पटना* बिहार के अपराधियों ने अब कट्टे की जगह अत्याधुनिक एके-47 जैसी राइफलें थाम ली हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान राज्य में घटी हत्या की घटनाएं इस बात की हकीकत बयां कर रही हैं। पुलिस विभाग हालांकि अपराधियों के बीच बढ़ते इस ट्रेंड को खतरनाक बताते हुए सतर्क भी है। *एके-47 का इस्तेमाल कर रहे हैं बिहार के कई अपराधी संगठन* इस वर्ष 18 जनवरी को पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र में अपराधियों ने शाम ढलते ही एके 47 से एक कारोबारी के प्रतिष्ठान पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें दो कारोबारियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में ही पिछले साल अगस्त महीने में अपराधियों ने पकड़ीदयाल प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति अध्यक्ष भिखारी सहनी के घर पर हमलाकर सहनी सहित चार लोगों की हत्या कर दी थी। कहा जाता है कि इस घटना में भी अपराधियों ने एके-47 का ही इस्तेमाल किया था। इसके पहले दरभंगा में दो इंजीनियरों की हत्या और फिर राजधानी से सटे कच्ची दरगाह इलाके में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) नेता बाहुबली बृजनाथी सिंह पर सरेआम एके-47 से गोलियों की बौछार कर हत्या कर देने के मामले इस बात की पुष्टि करते हैं कि स्थानीय अपराधियों के हाथ में एके-47 जैसे घातक हथियार पहुंच चुके हैं। पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र राणा कहते हैं कि 18 जनवरी को दो व्यवसायी सहित तीन लोगों की हत्या के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जल्द ही हथियार के विषय में भी पुख्ता जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि दरभंगा में दो इंजीनियरों की हत्या मामले में जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि इस हमले में जिस एके-47 का इस्तेमाल किया गया था वह भाड़े (किराए) पर उपलब्ध कराई गई थी। ये हथियार बड़े अपराधी गिरोह छोटे अपराधी को उपलब्ध कराते हैं। दरभंगा के पुलिस अधीक्षक रहने के दौरान राणा ने दोहरे इंजीनियर हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार बरामद किया था। गौरतलब है कि बिहार का मुंगेर क्षेत्र अवैध हथियार बनाने के लिए पूरे देश में चर्चित है। पुलिस के एक अधिकारी नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताते हैं कि 2.5 लाख में देसी एके-47 उपलब्ध हो जा रहे हैं। इस बात का खुलासा हाल ही में उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार अपराधी से पूछताछ के दौरान हुआ है।  कहा जाता है कि एके-47 को चलाना बेहद आसान है। इसे ‘ले मैन’ का हथियार कहा जाता है। कट्टा और बंदूक को चलाने के लिए जहां प्रशिक्षण की जरूरत होती है, वहीं, एके-47 को हर वह शख्स चला सकता है जो इसे उठा सके। पुलिस के अधिकारी बताते हैं कि एके-47 अपने आप में दहशत का पर्याय है। अपराधी इसे ‘स्टेटस सिंबल’ के रूप में लेते हैं। जिस अपराधी गिरोह के पास एके 47 होता है उसका रुतबा बढ़ जाता है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध जांच विभाग) विनय कुमार कहते हैं कि ऐसा कोई अध्ययन पुलिस विभाग द्वारा नहीं कराई गई है, परंतु अगर ऐसा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि अपराधी एके-47 नक्सली, अंतर्राष्ट्रीय अपराधी गिरोह और आतंकी संगठन से हासिल कर सकते हैं।

Page 1 of 4

Media News

  • Bollywood
  • Life Style
  • Trending
  • +18
Post by अंकिशा राय
- Feb 23, 2017
जी हां, यहां बात हो रही है दंगल गर्ल फातिमा सना शेख की। खबर है कि फातिमा को यशराज बैनर की फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान के ...
Post by Source
- Feb 23, 2017
हर किचन में कुछ ऐसी चीजें मौजूद होती है। जो कि आपकी सेहत के साथ-साथ सौंदर्य के लिए भी काफी फायदेमंद ...
Post by सत्य चरण राय (लक्की)
- Feb 23, 2017
अखिलेशजी! आप गधे से क्यों घबराते हो? मैं भी उससे प्रेरणा लेता हूं: मोदी* *Feb 23,2017* लखनऊ. नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ...
Post by Source
- Feb 09, 2017
लड़कियों का फेवरेट होता है मेकअप , मेकअप में भी लिपस्टिक होती है सब लड़कियों की फेवरेट । लेकिन क्‍या आप जानते हैं ...

Living and Entertainment

Newsletter

Quas mattis tenetur illo suscipit, eleifend praesentium impedit!
Top
We use cookies to improve our website. By continuing to use this website, you are giving consent to cookies being used. More details…