फ्लाइंग स्कावायड टीम ने वाहन चेकिंग में पकड़ा १० लाख ४४ हजार  वाहन को सीज कर रुपये को किया जब्त रवि कंस्ट्रक्शन के मालिक के गाड़ी से बरामद हुए रुपये फोरेलेन स्थित जेटी बाबू तिराहे पर चेकिंग के दौरान हुई कार्रवाई फोटो है। जेटी तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान लग्जरी गाड़ी से रुपये बरामद करती पुलिस।  कसया।  आदर्श चुनाव आचार संहिता के पालन कराने को लेकर प्रशासन काफी गंभीर है। जिसको लेकर जगह-जगह राजनीतिक होर्डिंग,बैनर और पोस्टर उतारवाने और चौक-चौराहों पर वाहनों की निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार की सुबह करीब ११ बजे स्थानीय पुलिस के साथ फ्लाइंग स्कावाड टीम ने एक लग्जरी गाड़ी से १० लाख ४४ हजार रुपये बरामद किए। पुलिस ने गाड़ी को सीज करते हुए रुपये को जब्त कर लिया। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।  एनएच-२८ पर कुशीनगर के जेटी बाबू तिराहे पर फ्लाइंग स्कावायड टीम और स्थानीय प्रशासन की ओर से मंगलवार की सुबह से ही वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान करीब ११.० बजे गोरखपुर की तरफ से एक लग्जरी गाड़ी तिराहे पर पहुंची कि मौजूद टीम की पुलिस ने गाड़ी को रोक लिया। गाड़ी की जांच-पड़ताल में १० लाख रुपये ४४ हजार रुपये पुलिस ने बरामद किया। गाड़ी में बैठा व्यक्ति अपने को रवि कंस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक और नाम रविंद्र सिंह मुजफ्फरनगर बता रहा था। प्रशासन को रविंद्र सिंह देवरिया-कसया मार्ग पर चल रहे कार्य में मजदूरों को मजदूरी देने के लिए ले जाने की दलील दे रहा था। वहीं प्रशासन दलील को इनकार करते हुए गाड़ी को थाने लाकर सीज की कार्रवाई करते हुए रुपये को जब्त कर जांच-पड़ताल में जुटी है। इस संबंध में फ्लाइंग स्कावायड टीम के मजिस्टे्रट धीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि पकड़े गए लग्जरी गाड़ी सहित मालिक के विरूद्ध जरूरी कार्रवाई कर मामले की रिपोर्र्ट पहुंचा दी गई है।  वाहन चेकिंग के दौरान एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, तहसीलदार सुक्रमा प्रसाद विश्वकर्मा, थाना प्रभारी विनय कुमार पाठक, चौकी इंचार्ज कुशीनगर संजय कुमार मिश्र, लेखपाल ब्रजेश मणि त्रिपाठी, रमेश पुरी, राहुल कुमार आदि मौजूद रहे।  

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अमेठी ---- गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (उ0प्र0) से विधानपरिषद सदस्य के प्रत्याशी डा0 संजयन त्रिपाठी को अधिक पैसे के साथ अमेठी की उड़नदस्ता मजिस्ट्रेट टीम ने आज दोपहार मे जामो थाना क्षेत्र के गौरीगंज तहसील के बार्डर पर तलाशी के दौरान पकड़ा उनके गाडी में रखे हुए थे दो लाख ऐकसठ हजार सौ रूपए । सूत्रों के अनुसार उनसे पूछताछ के लिए जामो थाने लाये गए त्रिपाठी । वही मौके पर पहुँचे सीओ सिटी लाल प्रताप सिंह गौरीगंज व गौरीगंज उपजिलाधिकारी प्रियंका सिंह व उड़नदस्ता मैजिस्ट्रेट आर के यादव व जामो थाना की टीम कररही पूछताछ ।

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*मायावती के खिलाफ EC से शिकायत, बसपा की मान्यता खत्म करने की मांग लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा के एक पदाधिकारी ने विधानसभा चुनाव टिकट वितरण में धर्म और जाति का विवरण देकर सु्प्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में बसपा मुखिया मायावती के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य नीरज शंकर सक्सेना ने आज यहां बताया कि उन्होंने गत शनिवार को केन्द्रीय निवार्चन आयोग को मायावती के खिलाफ एक शिकायत भेजी है। उन्होंने बताया कि शिकायत में कहा गया है कि पिछले साल 24 दिसम्बर और गत तीन जनवरी को मायावती ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी पार्टी द्वारा जाति तथा धर्म के आधार पर टिकट बांटे जाने का विवरण दिया था। इसके अलावा वह प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में एक किताब भी बंटवा रही हैं, जिसमें लिखा है कि मुस्लिम समाज का सच्चा हितैषी कौन, फैसला आप करें। सक्सेना ने बताया कि मायावती का यह आचरण सुप्रीम कोर्ट के उन आदेशों के खिलाफ है जिसमें धर्म, जाति, भाषा या वर्ग के आधार पर वोट मांगने को गलत ठहराया गया था। भाजपा नेता ने आयोग से मांग की है कि वह एक पार्टी के रूप में बसपा की मान्यता खत्म करें। मायावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और और जो अन्य भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है, की जाए। गौरतलब है कि मायावती ने हाल में अपने संवाददाता सम्मेलनों में कहा था कि उनकी पार्टी ने 87 दलितों, 97 मुसलमानों तथा 106 अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियों को चुनाव के टिकट दिए हैं। इसके अलावा बाकी 113 सीटों पर अगड़ी जातियों को टिकट दिए गए  हैं। इनमें ब्राह्मणों को 66, क्षत्रियों को 36, कायस्थ, वैश्य और सिख बिरादरी के 11 लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है।

अखिलेश को तो नहीं मिलेगी मुलायम की साइकिल। आखिर किधर जाएंगे आजम खान। 8 जनवरी को मुलायम सिंह यादव दिल्ली पहुंच गए हैं। 9 जनवरी को मुलायम चुनाव आयोग में उपस्थित होकर साइकिल चुनाव चिन्ह पर अपना दवा जताएंगे। इससे पहले अखिलेश यादव की ओर से रामगोपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, विधायकों, सांसदों आदि के कोई 5 हजार शपथ पत्र चुनाव आयोग में प्रस्तुत कर दिए। जानकारों की माने तो अखिलेश यादव को साइकिल का चिन्ह नहीं मिलेगा। भले ही अखिलेश की ओर से सपा के 80 प्रतिशत प्रतिनिधियों के हलफनामे आयोग में दे दिए गए हो। आयोग इन शपथ पत्रों की सत्यता जांच करने के बाद ही कोई निर्णय लेगा। जांच में कम से कम 6 माह का समय लगेगा। तब तक तो यूपी विधानसभा चुनाव के परिणाम भी आ जाएंगे। सिंधीकेट कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन के समय भी अलग हुए गुट को पुराना चुनाव चिन्ह नहीं मिला था। यह बात मुलायम सिंह यादव को भी पता है कि साइकिल का चिन्ह अखिलेश को नहीं मिलेगा। मुलायम की चिन्ता साइकिल चिन्ह के जब्त होने की है। मुलायम को लगता है कि केन्द्र में भाजपा की सरकार है, इसलिए आयोग पर अप्रत्यक्ष दबाव तो रहेगा ही। विवाद स्थिति को देखते हुए आयोग साइकिल चिन्ह को जब्त भी कर सकता है। ऐसे में मुलायम को भी अपने उम्मीदवारों के लिए नया चिन्ह लेना पड़ेगा। अखिलेश गुट तो पहले से ही मोटर साइकिल चिन्ह लेने का मन बना चुका है। अखिलेश गुट तो साइकिल चिन्ह के जब्त होने को ही अपनी जीत मानता है। किधर जाएंगे आजम विवाद सुलझाने की आड़ में आजम खान अब तक तो दोनों गुटों के हिमायती नजर आ रहे थे। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि पिता-पुत्र में कोई समझौता नहीं होगा। मुलायम सिंह यादव जिस तरह से अमर सिंह पर आश्रित हुए हैं, उससे तो आजम खान बेहद नाराज हैं। 8 जनवरी को भी मुलायम ने दिल्ली में शिवपाल, अमर सिंह और जयप्रदा के साथ ही बैठक की। सब जानते हैं कि आजम खान तो अमर सिंह और जयप्रदा के घोर विरोधी हैं। दोनों पर गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं। अब जब मुलायम पूरी तरह अमर-जया की जोड़ी पर आश्रित हो गए हैं तो फिर आजम खान किसी भी कीमत पर मुलायम के साथ नहीं जा सकते। इसमें कोई दो राय नहीं कि यूपी के मुसलमान मतदाताओं पर आजम की अच्छी पकड़ है। यदि नरेश अग्रवाल की तरह आजम ने भी अखिलेश गुट का साथ दिया तो मुलायम सिंह की स्थिति और कमजोर हो जाएगी। एस.पी.मित्तल) (08-01-17)

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चुनाव अचार संहिता का लाभ उठाने के फिराक मे शिक्षा विभाग पडरौना कुशीनगर ।प्रदेश सरकार द्वारा सभी परिषदीय स्कूलो मे बच्चो को बैग निःशुल्क बाटने का स्किम लागु किया गया है । बता दे कि इतने चतुर शिक्षा विभाग के लोग है कि स्कुल मे बच्चो कि संख्या तो नाम मात्र कि है परन्तु बैग लेने के लिए लम्बी लिस्ट तैयार कर वैग प्राप्त कर लिए है उसके बाद प्रदेश मे चुनाव अचार संहिता लागु हो गया है अब वे.शिक्षक इस ताक झाक मे लगे है कि अब हम लोग इसको कैसे बच्चो मे बितरण करे क्योकि बच्चो कि संख्या तो नाम मात्र कि है बैग बहुत अधिक लिया गया है वे शिक्षक गण लोग अपने सहयोगियो को बजार मे उतार दिये.है ब्लैक मे बेचने के लिए वे दुकानो पर जाकर बैग कि किमत पछते फिर रहे यह कितनु शर्म कि बात है उतना अधिक वेतन मिलने के वावजुद भी सरकार द्वारा चलाए गये योजना को चुना लगाने मे तुले है क्या होगी बैग कि किमत उसके वावजुद भी गलत आकड़े देकर अधिक बैग उठाना उसके बाद छुप कर बाजार मे बेचना कितना शर्म कि बात है । यह बताना जररी है कि शिक्षा के बिना सब अधुरा है उसके वावजुद भी शिक्षक ही ऐसे कार्यो को अंजाम देने पर तुले है तो उनसे बच्चो के भबिष्य के लिए क्या उम्दि किया जा सकता है । साथ हि साथ यह बता दे कि बैग को रखने के लिए विद्मालय मे प्रयाप्त जगह है लेकिन चतुर लोग बैग को अपने अपने घर लाकर.रख लिए है कि आसानी से बाजार तक पह़ुच जाय वहीं शिक्षक लोग अपने सहयोगियो के साथ इस कार्य को अन्जाम देने मे लगे है। इनको तो अब सोचना चाहिए कि एम डी एम ,सफाई ,रंगाई चारदिवारी डेस थाली दुध यह सब लागातार पाँच साल तक बिना रोक टोक डकारते रहे इस बैग बितरण मे तो कुछ इमानदारी दिखा दे वास्तव मे देखा जायतो इस मामले मे विशुन पुरा बिकास खण्ड को सबसे अधिक अंक मिल सकती है

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