पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्‍यक्ष ममता बनर्जी को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया में एक मैसेज खूब वायरल हो रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्‍यक्ष ममता बनर्जी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों ममता बनर्जी को लेकर एक मैसेज खूब वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस मैसेज में लिखा है कि क्‍या ममता बनर्जी मुसलमान हैं ? क्‍या उनका असली नाम मुमताज मासामा खातून है। वायरल हो रहे इस मैसेज को लेकर अब सोशल मीडिया पर उनके विरोधियों और समर्थकों के बीच जंग छिड़ गई है। जबकि दूसरी ओर उनके जानकारी और तमाम लोगों का कहना है कि व्‍हाट्सअप ग्रुप पर वायरल हो रहा ये मैसेज कोरी अफवाह। उन्‍हें बदनाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। जबकि इस बात की किसी के पास कोई पुख्‍ता जानकारी नहीं है जो ये दावा कर सके कि ममता मुसलमान हैं। लेकिन, ममता बनर्जी को लेकर ये मैसेज तेजी से सोशल मीडिया में हर ग्रुप, हर शख्‍स के पास पहुंचता जा रहा है। इसमें उनके मुसलमान होने और उनके असली नाम मुमताज मासामा खातून के अलावा ये भी सवाल किया जा रहा है कि क्या उन्होंने जानबूझकर रेल मंत्री पद पर रहते हुए हिन्दू तीर्थ स्थानों पर जाने वाली ट्रेनों को बंद कराने की कोशिश की थी। हालांकि कई मीडिया ग्रुप ने इस वायरल मैसेज की पड़ताल की है जिसमें ये कहा गया है कि उनकी पड़ताल में ये वायरल हो रहा है ये मैसेज पूरी तरह झूठ पर आधारित है। जिसके जरिए लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी भड़काने की कोशिश की जा रही है। आईटीएन भी वायरल हो रहे इस मैसेज की कोई पुष्टि नहीं करता है। साथ ही लोगों को ये हिदायत भी देता है कि इस तरह के मैसेज से खुद को बचाएं। ममता बनर्जी को लेकर वायरल हो रहे मैसेज में ये बताया गया है कि उन्‍हें जितनी अच्‍छी बांग्‍ला आती है उतनी अच्‍छी ही उर्दू भी वो बोल लेती हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के राज में हिंदुओं के कथित अत्‍याचार का भी आरोप लगाया गया है। ममता बनर्जी को मुसलमान बताते हुए मैसेज में कहा गया है कि वो रोज नमाज पढ़ती हैं। लेकिन, पड़ताल में पाया गया है कि ये मैसेज पूरी तरह फर्जी है और सिर्फ लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए ही प्रसारित किया जा रहा है। इस मैसेज में उनकी जो फोटो को इस्‍तेमाल किया गया है उस तरह की कई फोटो गूगल पर पहले से ही मौजूद हैं। ये फोटो ममता बनर्जी के तमाम मुस्लिम कार्यक्रमों में शरीक होने की हैं। जिसमें कुछ फोटो का इस्‍तेमाल वायरल हो रहे मैसेज में किया गया है। रेलवे बोर्ड के मौजूदा अ‍फसर और पूर्व अफसर भी इस बात को कोरी अफवाह बता रहे हैं कि ममता बनर्जी ने रेलमंत्री के पद पर रहते हुए हिन्दू तीर्थ स्थान पर जाने वाली ट्रेन को रोकने की कोशिश की थी। हालांकि इस मैसेज को लेकर सोशल मीडिया में खूब राजनीति भी रही है। वहीं दूसरी ओर लोगों से ये भी अपील की जा रही है कि वो इस तरह के मैसेज से परहेज करें। हालांकि मैसेज को लेकर ममता बनर्जी की जमकर खिंचाई भी की जा रही है। दरअसल, नोटबंदी और चिटफंड घोटाले में टीएमसी के सांसदों की गिरफ्तारी के बाद से ममता बनर्जी बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमला कर रही हैं। जबकि उनके इन हमलों को देश का एक बड़ा वर्ग उनकी फ्रस्‍ट्रेशन करार दे रहा है।

कोलकाता: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने खुलासा किया कि उन्हें ‘जान से मारने’ धमकी मिली है और उनसे मिदनापुर में 19 जनवरी को विद्यासागर विश्वविद्यालय की अंतर कालेज क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग नहीं लेने के लिये कहा गया है. मिदनापुर के स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि जेड आलम नाम के किसी व्यक्ति ने गांगुली की मां निरूपा के नाम पत्र लिखकर इस दिग्गज क्रिकेटर को इस कार्यक्रम से दूर रहने के लिये कहा है. गांगुली को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया है. पत्र में लिखा गया है, ‘‘आपके बेटे को चेतावनी दी जाती है कि वह इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लें. यदि उसने यहां आने का दुस्साहस किया तो आप फिर उसका चेहरा नहीं देख पाओगी.’’ इसकी पुष्टि करते हुए गांगुली ने कहा, ‘‘मुझे सात जनवरी को पत्र मिला और मैंने पुलिस एवं आयोजकों को इसकी सूचना दे दी है.’’ गांगुली को विद्यासागर विश्वविद्यालय और जिला खेल संघ के संयुक्त प्रयास से आयोजित अंतर कालेज क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल के लिये मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया है. बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गांगुली ने हालांकि इस कार्यक्रम में शिरकत करने की बात को खारिज नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘‘देखते हैं, अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है. अगर मैं वहां जाता हूं तो आप सभी को पता चल जायेगा. ’’ पश्चिम मिदनापुर जिले की एसपी भारती घोष ने हालांकि कहा कि उन्हें गांगुली को इस तरह से धमकी भरा पत्र मिलने के बारे में जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में सूचित नहीं किया गया है.’’ पत्र के पीछे का मकसद हालांकि पता नहीं चला है.

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योगी आदित्यनाथ नहीं तो बीजेपी नहीं: मुस्लिम समाज लखनऊ। यूपी के बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने एक पोस्टर जारी कर योगी आदित्यनाथ को यूपी का सीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग की है। अल्पसंख्यक मोर्चा ने चेतावनी भी दी कि अगर उनको सीएम कैंडिडेट बनाने का भाजपा ऐलान नहीं करती है तो मुस्लिम समाज अलग संगठन बनाकर योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा होगा। सोमवार को बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने हजरत नक्को अली शाह बाबा के मजार पर चादरपोशी कर योगी को सीएम कैंडिडेट बनाने की मांग को लेकर पोस्टर जारी किया। इस पोस्टर में लिखा है कि मुस्लिम समाज की एक मांग, योगी नहीं तो बीजेपी नहीं। यही नहीं, योगी आदित्यनाथ को छत्रपति शिवाजी के रूप में दर्शाया गया है। वहीं पोस्टर में ये नारा भी दिया गया है कि ‘अब न करो देर, कहीं अंधेर ना हो जाए, जल्द करो योगीजी को सीएम कैंडिडेट घोषित, कहीं देर न हो जाये।

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बैंड की धुन पर राष्ट्रगान गाना नाजायज, छात्रों का टाई पहनना भी गलत गाजियाबाद मुसलमानों के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान मदरसा दारूल उलूम देवबंद ने फतवा जारी कर मदरसों में वाद्य यंत्रों के साथ राष्ट्रगान गाने को नाजायज बताया है। इसके साथ ही मदरसों के छात्रों के टाई पहनने को भी गलत बताया है। मुरादनगर के दारुल उलूम सादिया नामक मदरसे में अरबी, उर्दू, हदीस के साथ ही कक्षा पांच तक की हिंदी माध्यम में तालीम दी जाती है। मदरसे में छात्रों के लिए कुर्ता-पायजामा के स्थान पर पैंट-शर्ट के रूप में सफेद रंग की ड्रेस निर्धारित की गई है। बच्चे पैंट-शर्ट पहनकर आते हैं, मगर गले में टाई लगाने पर पाबंदी है। मदरसे में आधुनिक शिक्षा प्रणाली के तहत छात्र-छात्राएं एक साथ शिक्षा प्राप्त करते हैं। प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस तिरंगा फहराकर धूमधाम से मनाया जाता है। मदरसे में एक माह पूर्व स्वतंत्रता एवं गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रगान एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी शुरू हो जाती है। मदरसे के प्रधानाचार्य फैजान अली ने आगामी गणतंत्र दिवस पर बैंड व ड्रम की धुन के साथ राष्ट्रगान का आयोजन करने के लिए मदरसा दारुल उलूम देवबंद से सवाल किया था। इसके अलावा उन्होंने मदरसे के छात्रों के टाई पहनने को लेकर भी सवाल किया था। इस संबंध में दारुल उलूम देवबंद ने फतवा जारी कर मदरसों में वाद्य यंत्रों के साथ राष्ट्रगान गाने को नाजायज बताया है। कहा गया है कि ड्रम आदि वाद्य यंत्रों की धुन पर राष्ट्रगान न गाया जाए, यह मुसलमानों के लिए नाजायज है। दारुल उलूम ने फतवे में मदरसे के छात्रों को टाई लगाने से बचने की हिदायत दी है। इस बारे में प्रधानाचार्य फैजान अली ने बताया कि दारुल उलूम ने बैंड के साथ राष्ट्रगान के आयोजन को नाजायज बताया है। अब वह बिना बैंड के ही राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मदरसे में गणतंत्र दिवस मनाएंगे। R.g

गुजरात के महेश शाह के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। अब जानकारी मिली है कि इनकम टैक्स विभाग को मुंबई के एक परिवार ने अपने पास 2 लाख करोड़ काला धन होने की घोषणा की थी। हालांकि इस परिवार ने यह घो‍षणा सरकार की आईडीएस स्कीम के तहत की थी। जिसको उस समय इनकम टैक्स अधिकारियों ने हल्के में लिया था और इसे सिर्फ मजाक माना था। लेकिन गुजरात के व्यापारी महेश शर्मा के सामने आने के बाद इनकम टैक्स विभाग ने इस बारे में जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि आईडीएस स्कीम के तहत कुल 67,382 करोड़ अघोषित आय को कुल 71,726 लोगों ने घोषित किया। पहले सरकार ने अक्टूबर, 2016 को 65,250 crore का आंकड़ा दिया था जिसे 64,275 लोगों ने घोषित किया था।

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