ब्रेकिंग... योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर पहुंचते ही एक अजीब सा माहौल पैदा हो गया है जो की संपूर्ण जिले को जोश से लबरेज कर दे रहा है योगी आदित्यनाथ ने अभी अभी एक घोषणा की है जो कि प्रत्येक हिंदू को रोमांचित कर देगा .. कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वालो को सरकार देगी एक लाख : योगी, प्रदेश में कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिये भवन बनाने की ऐलान, प्रदेश में सबका साथ सबका विकास की योजना पर काम करेंगी भाजपा सरकार : मुख्यमंत्री, तुष्टीकरण नही किया जायेगा : योगी

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गोरखपुर ...योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही संपूर्ण विश्व की निगाहें उत्तर प्रदेश के इस कद्दावर नेता के ऊपर बैठ गई हैं क्योंकि योगी आदित्यनाथ ने अपने संपूर्ण राजनैतिक कैरियर में अपने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं किया और इसी स्वाभिमान का नतीजा था कि इस हिंदुत्व के संरक्षक को भारत के सबसे बड़े प्रदेश की मुख्यमंत्री के तौर पर बैठाया गया...... योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के रास्ते इतनी आसान नहीं थे , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक सभा में केसरिया होली खेलने की बात कही थी परंतु योगी आदित्यनाथ के लिए अटकलों का बाजार इतना तेज था कि कोई नहीं सोच सकता था कि योगी मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होंगे... बीच-बीच में मीडिया ने कई लोगों का नाम उछाला परंतु संघ और भारतीय जनता पार्टी के बोर्ड ने योगी आदित्यनाथ पर अपनी मुहर लगा दी इस बीच एक प्रकरण याद आता है कि कभी बड़बोले आजम खान ने योगी आदित्यनाथ को ललकारा था और उन्हें चेतावनी दी थी कि अपनी मर्दा नियत साबित करें योगी आदित्यनाथ ने आजम खान को ही नहीं वरन अपने संपूर्ण आलोचकों को दिखा दिया कि वह क्या है... क्या था प्रकरण आजम ने कहा मर्द हो तो साबित करें योगी कभी आजम खान ने योगी आदित्यनाथ के बारे में कहा था कि वो पहले अपने मर्द होने का सबूत दें।आजम खान के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कौन मर्द है, कौन नहीं है, यह आजम खां नहीं तय करेगा। यह बहुत पहले तय हो चुका है। आजम खां को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उनका इस प्रकार का बयान साबित करता है कि मानसिक रुप से स्वस्थ व्यक्ति इस तरह का बयान नहीं दे सकता है। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति ही ऐसा बयान दे सकता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को सुझाव देता हूं आजम खान को किसी पागलखाने में भर्ती करें और मंत्री पद से बर्खास्त करें। योगी आदित्यनाथ ने आजम खान के बयान पर ट्वीट करके भी उनपर निशाना साधा था।

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जय श्री राम शुभ मंगलवार भारत माता की जय ॐ हनुमते नमः वो कत्ल करते रहे और हमने पूछ दिया तो हमे ही दंगाई बना दिए पिछले 15 साल में कल की होली थी की यूपी में कहि साम्प्रदयिक तनाव नही हुवा जबकि यूपी में अभी तक बीजेपी सरकार शपथ ग्रहण भी नही किया है कभी डी जे का प्रतिबन्ध कभी आजमखान को कुम्भ का प्रबन्धन कभी कावड़ियों पर रोक कभी 84 कोशी परिक्रमा पर प्रतिबन्ध राम जुलुस नही निकाल सकते कल चाहे हिन्दू इलाका हो या मुस्लिम लाइट नही कटी अगर कहि फाल्ट न रहा हो तो अगर माता पिता अपने बच्चों का सम्मान में भेदभाव करे तो उस परिवार में माता पिता का ही धीरे सम्मान कम हो जाता हैं और सरकार जनता के साथ यह करके कैसे बची रह सकती हैं । बीजेपी सरकार क्या करती हैं या नही करती है यह तो समय बताएगा पर यूपी की जनता अपने दम पर आजादी पा ली अब मन्दिर से लाउड स्पीकर नही उतारा जायेगा हिन्दू त्योहारों पर प्रतिबन्ध नही लगेगा ला एन्ड ऑर्डर भी सही होगा और कोई नेता आपकी जमीन कब्जा नही करेगा और अगर बीजेपी अपने घोषणा पत्र पूरा कर दी तो बोनस होगा बस यूपी का सी यम हिंदुत्व वादी हो हर हर महादेव बी एस त्रिपाठी राष्ट्रीय संयोजक तिरपाल से मन्दिर निर्माण मुहीम अयोध्या

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ईवीएम से छेड़छाड़ की बात सरासर गलत है। (भ्रामक सूचनाओं से बचने हेतु) 1.ईवीएम में इंटरनेट का कोई कनेक्शन नहीं होता है, इसलिए इसे ऑनलाइन होकर हैक नहीं किया जा सकता। 2.किस बूथ पर कौन सा ईवीएम जायेगा, इसके लिए रैंडमाइजेसन की प्रक्रिया होती है, अर्थात््सभी ईवीएम को पहले लोकसभा वार फिर विधानसभा वार और सबसे अंत में बूथवार निर्धारित किया जाता है और पोलिंग पार्टी को एक दिन पहले डिस्पैचिंग के समय ही पता चल पाता है कि उसके पास किस सीरिज का ईवीएम आया है। ऐसे में अंतिम समय तक पोलिंग पार्टी को पता नहीं रहता कि उनके हाथ में कौन सा ईवीएम आने वाला है। 2. बेसिक तौर पर ईवीएम में दो मशीन होती है, बैलट यूनीट और कंट्रोल यूनीट......वर्तमान में इसमें एक तीसरी यूनिट वीवीपीएटी भी जोड़ दिया गया है, जो सात सेकंड के लिए मतदाता को एक पर्ची दिखाता है जिसमें ये उल्लेखित रहता है कि मतदाता ने अपना वोट किस अभ्यर्थी को दिया है। ऐसे में अभ्यर्थी बूथ पर ही आश्वस्त हो सकता है कि उसका वोट सही पड़ा है कि नहीं। 3. वोटिंग के पहले सभी ईवीएम की गोपनीय जांच की जाती है और सभी तरह से आश्वस्त होने के बाद ही ईवीएम को वोटिंग हेतु प्रयुक्त किया जाता है। 4. सबसे बड़ी बात वोटिंग के दिन सुबह मतदान शुरु करने से पहले मतदान केन्द्र की पोलिंग पार्टी द्वारा सभी उम्मीदवारों के मतदान केन्द्र प्रभारी या पोलिंग एंजेट के सामने मतदान शुरु करने से पहले मॉक पोलिंग की जाती है और सभी पोलिंग एंजेट से मशीन में वोट डालने को कहा जाता है ताकि ये जांचा जा सके कि सभी उम्मीदवारों के पक्ष में वोट गिर रहा है कि नहीं। ऐसे में यदि किसी मशीन में टेंपरिंग या तकनीकि गड़बड़ी होगी तो मतदान के शुरु होने के पहले ही पकड़ ली जायेगी। मॉक पोल के बाद सभी उम्मीदवारों के पोलिंग एंजेट मतदान केन्द्र की पोलिंग पार्टी के प्रभारी को सही मॉक पोल का सर्टिफिकेट देते है। इस सर्टिफिकेट के मिलने के बाद ही संबंधित मतदान केन्द्र में वोटिंग शुरु की जाती है। ऐसे में जो उम्मीदवार ईवीएम में टैंपरिंग की बात कर रहे है वे अपने पोलिंग एंजेट से इस बारे में बात कर आश्वस्त हो सकते है................. मतदान शुरु होने के बाद मतदान केन्द्र में मशीन के पास मतदाताओं के अलावा मतदान कर्मियों के जाने की मनाही होती है, वे ईवीएम के पास तभी जा सकते है जब मशीन की बैट्री डाउन या कोई अन्य तकनीकि समस्या होने पर मतदाता द्वारा सूचित किया जाता है। हर मतदान केन्द्र में एक रजिस्टर बनाया जाता है, इस रजिस्टर में मतदान करने वाले मतदाताओं की डिटेल अंकित रहती है और रजिस्टर में जितने मतदाता की डिटेल अंकित होती है, उतने ही मतदाताओं की संख्या ईवीएम में भी होती है। काउंटिंग वाले दिन इनका आपस मे मिलान मतदान केंद्र प्रभारी (presiding officer) की रिपोर्ट के आधार पर होता है.... 5. सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम टैंपरिंग से संबंधित जितने भी मामले पहले आये उनमें से किसी भी मामले में ईवीएम में टैंपरिंग सिद्व नहीं हो पायी है। स्ंवय चुनाव आयोग आम लोगों को आंमत्रित करता है कि वे लोग आयोग जाकर ईवीएम की तकनीक को गलत सिद्व करने हेतु अपने दावे प्रस्तुत करे। लेकिन आज तक कोई भी दावा सही सिद्व नहीं हुआ है।

धर्म का ज्ञान न होनेवाले रामगोपाल वर्मा ने ट्वीट कर कहा, ’भांग पीने के लिए लोग मनाते है होली’ ! फिर एक बार रामगोपाल वर्मा ने किया हिन्दू धर्म का अपमान ! क्या अन्य धर्मियों के त्यौहारों पर एेसा वक्तव्य करने का साहस रामगोपाल वर्मा कभी कर सकते है ? हिन्दुआें, एेसे हिन्दुद्वेषी निर्देशकों के फिल्मों पर बहिष्कार डालें – सम्पादक, हिन्दूजागृति होली के दिन निदेशक राम गोपाल वर्मा ने हिन्दू धर्म का अनादर करनेवाला विवादित ट्वीट किया है । उन्होंने ट्वीट में कहा है, होली मनाने वालों को पता ही नहीं वह होली क्यों मना रहे है ? लोग तो केवल भांग पीने के कारण होली मनाते है।

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- Mar 28, 2017
मुंबई। कई दिनों से सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा की लड़ाई सुर्ख़ियों में है। बात यहां तक पहुंच गयी कि लगा कपिल शर्मा का शो ...
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- Mar 28, 2017
अगर आप चमकीले और साफ-सुथरे दिखने वाले फल खरीद रहे हैं तो चौकन्ने हो जाएं। ये फल शरीर को ताकत देने ...
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- Mar 28, 2017
एटीएम का इस्‍तेमाल हम सभी करते हैं। जब भी पैसे निकालने की जरूरत पड़ी, एटीएम गए और पैसे निकाल लिए। यह कितना आसान है। ...
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- Mar 26, 2017
पुरूष-महिला के रिश्ते के दौरान संभोग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका आनंद हर कोई उठाना चाहता है। लेकिन इससे होने वाले दर्द की ...

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