यूपी के संत कबीर नगर के खलीलाबाद अप रेलवे ट्रैक किनारे मंगलवार सुबह विस्फोट होने से एक व्यक्ति घायल हो गया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे कबाड़ उठा रहे नेपाली युवक राजीव थापा के हाथ में एक बम फट गया। घायलावस्था में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने हालत गम्भीर देख मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया और इसकी सूचना पुलिस को दी।  बम की सूचना के बाद जिले की पुलिस हरकत में आई। घण्टे भर की तलाश के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे तीन जिन्दा सुतली बम मिले। पुलिस ने जगह को घेर कर मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक हीरालाल ने बम निरोधक दस्ते को जांच के लिए बुलाया। 

Published in Gorakhpur

शहर में सक्रिय बदमाशों ने सोमवार को बैंक से घर लौट रही महिला से 50 हजार रुपए लूट लिए। खोराबार एरिया के सिक्टौर बाजार में हुई घटना से सनसनी फैल गई। महिला की सूचना पर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है। नया मकान बनवाने के लिए महिला बैंक से रुपए निकालकर महिला घर लौट रही थी।

परदेस में रहकर कमाते हैं बेटे
सिक्टौर गांव के भिक्खू प्रसाद के दो बेटे चेन्नई में रहकर कमाते हैं। कुछ दिन पहले बड़ा बेटा प्रदीप घर लौटा है। घर आने पर उसने मकान का निर्माण शुरू कराया। प्रदीप की मां डुगुरी देवी का बैंक एकाउंट रामगढ़ताल की पीएनबी ब्रांच में है। सोमवार की दोपहर एकाउंट से नकदी निकालने के लिए महिला बैंक गई। 50 हजार रुपए निकालकर उसने झोले में रख लिया।

टेंपो से उतरते ही मारा झपट्टा
तारामंडल में टेंपो पकड़कर महिला सवार हो गई। अपने गांव के सामने पहुंचकर महिला टेंपो उतरकर पैदल जाने लगी। तभी बाइक सवार दो युवक पहुंचे। झपट्टा मारकर महिला का झोला लूट लिया। महिला कुछ समझ पाती। इसके पहले बदमाश तेजी से फरार हो गए। बदमाशों के भागने पर महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया। गांव के लोगों के जुटने पर पुलिस को सूचना दी गई। झोले में महिला का आधार कार्ड, पासबुक और कई कागजात थे। महिला ने पुलिस को बताया कि एक युवक हेलमेट पहने था। दूसरे ने गमछे से अपना मुंह बांध रखा था।
महिला से नकदी लूटने की सूचना मिली थी। केस दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।

अभय कुमार मिश्र, सीओ कैंट

Published in Gorakhpur

सीएम आदित्यनाथ योगी द्वारा सभी विभागों को अपनी खामियां दूर किए जाने की हिदायत देने के बाद इसका असर विभागों में दिखने लगा है। अब रोडवेज की खामियां जानने के लिए खुद अफसर बसों में सफर करेंगे। यूपी के परिवहन मंत्री द्वारा शनिवार को रोडवेज बस में सफर करने के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। इसके बाद फौरन यूपी रोडवेज के एमडी के रविंद्रनायक के निर्देश पर फ्लाइंग स्क्वॉयड टीम बनाई गई है। जो किसी भी वक्त किसी भी शहर में बिना सूचना रोडवेज बसों में पैसेंजर बनकर सफर करेगी और सुविधाओं की जांच कर मुख्यालय को रिपोर्ट देगी।

पैसेंजर्स से लेंगे फीडबैक
रोडवेज मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक फ्लाइंग स्क्वॉयड टीम व रोडवेज अधिकारी सफर के दौरान पैसेंजर्स से सुविधाओं के बारे में फीडबैक भी लेंगे। अधिकारियों के मुताबिक अगर इस दौरान किसी तरह की कमी मिली तो इसकी रिपोर्ट सीधा मुख्यालय को सौंपी जाएगी और इसके लिए सीधा संबंधित बस डिपो के एआरएम व आरएम जिम्मेदार होंगे।

वर्जन
रोडवेज को पूरी तरह बदलकर एक हाईटेक ट्रांसपोर्ट सर्विस के रूप में पेश करने का प्रयास किया जा रहा है। फ्लाइंग स्क्वॉयड और अधिकारी किसी भी बस में कभी भी गोपनीय तरीके से सफर करेंगे और कमियों की रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेंगे.

- के रविंद्रनायक, एमडी, यूपी रोडवेज

Published in Gorakhpur

बाकरगंज हुसैनबाग के रहने वाले मोहम्मद रिजवान ने कुछ दिन पहले गैस की बुकिंग कराई थी। वह जागेश्वर धाम एजेंसी के कज्यूमर्स है। जब डिलीवरी मैन गैस लेकर रिजवान के घर पहुंचा तो एक्स्ट्रा पैसे की मांग करने लगा गया। चूंकि, घर में गैस खत्म हो चुकी थी तो रिजवान को 20 रुपए गैस दाम से एक्स्ट्रा देना पड़ा।

केस टू
कुछ ऐसा ही हाल आलमगिरी गंज की रहने वाली शमा गुप्ता के साथ भी है। 48 घंटे की जगह इन्हें एक वीक के बाद ही गैस मिल पाता है। कारण डिलीवरी मैन को यह एक्स्ट्रा पैसे नहीं देती है। शमा ने बताया कि एक बार इन्होंने दस रुपए दिए थे लेकिन उसके बाद एक्स्ट्रा पैसा नहीं देने पर वह मनमानी करता है।

समय पर गैस नहीं मिलने व एक्स्ट्रा पैसे मांगे जाने से मोहम्मद रिजवान और शमा गुप्ता ही परेशान नहीं हैं। बल्कि, शहर में सैकड़ों लोग इस समस्या से त्रस्त हैं। डिलीवरी मैन की मनमानियों पर रोक लगा पाने में गैस एजेंसियां भी नाकाम साबित हो रही हैं। जिसका खामियाजा एलपीजी उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

एक वीक में होती है डिलीवरी
एलपीजी कंपनियों के नियम के मुताबिक गैस की बुकिंग के 48 घंटे के अंदर गैस की डिलीवरी उपभोक्ता तक हो जानी चाहिए। लेकिन डिलीवरी मैन एक- एक वीक बीत जाने के बाद भी उपभोक्ता के घर गैस नहीं पहुंचा पा रहे हैं। एक्स्ट्रा पैसे लेने के लिए वह एजेंसी मालिक के सामने यह बहाना बनाते हैं कि संबंधित उपभोक्ता घर पर नहीं मिला। लिहाजा, वह गैस की डिलीवरी नहीं कर सके। जबकि, गैस एजेंसियां बार- बार यह दबाव बनाती है कि कोई उपभोक्ता एक बार नहीं मिला तो वहां पर 2- 3 बार जाओ लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हैं।

उत्पीड़न से हो जाते हैं परेशान
एक बार गैस रिटर्न होने के बाद बुकिंग कैंसिल हो जाती है और उपभोक्ता को दोबारा गैस की बुकिंग करानी पड़ती है। इस बीच उसे गैस की किल्लत से जूझना पड़ता है। लिहाजा, डिलीवरी मैन के उत्पीड़न की वजह से उपभोक्ता भी कभी- कभी दस रुपए एक्स्ट्रा देना ही उचित समझते हैं। यह हाल तक है जब प्रति गैस की डिलीवरी पर डिलीवरी मैन को एजेंसियां 10- 12 रुपए कमीशन देती है।

कर सकते हैं कंप्लेन
समय पर गैस नहीं मिलने या एक्स्ट्रा पैसे मांगने पर डिलीवरी मैन के खिलाफ संबंधित गैस एजेंसी पर कंप्लेन दर्ज कराई जा सकती है। यहां पर सुनवाई नहीं होने पर डायरेक्ट कंपनी के अधिकारियों से कंप्लेन कर सकते है।

उपभोक्ता के घर गैस पहुंचने के लिए डिलीवरी मैन को एजेंसी खुद कमीशन देती है। एक बार कोई उपभोक्ता नहीं मिला तो डिलीवरी मैन को यह कहां जाता है कि वहा दो- तीन बार जाएं। कोई डिलीवरी मैन गलत कर रहा है, तो इस बात की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

रंजना सोलंकी, प्रेसीडेंट, डोमेस्टिक गैस डिस्ट्रिब्यूशन एसोसिएशन

Published in Uttar Pradesh

अपनी हाड़तोड़ मेहनत से अन्न उगाने वाला अन्नदाता सरकारी मशीनरी के लिए मजाक बनकर रह गया है। सरकारी इमदाद तो उसे वक्त पर मिलती नहीं है, और अगर दी भी जाती है तो मौत के बाद। यानी जीते जी उसकी कद्र नहीं होती और मौत के बाद उसे हजारों रूपये के चेक काटकर थमाने की कोशिश होती है। और आगरा की तहसीलों में तो एक और नई करतूत ने अन्नदाता का उपहास उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ओलावृष्टि की राहत राशि देने के लिए तहसील के जिम्मेदारों ने चेक बनाकर जारी कर दिए। ये कोशिश भी नहीं की कि जिन किसानों के चेक बनाए हैं, वह अब इस दुनिया में हैं भी या नहीं।

51 मृतक किसानों के बनाए चेक
मामला सदर तहसील से जुड़ा है। ब्लॉक अकोला के करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों को ओलावृत्ति के चेक ही नहीं मिले हैं। इन्हीं गांवों के 51 ऐसे किसानों के चेक जारी कर दिए गए हैं, जो अब इस दुनिया में जिंदा नहीं है। खास बात ये है कि संबंधित लेखपाल इन चेकों को कैश कराने की फिराक में था। हालांकि लेखपाल को सफलता नहीं मिली। मामला संज्ञान में आने के बाद एक बार तो अधिकारियों ने इसे दबाए जाने का प्रयास किया, लेकिन दबा नहीं सके। आखिर में कार्रवाई के नाम पर लेखपाल को निलंबित कर दिया। जबकि आरोप पत्र में इसका उल्लेख नहीं किया है।

आरोप पत्र का नहीं दिया है जवाब
एसडीएम सदर ने आरोपी लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को आरोप पत्र दिया था, जिसका जवाब उसे देना है, लेकिन अभी तक आरोप पत्र का जवाब नहीं दिया है। इधर, लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को बहाल किए जाने के लिए अधिकारियों पर भाजपा नेता दबाव बना रहे हैं।

सूखा और ओलावृष्टि का आया था बजट
वर्ष 2015- 16 में ओलावृत्ति और सूखा राहत के लिए 88 करोड़ से अधिक का बजट आया था। इस बजट के वितरण की जानकारी शासन को दी जा चुकी है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

51 मृतक किसानों के बनाए चेक
मामला सदर तहसील से जुड़ा है। ब्लॉक अकोला के करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों को ओलावृत्ति के चेक ही नहीं मिले हैं। इन्हीं गांवों के 51 ऐसे किसानों के चेक जारी कर दिए गए हैं, जो अब इस दुनिया में जिंदा नहीं है। खास बात ये है कि संबंधित लेखपाल इन चेकों को कैश कराने की फिराक में था। हालांकि लेखपाल को सफलता नहीं मिली। मामला संज्ञान में आने के बाद एक बार तो अधिकारियों ने इसे दबाए जाने का प्रयास किया, लेकिन दबा नहीं सके। आखिर में कार्रवाई के नाम पर लेखपाल को निलंबित कर दिया। जबकि आरोप पत्र में इसका उल्लेख नहीं किया है।

आरोप पत्र का नहीं दिया है जवाब
एसडीएम सदर ने आरोपी लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को आरोप पत्र दिया था, जिसका जवाब उसे देना है, लेकिन अभी तक आरोप पत्र का जवाब नहीं दिया है। इधर, लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को बहाल किए जाने के लिए अधिकारियों पर भाजपा नेता दबाव बना रहे हैं।

Published in Uttar Pradesh
Page 1 of 326

Media News

  • Bollywood
  • Life Style
  • Trending
  • +18
Post by Source
- Mar 28, 2017
मुंबई। कई दिनों से सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा की लड़ाई सुर्ख़ियों में है। बात यहां तक पहुंच गयी कि लगा कपिल शर्मा का शो ...
Post by Source
- Mar 28, 2017
अगर आप चमकीले और साफ-सुथरे दिखने वाले फल खरीद रहे हैं तो चौकन्ने हो जाएं। ये फल शरीर को ताकत देने ...
Post by Source
- Mar 28, 2017
एटीएम का इस्‍तेमाल हम सभी करते हैं। जब भी पैसे निकालने की जरूरत पड़ी, एटीएम गए और पैसे निकाल लिए। यह कितना आसान है। ...
Post by Source
- Mar 26, 2017
पुरूष-महिला के रिश्ते के दौरान संभोग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका आनंद हर कोई उठाना चाहता है। लेकिन इससे होने वाले दर्द की ...

Living and Entertainment

Newsletter

Quas mattis tenetur illo suscipit, eleifend praesentium impedit!
Top
We use cookies to improve our website. By continuing to use this website, you are giving consent to cookies being used. More details…