गोवा में लेट ऑफिस आने वाले 14 अफसरों को रेवेन्यू मिनिस्टर रोहन खौंते ने सस्पेंड कर दिया। सभी अफसर दो दिन तक ऑफिस नहीं आ सकेंगे। मिनिस्टर खौंते बुधवार को अपने डिपार्टमेंट के ऑफिस के इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान मपुसा हेडक्वार्टर में कई अफसर मौजूद नहीं थे। खौंते ने देरी से पहुंचे डिप्टी कलेक्टर को भी सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया। मिनिस्टर ने क्या कहा...

- मिनिस्टर ने कहा, ''शहर में ट्रैफिक के ट्रैफिक देखते हुए अफसरों और कर्मचारियों को 15 मिनट देरी से आने की छूट है। लेकिन इसके बाद आने वाले 14 अफसरों को दो दिन के लिए सस्पेंड कर दिया है।''
- ''अगर हमारी सरकार किसी काम को पूरा करने के लिए टाइम लिमिट तय कर रही है तो इसके लिए स्टाफ को वक्त की पाबंदी से चलना चाहिए।''
- बता दें कि इस बार असेंबली इलेक्शन में बीजेपी को 13 सीट मिली थीं। 40 मेंबर वाली असेंबली के फ्लोर टेस्ट में मनोहर पर्रिकर सरकार को 21 MLAs ने सपोर्ट किया था।

कौन हैं मिनिस्टर?
- 43 साल के रोहन खौंते नॉर्थ गोवा के पोरवोरिम से विधायक और जानेमाने बिजनेसमैन हैं।
- गोवा में चौथी बार बनी पर्रिकर सरकार में खौंते को रेवेन्यू मिनिस्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई।

Published in National

उत्तराखण्ड के सरकारी और ग़ैर सरकारी स्कूलों में हज़ारों की संख्या ऐसे शिक्षक हैं जिनके शैक्षिक प्रमाण या तो उत्तराखण्ड में मान्य नहीं या पूरी तरह फ़र्जी हैं। हाल ही में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने शिक्षा विभाग को 217 टीचरों के नामों की सूची सौंपते हुए इनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की है। कहा जा रहा है कि इस मामले की ख़बर अब मुख्यमंत्री टीएसआर को लग गई है और अब उन शिक्षकों की ख़ैर नहीं क्योंकि नए CM ज़रा हटकर हैं और एक्शन मोड में भी।

सूत्रों कि मानें तो शिक्षा विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों का एक कॉकस है, जो ऐसे लोगों की नौकरी लगवाने के गोरखधंधे में लंबे समय से लिप्त है। राज्य के कई जिलों में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज पर नौकरी कर रहे टीचरों के पकड़े जाने पर शिक्षा विभाग के किसी जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई न होना इस संदेह को बल देता है। अब तक सामने आए मामलों में आरोपी टीचरों ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और बिहार आदि राज्यों से बनवाए गए फर्जी प्रमाण पत्र हासिल किये थे। कई ऐसे टीचर भी हैं, जो भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, महिला ग्राम विद्यापीठ प्रयाग(उप्र), जैसे कई गैरमान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की डिग्री पर नौकरी कर रहे हैं। लेकिन अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत इसकी न केवल जांच कराएंगे बल्कि इस बार सभी अधिकारियों को भी नांपने की बात की जा रही है. कहा जा रहा है कि सीएम टीएसआर अधिकारी से लेकर नेताओं तक किसी को भी बख़्शने के मूड में नहीं है और शाह से लेकर पीएम मोदी तक ने उनको सीधे तौर पर संदेश दिया है कि किसी भी तरीके का कोई भी भ्रष्टाचार और घपले घोटाले का कोई भी मामला सामने आए तो किसी भी तरह की नर्मी दिखानी की कोई ज़रूरत नहीं

शिक्षकों के दस्तावेजों की प्रदेश स्तर पर व्यापक जांच हो तो न केवल शिक्षा विभाग में वर्षों से चल रहे संगठित गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है, बल्कि फ़र्जी डिग्री पर छात्रों का भविष्य चौपट कर रहे टीचरों से भी शिक्षा विभाग को निजात मिलेगी। प्रदेश में 12511 प्राथमिक, 2957 उच्च प्राथमिक और 1238 इंटरमीडिएट कालेज हैं, इन स्कूलों में 71486 टीचर हैं, वहीं अशासकीय विद्यालयों में लगभग 20 हजार टीचर हैं। बेसिक शिक्षा में नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होती है, अभ्यर्थी अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र दिखाते हैं और इसके आधार पर नियुक्तियां पा जाते हैं, उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं होता न ही लिखित परीक्षा होती है। वहीं अशासकीय स्कूलों में शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन की सांठगांठ से नियुक्तियां होती रही हैं। दून निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट रहमत अली ने शिक्षा महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को लगभग 217 टीचरों के नामों की सूची सौंपते हुए इनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की। कहा जा रहा है कि अब सचिवालय से लेकर कई नेताओं तक के नाम भी इस घपले और घोटाले की जद में है। लेकिन सीएम त्रिवेंद्र रावत को भी इसकी ख़बर लग चुकी है और जल्द ही टीआरएस इसके ख़िलाफ़ भी जांच के आदेश दे सकते हैं।

आरोप है कि कई टीचर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति पा चुके हैं। जांच के साथ ही इन टीचरों के शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगे गए, लेकिन विभाग की ओर से मामले की अनदेखी की गई। मामला सूचना आयोग पहुंचा तो आयोग ने इसे गंभीर प्रकरण बताते हुए शिक्षा निदेशालय को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। आयोग के निर्देश के बाद अब विभाग हरकत में तो आया है, मगर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं नजर आई। पिछले दिनों फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज पर काम करने के जितने भी मामले पकड़े गए हैं, उसमें केवल टीचरों के खिलाफ कार्रवाई हई है। विभाग के ही लोग सवाल उठाते हैं कि क्या विभाग के लोगों के मिलीभगत के बिना ऐसा संभव है ? वे ही जवाब देते हैं कि शिक्षा विभाग में कॉकस सक्रिय है, चूंकि यह कॉकस सत्ता मैं बैठे और अन्य प्रभावशाली लोगों के परिजनों, परिचितों को फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर टीचर बनवा देता है, लिहाजा उनका कुछ नहीं बिगड़ता। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो तभी यह फर्जीवाड़ा रुकेगा।

फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करने के आरोप में अब तक पकड़े गए कुछ टीचर तो पिछले 19 साल से बच्चों को पढ़ा रहा थे। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद जांच में चिड़ियापुर जिला हरिद्वार के छिद्दू सिंह के इक्का दुक्का नहीं बल्कि समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। रसूलपुरगोट बहादराबाद के विजेंद्र सिंह, प्राथमिक विद्यालय चमारिया बहादराबाद के गीताराम,राजकीय प्राथमिक विद्यालय टाटवाल के चंद्रपाल सिंह, रायसी लक्सर के यतेंद्र सिंह, प्राथमिक विद्यालय मंगोलपुरा के ऋषिपाल सहित 26 टीचरों के छह फरवरी 2016 से अब तक की जांच में बीटीसी के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। इसके अलावा सरकारी माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय विद्यालयों में हुई नियुक्तियों में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है

अशासकीय स्कूलों में कई टीचरों की फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्तियां कर दी गई हैं, जांच में देहरादून में स्थित इस स्कूल के दो टीचरों के बिहार से प्रथम श्रेणी में पास प्रमाण पत्र फर्जी निकले। विभागीय सूत्रों की माने तो हजारों की संख्या में टीचर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्तियां पाएं हुए हैं, लेकिन विभाग की ओर से केवल उन टीचरों के प्रमाण पत्रों की जांच होती है जिनकी विभाग को शिकायत मिलती है। इसी तरह ऊधमसिंह नगर में 11 टीचरों के शैक्षिक प्रमाण पत्र जांच में फर्जी मिले हैं, मुख्य शिक्षा अधिकारी पीएनसिंह के मुताबिक इनके प्रमाण पत्र राज्यगठन से पूर्व के हैं, इन सभी 11टीचरों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य टीचरों की भी शिकायतें मिली हैं। मामले की गोपनीय जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर इन टीचरों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री दिग्विजय चौहान का कहना है कि इसके लिए टीचर ही नहीं पूरा सिस्टम दोषी है, विभाग की मिलीभगत के बगैर यह संभव नहीं है, हाल में एक जनपद में इतने टीचर फर्जी मिले हैं, इससे अन्य जनपदों में भी इस तरह के फर्जी टीचर हो सकते हैं, विभाग को पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए।

अपर मुख्य सचिव डॉ.रणवीर सिंह ने कहा कि ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में अधिकतर फर्जीवाडे के मामले पकड़ में आए हैं, जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर पर इसकी जांच की जा रही है, कई टीचरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं वही कुछ सस्पेंड चल रहे हैं, किसी आरटीआई कार्यकर्ता ने विभाग को फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर टीचरों के सेवा में होने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने पर हम जांच करवाएंगे और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी

Published in National

शहर से 40 किलोमिटर दूर इगतपुर के एक बंगले मे आईएएस-आईपीएस के बेट बेटियां स्ट्रिप डांस पाट्री कर रहा थे अचना इगतपुरी पुलिस ने बंगले में छापेमारी करके अमिर सहजादे और सहजादियों को हिरासत में लिया.

इस पार्टी में महाराष्ट्र के एक ACP ट्राफिक का बेटा एक डिप्टी सुपरिटेंडेट का भतीजा, एक असिस्टेंट कलेक्टकर का बेटा और एक PWD ऑफिसर का बेटा अर्द्ध नग्न लड़कियों के बाहों में बाहें डाल कर शाम रंगीन कर रहे थे. इस दौरान अचानक सादे लिबास में पुलिस पहुंचती है. और पार्टी से 6 महिलाएं समेत 7 बिगडैल बेटे को गिरफ्तार कर लेती है. जानकारी के अनुसार घटनास्थल से पुलिस ने पीली बत्ती वाली एक लाल रंग की कार भी बरामद की है.

वहीं पुलिस की पुछताछ के दौरान साफ हुआ कि डांस करनेवाली लडकयों को ऑनलाइन पेमेन्ट के जरिए 10 हजार रुपए एडवान्स के तौर पर दिए गए थे जबकि 90 हजार की रकम पार्टी के बाद दी जानी थी. इसके अलावा मौके से पुलिस को कुछ पावडर और लिक्कर मिली है. पुलिस के मुताबिक उन्हे ब्लड रिपोर्टस के आने का इंतजार है जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि क्या पार्टी में ड्रग्स का इस्तेमाल किया गया है या नही.


Published in National

उत्तरप्रदेश की योगी सरकार जहाँ अवैध बूचड़खानों को बंद कर रही है वहीँ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने इसके उलट नॉन-वेज को घर तक पहुंचाने का नया अभियान शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल सरकार में 'मीट ऑन व्हील्ज' मुहिम के जरिये चिकन, पोर्क, मटन, डक, क्वेल, ऐमु और टरकी को घर-घर तक पहुंचाया जायेगा।

योजना प्रदेश के पशु संसाधन विकास कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने शुरू की है और इसके अंतर्गत तीन वैन चलाई जाएंगी। पशु संसाधन विकास विभाग के मंत्री स्वप्न देबनाथ ने सोमवार को विभाग के सॉल्ट लेक स्थित हेडक्वार्टर पर शुरू की।

अधिकारियों का कहना है कि “अगर पॉयलेट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो वाहनों की संख्या बढ़ा दी जाएगी और अन्य जिलों में भी सुविधा दी जाएगी।” सरकार मशहूर ब्रांड 'हरिनघटा मीट' को गाड़ियों की मदद से लोगों तक पहुंचाया जायेगा। डब्ल्यूबीएलडीसीएल का कहना है कि पिछले पांच साल में कंपनी ने काफी तरक्की की है।

साल 2014-15 में 4.35 लाख रुपये का बिजनेस किया। अगले साल 2015-16 सितंबर में कंपनी ने 9.58 लाख का बिजनेस किया। इतना ही नहीं त्यौहार के सीजन में ये टर्न ओवर 10 लाख तक पहुंच जाता है।

बता दें कि डब्ल्यूबीएलडीसीएल चिकन, पोर्क, मटन, डक, क्वेल, ऐमु और टरकी के प्रोडक्शन और मार्केटिंग करता है। साथ ही ये संगठन डक के अंडों आदि की सेल भी करता है।

Published in National

शिवसेना सांसद संजय राउत ने आज कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राष्ट्रपति पद के लिए अच्छी पसंद होंगे। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह देश में शीर्षतम पद है। बेदाग छवि वाले किसी व्यक्ति को इस पर आसीन होना चाहिए। हमने सुना है कि राष्ट्रपति पद के लिए भागवत के नाम पर विचार चल रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है तो भागवत राष्ट्रपति के पद के लिए अच्छी पसंद होंगे। लेकिन उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला उद्धवजी द्वारा किया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति चुनाव के वास्ते रणनीति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिये जाने वाले भोज में उद्धव ठाकरे पहुंचेंगे तो उन्होंने यह कहते हुए यह सवाल टाल दिया कि मातोश्री में लजीज खाना पकता है।

शिवसेना नेता ने कहा कि पिछले दो राष्ट्रपति चुनाव में बालासाहब धारा के विपरीत गए और उन्होंने वह किया जो राष्ट्रहित में था। उस समय भी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुनाव चर्चा के लिए मातोश्री पहुंचे थे। राउत ने कहा कि जो लोग वोट चाहते हैं वे मातोश्री आ सकते हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। मातोश्री में लजीज खाना भी पकता है।

Published in National
Page 1 of 42

Media News

  • Bollywood
  • Life Style
  • Trending
  • +18
Post by Source
- Mar 29, 2017
कसौटी जिंदगी की एक्ट्रैस श्वेता तिवारी और कॉन्ट्रोवर्सी फेम सोफिया हयात अब आपको एक फिल्म में नजर आएंगी. फिल्म भी ऐसी कि ...
Post by Source
- Mar 29, 2017
मार्च के महीने में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुजरात के अहमदाबाद में भीषण गर्मी के ...
Post by Source
- Mar 29, 2017
बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन की छोटी बेटी का एक डांसिंग वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर ...
Post by Source
- Mar 29, 2017
आपमें से ऐसे कितने लोग होंगे जो अपनी बेडरुम या सेक्स लाइफ को लोगों के साथ बेझिझक शेयर कर लेते हैं...?? लेकिन बॉलीवुड ...

Living and Entertainment

Newsletter

Quas mattis tenetur illo suscipit, eleifend praesentium impedit!
Top
We use cookies to improve our website. By continuing to use this website, you are giving consent to cookies being used. More details…