गोरखपुर : परिवर्तन संसार का नियम है। दैवी साम्राज्य के बाद आसुरी साम्राज्य तथा आसुरी साम्राज्य के बाद दैवी साम्राज्य का आना अटल है। नाजुक समय के इस दौर में कई आत्माएं दिव्य कर्मो के पथ पर चलकर परिवर्तन में सहयोगी बनती हैं। ऐसे ही थे दादा लेखराज उर्फ प्रजापिता ब्रह्मा। वह नवसृष्टि के सृजनहार थे। यह बातें बीके पुष्पा ने कही। वह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मोहद्दीपुर केंद्र में बुधवार को आयोजित संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा के निर्वाण दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि 1876 में सिंध में लेखराज नाम से जन्म लिए दादा का व्यक्तित्व धीरे-धीरे निखरने लगा। अचानक उनमें एक दिव्य परिवर्तन आया और उन्होंने सभी ऐश्वर्य का त्याग कर दिया। उनके भीतर आत्म ज्योति जागृत हुई और उन्होंने पूरी मानवता को दु:खों से मुक्त कराने के संकल्प के साथ संस्था का गठन किया। इसकी जिम्मेदारी उन्होंने कुमारियों को सौंपी। बाद में वह प्रजापिता ब्रह्मा के नाम से जाने गए। 18 जनवरी 1969 को उनका शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। कार्यक्रम में पहुंची महापौर डा. सत्या पांडेय ने बाबा पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Published in Gorakhpur

लखनऊ/इटावा। समाजवादी पार्टी में मचा विवाद थमने के बाद अब सब एक जुट होते हुए दिख रहे हैं। हाल ही में मुलायम सिंह यादव के भतीजे और शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव ने एक पोस्टर अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर किया है। जिसमें एक बार फिर से यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए लोगों से गुजारिश कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी में मचे सत्ता संग्राम के बाद अब ऐसा माना जा रहा है कि अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी का सिंबल मिलने और 1 जनवरी के अधिवेशन को वैधानिक मानकर मानने के बाद नए सिरे से जोशोखरोश देखा जा रहा है क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने अपने आप को संरक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका में स्वीकार कर लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अखिलेश यादव की ताजपोशी के बाद अब समाजवादी पार्टी में स्पूर्ति आ गई है लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी का एक बार होना है। परिवार में चले घमासान के बीच कुछ नहीं है लेकिन मुलायम सिंह यादव ने जिस दिन से सभी लोगों को चुनाव में जाने के लिए छूटने के लिए कहा है, उसको देख कर के यही कहा जा सकता है कि आप एक बार फिर से समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की तैयारी में जुट गई है। मुलायम और अखिलेश परिवार के बीच हुए विवाद के बाद विलेन की भूमिका में सामने आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य यादव ने एक पोस्टर अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। यह पोस्ट आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पोस्टर में जहां मुलायम सिंह यादव की तस्वीर को जगह मिली हुई है मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर को जगह मिली हुई है भाई आदित्य यादव ने अपने पिता शिवपाल सिंह यादव को भी जगह दी ए खुदा रेत यादव की भी एक फोटो इसमें दर्शाई गई है आदित्य यादव ने इस पोस्टर के जरिए एक बार फिर से उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार विकास के जरिए बनाने की लोगों से अपील की है। लगातार इस तरीके की खबर निकालकर के सामने आ रही है कि मुलायम परिवार की परंपरागत जसवंतनगर विधानसभा सीट से शिवपाल सिंह यादव की जगह उनके पुत्र आदित्य यादव को टिकट दी जा रही है लेकिन ऐसा सिर्फ खबरों में ही बताया जा रहा है कि की अधिकारिक तौर पर अभी इस बात की पुष्टि और तस्दीक नहीं हो पाई है। बताते चले कि शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव पीसीएफ के चैयरमैन हैं।

Published in Gorakhpur

नई दिल्ली (टीम डिजिटल): आरजेडी चीफ लालू प्रसाद ने अपनी पार्टी के आसन्न उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं खडा करने की बात को दोहराते हुए आज कहा कि वे समाजवादी शक्ति की जीत सुनिश्चित करने के लिए अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार करेंगे। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रघुनाथ झा के फिर से राजद में शामिल होने के अवसर पर लालू ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि भगवाधारी पार्टी की हार सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे। राजद प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव केवल एक राज्य का चुनाव नहीं बल्कि पूरे देश का है। उत्तर प्रदेश में भाजपा की हार सुनिश्चित करने के बाद हम 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भगवाधारी पार्टी को उखाड फेंकेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी शक्ति की जीत के लिए संयुक्त रूप से काम करने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री (जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष) नीतीश कुमार से बात करेंगे। लालू ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री पर प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विरोध में राजद द्वारा पटना में शीघ्र ही आयोजित की जाने वाली रैली में वे समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और वामदलों के नेताओं को बुलाएंगे। उन्होंने नोटबंदी के कारण लोगों को अभी भी हो रही कठिनाईयों का जिक्र करते हुए कहा कि गैर संगठित क्षेत्र के 40 हजार से अधिक मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।

Published in Gorakhpur

एक तरफ वोटर को लुभाने, उनकी सोच पर असर डालने के लिए राजनीतिक पार्टियां तरह-तरह के आॅनलाइन अभियान चलाए हुए हैं, दूसरी तरफ पूरी चुनाव प्रक्रिया को अधिक से अधिक पारदर्शी बनाए रखने की कोशिश में चुनाव आयोग ने भी हाईटेक अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है. जल्द ही चुनाव आयोग आम जनता के लिए एक मोबाइल एप 'एमवोटर' के नाम से जारी करने जा रहा है. इसके माध्यम से यूपी का कोई भी मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रत्याशियों के बारे में जानकारी के साथ ही तमाम सुविधाओं का लाभ उठा सकता है. आमजनता के लिए जारी इस एप के माध्यम से आयोग मतदान के दिन एसएमएस करके जानकारी देगा. इस एप को व्यक्ति को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा. इसके माध्यम से वोटर सर्च, अपने प्रत्याशी के बारे में जानकारी, बूथ के बारे में जानकारी और मैप के साथ नोटिफिकेशन रजिस्टर भी किया जा सकता है. एप को डाउनलोड करने के बाद वोटर को अपना वोटर आईडी नंबर और मोबाइल नंबर एप पर रजिस्टर करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद मतदाता किसी भी वोटर के बारे में जानकरी ले सकेंगे. अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिल गर्ग के अनुसार इस एप पर उन सभी प्रत्याशियों की जानकारी उपलब्ध होगी, जिनकी नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी होगी. मतदाता इसी एप पर मैप के जरिए अपना बूथ भी ढूंढ़ सकता है. साथ ही वोटर पर्ची भी यहीं से डाउनलोड की जा सकती है. यही नहीं बूथ की मतदाता सूची भी इसी एप पर दिखेगी.

Published in Uttar Pradesh

भारतीय जनता पार्टी में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है. सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए घोषित की गई 149 प्रत्याशियों की सूची के बाद से ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है. इसी क्रम में बुधवार को शाहजहांपुर के रहने वापे भाजपा कार्यकर्ता राकेश दुबे ने लखनऊ पार्टी ऑफिस के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की. राकेश दुबे पार्टी से टिकट चाहता था, लेकिन पहली लिस्ट में उसका नाम नहीं था. जिस वजह से नाराज राकेश ने आज आत्मदाह की कोशिश की. बता दें पुरे प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं का यही आलम है. बीजेपी में टिकट के लिए एक-एक सीट पर सैकड़ों प्रत्याशी अपनी दावेदारी ठोंक रहे हैं. इतना ही नहीं कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कई सालों से पार्टी की सेवा कर रहे कार्यकर्ताओं को अनदेखा करते हुए दल-बदलुओं को टिकट दिया गया है. इससे पहले मंगलवार को कासगंज में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने ही नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह आदि की तस्वीर पर कालिख पोत डाली और चप्पल चलाए. यही नहीं बरेली में भी टिकट बंटवारे से नाखुश नेता ने संगठन के पद से इस्तीफा दे दिया. कासगंज में पटियाली सीट से बीजेपी ने ममतेश शाक्य को प्रत्याशी घोषित किया है. ममतेश 2012 में बसपा के टिकट पर अमापुर से विधायक बने थे. हाल ही में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की है. इस सीट से पार्टी के श्याम सुंदर गुप्ता अपनी दावेदारी कर रहे थे. टिकट की घोषणा के बाद श्याम सुंदर के समर्थकों की तरफ से मंगलवार को पार्टी के पोस्टर पर पीएम मोदी के चेहरे पर कालिख पोती गई. तस्वीर में साफ दिख रहा है कि कार्यकर्ता हाथ में चप्पल लेकर अपना रोष व्यक्त कर रहे हैं. उधर इस संबंध में श्याम सुंदर गुप्ता की तरफ से साफ कहा गया है कि उनका इस विरोध से कोई लेना देना नहीं है, ये कार्यकर्ता हैं जो अपना रोष व्यक्त कर रहे हैं. उधर बरेली में टिकट बंटवारे को लेकर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के साले वीरेंद्र ने बीजेपी महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. बरेली में ही प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही बीजेपी के जिला महामंत्री धीरेंद्र सिंह वीरू ने पद से इस्तीफा दे दिया है. धीरेंद्र बसपा छोड़ बीजेपी में पिछले दिनों आए केसर सिंह को नवाजगंज से टिकट दिए जाने से क्षुब्ध हैं. उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच सात चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल और समाजवादी पार्टी के अखिलेश धड़े के बीच गठबंध के बावजूद बहुकोणीय मुकाबला देखने कोमिलेगा. केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद जिस तरह से बीजेपी को दिल्ली और बिहार में करारी शिकस्त कासामना करना पड़ा है, वैसे में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.मुख्यमंत्री चेहरे को सामने न लाकर एक बार फिर बीजेपी ने पीएम मोदी के चेहरे पर दांव खेला है. इसका कितना फायदाउसे इन चुनावों में मिलेगा वह 11 मार्च को सामने आ ही जाएगा. इस बार उत्तर प्रदेश चुनावों में समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के अलावा प्रदेश की कानून व्यवस्था, सर्जिकलस्ट्राइक, नोटबंदी और विकास का मुद्दा प्रमुख रहने वाला है. जहां एक ओर बीजेपी और बसपा प्रदेश की कानून व्यवस्थाको लेकर अखिलेश सरकार को घेर रही हैं, वहीँ विपक्ष नोटबंदी के फैसले को भी चुनावी मुद्दा बना रहा है. यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं. 2012 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने 224 सीट जीतकर पूर्ण बहुमतकी सरकार बनाई थी. पिछले चुनावों में बसपा को 80, बीजेपी को 47, कांग्रेस को 28, रालोद को 9 और अन्य को 24 सीटेंमिलीं थीं. ​

Published in Uttar Pradesh
Page 1 of 30

Media News

  • Bollywood
  • Life Style
  • Trending
  • +18
Post by Source
- Jan 18, 2017
जेएनयू में देशद्रोही नारों के समर्थन में रही बंगाल की ये अभिनेत्री आजकल शूर्खियो में हैं मगर इस बार ये अपने हॉट फोटोशूट ...
Post by Source
- Jan 18, 2017
चावल के साथ आपने मसूर से चना और भी कई वेराइटी की दाल खाई होगी. प्रोटीन से भरी दाल आपके हेल्थ के लिए ...
Post by सत्य चरण राय (लक्की)
- Jan 19, 2017
सपा-कांग्रेस गटबंधन से छटक सकता है आरएलडी का हेंडपम्प । पहले चरण पश्चिमी यूपी में है अजीत सिंह की पकड़, बसपा-बीजेपी को ...
Post by Source
- Dec 23, 2016
कामेच्छा यदि किसी भी व्यक्ति में सामान्य लेवल से कम होती है तो जीवन में उसके लिए कई परेशानियां पैदा हो जाती हैं। ...

Living and Entertainment

Newsletter

Quas mattis tenetur illo suscipit, eleifend praesentium impedit!
Top
We use cookies to improve our website. By continuing to use this website, you are giving consent to cookies being used. More details…