शिवसेना सांसद संजय राउत ने आज कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राष्ट्रपति पद के लिए अच्छी पसंद होंगे। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह देश में शीर्षतम पद है। बेदाग छवि वाले किसी व्यक्ति को इस पर आसीन होना चाहिए। हमने सुना है कि राष्ट्रपति पद के लिए भागवत के नाम पर विचार चल रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है तो भागवत राष्ट्रपति के पद के लिए अच्छी पसंद होंगे। लेकिन उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला उद्धवजी द्वारा किया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति चुनाव के वास्ते रणनीति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिये जाने वाले भोज में उद्धव ठाकरे पहुंचेंगे तो उन्होंने यह कहते हुए यह सवाल टाल दिया कि मातोश्री में लजीज खाना पकता है।

शिवसेना नेता ने कहा कि पिछले दो राष्ट्रपति चुनाव में बालासाहब धारा के विपरीत गए और उन्होंने वह किया जो राष्ट्रहित में था। उस समय भी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुनाव चर्चा के लिए मातोश्री पहुंचे थे। राउत ने कहा कि जो लोग वोट चाहते हैं वे मातोश्री आ सकते हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। मातोश्री में लजीज खाना भी पकता है।

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बिग ब्रेकिंग : योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से भारत में ही नहीं वरन विश्व में भी लोगों की निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिक गई है कभी उपेक्षा का शिकार उत्तर प्रदेश आज लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है बड़ी खबर आपको देते हुए हमें गर्व हो रहा है कि उत्तर प्रदेश से आप लोग सीखे रहे हैं वही इस प्रदेश का कायाकल्प करने निकले योगी आदित्यनाथ का कद नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है ...... उत्तर प्रदेश से सीख लेने लगे अन्य प्रदेश उत्तर प्रदेश आदर्श राज्य की ओर ....झारखंड सरकार ने भी लिया बड़ा फैसला अवैध बूचड़खाने बंद करने का दिया आदेश... वही गुजरात सरकार ने योगी आदित्यनाथ को विशेष स्थान अपने राज्य में दिया है जिसके तहत गुजरात चुनाव के लिए BJP ने बनाया स्टार कैंपेनर. अब योगी आदित्यनाथ मोदी के गढ़ में गरजेंगे ...

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गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में जहां भी हिंदू बहुसंख्यक और मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं, वहां चाचा, भैया, दीदी, चाची जैसे शब्‍दों का उपयोग होता है और इससे समाजिक एकता और सामंजस्य बना रहता है, शांति बनी रहती है. लेकिन जहां मु‍स्लिम बहुसंख्यक हो जाते हैं और हिंदू अल्पसंख्यक वहां समाजिक समरसता समाप्त होने लगती है और अपराध बढ़ जाते हैं.

उन्होंने संप्रदायिकता को देश के लिये सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि तुष्टिकरण करने वाले लोग ही इसे पूरे देश में फैला रहे हैं. गिरिराज ने अल्पसंख्यक और बहुसंख्यकों की परिभाषा तय करने की भी बात कही. गिरिराज ने इससे पहले भी मुसलमानों से अल्पसंख्यक का दर्जा दिये जाने की समीक्षा करने की बात कही थी.

गिरिराज के इस बयान पर जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि देश संविधान से चलता है, मनुवाद से नहीं. गिरिराज सिंह जैसे लोग ही देश की एकता और अखंडता को बिगाड़ने का काम करते हैं. समाज में हिंसा फैलाते हैं. उन्होंने कहा था कि पीएम अपने पिछलगू पर लगाम नहीं कसेंगे तो देश में तनाव होगा.
गिरिराज सिंह के बयान पर अन्य दलों की प्रतिक्रिया भी आने लगी. कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने विरोध जताते हुए कहा कि गिरिराज कट्टर हिंदूवादी हैं और वो हमेशा धर्मनिरपेक्षता के विपरित काम करते हैं और बयान देते हैं.

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नरेंद्र मोदी ने रविवार को 30वीं बार मन की बात की। इस बार उन्होंने बांग्लादेश इंडिपेंडेंस डे, शहीद भगत सिंह, डिजिटल पेमेंट, स्वच्छता अभियान, न्यू डिजिटल इंडिया, डिप्रेशन, खाना बर्बाद न करने का जिक्र किया। इसके अलावा हफ्ते में एक दिन लोगों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल न करने की अपील की।
उन्होंने कहा- "125 करोड़ राह तय करें, न्यू इंडिया का सपना सच हो सकता है। जरूरी नहीं कि हर चीज सरकारी पैसे से हो। अगर हर नागरिक संकल्प करे कि अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा, एक दिन पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल नहीं करूंगा। इन छोटी-छोटी बातों से न्यू इंडिया बनेगा।" पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद मोदी ने पहली बार मन की बात की। यूपी समेत 5 में से 4 राज्यों में बीजेपी ने सरकार बनाई है, लेकिन अपनी स्पीच में इसका जिक्र नहीं किया। मन की बात की 8 खास बातें...

1. बांग्लादेश इंडिपेंडेंस डे पर दी बधाई

- मोदी ने कहा- "आज 26 मार्च है। मैं बांग्लादेश के लोगों को शुभकामनाएं देता हूं। भारत, बांग्लादेश का करीबी साथी है। हम उनके विकास में योगदान देते रहेंगे। भारत-बांग्लादेश की गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की साझी विरासत है। गुरुदेव को उनकी रचना गीतांजलि के लिए 1913 में नोबेल अवॉर्ड मिला था। अंग्रेजों ने उन्हें नाइटहुड की उपाधि दी। 1919 में जलियांवाला कांड के चलते उन्होंने ये उपाधि लौटा दी।"
- "एक 12 साल के बच्चे पर जलियांवाला कांड का बहुत प्रभाव पड़ा। ये बच्चा भगत सिंह थे। 23 मार्च को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया। उन्हें 24 मार्च, 1931 को फांसी दी जानी थी, लेकिन एक दिन पहले ही चुपके से फांसी दे दी गई। फिर चुपके से दाह संस्कार भी कर दिया। जब भी पंजाब जाएं तो उन शहीदों को नमन करें।


2. गांधीजी ने संघर्ष और सृजन को एकसाथ करके दिखाया

- "10 अप्रैल, 1917 में गांधीजी ने चंपारण सत्याग्रह किया। आज हम गांधीजी और उनके चंपारण सत्याग्रह का आकलन नहीं कर सकते। 1915 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से आए थे। न देश उन्हें जानता था और न वे देश को। ये सत्याग्रह उनके संगठन कौशल को बताता है। उन्होंने कई बड़े नेताओं को चंपारण भेजा। गांधीजी ने संघर्ष और सृजन को एकसाथ करके दिखाया। गांधीजी ने सत्याग्रह के मायने समझाए।"


3. हफ्ते मेंएक दिन पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल छोड़ें

- मोदी ने कहा, "लाखों लोग निस्वार्थ भाव से समाज के शोषित, वंचितों के लिए कुछ करते नजर आते हैं। कई लोग रोज अस्पताल जाकर मरीजों की मदद करते हैं। ब्लड डोनेट करते हैं। जन सेवा यानी प्रभु सेवा हमारी रगों में है।"
- "125 करोड़ राह तय करें, न्यू इंडिया का सपना सच हो सकता है। जरूरी नहीं कि हर चीज सरकारी पैसे से हो। अगर हर नागरिक संकल्प करे कि अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा, एक दिन पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल नहीं करूंगा। इन छोटी-छोटी बातों से न्यू इंडिया बनेगा। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को याद करें, चंपारण को याद करें। स्वराज से स्वराज तक की यात्रा शुरू करें।"


4. डिजिटल पेमेंन्ट पर जोर दें

- मोदी ने कहा, "देश के लोग बिना नकद कारोबार की तरफ बढ़ रहे हैं। डीमैट (भीम) अकाउंट को कुछ दिन में ही डेढ़ करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है। कालेधन के खिलाफ आप वीर सैनिक बन सकते हैं। डिजिटल पेमेंन्ट पर जोर दें। 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर की जन्म जयंती पर डिजीधन का समापन होने वाला है। हमें तय करना है कि नोटों का इस्तेमाल कैसे कम हो।"


5. प्लेट में उतना खाना लें जितना आप खा सकें

- देहरादून से गायत्री नाम की बिटिया ने कहा, "मोदी सर लोगों को समझाना होगा कि नदी को कितना गंदा करते हैं। मैं चाहती हूं कि आपके माध्यम से लोग इसको जानें। स्वच्छता आंदोलन से ज्यादा आदत से जुड़ी होती है। गायत्री का संदेश हम सबके लिए संदेश बनना चाहिए। ज्यादातर लोगों ने फूड वेस्टेज पर चिंता जताई है। प्लेट भर लेते हैं फिर खा नहीं पाते और जूठन छोड़कर निकल जाते हैं। सोचिए, जूठन न छोड़ें तो कितने लोगों का पेट भर सकता है। इस विषय पर उदासीनता सामाजिक अपराध है। इस पर जागरूकता बढ़नी चाहिए। मैं कुछ लोगों को जानता हूं जो जूठन रोकने के लिए काम कर रहे हैं। जो लोग शरीर-स्वास्थ्य के लिए जागरूक होते हैं, वे कहते हैं- थोड़ा पेट खाली रखो, थोड़ी प्लेट भी खाली रखो।"


6. बच्चों का ख्याल रखें, डिप्रेशन से दूर रखें

-मोदी ने कहा, "7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस WHO डिप्रेशन के लिए मना रहा है। माता-पिता को कहना चाहूंगा कि बेटा-बेटी या परिवार का कोई सदस्य बाद में खाना खाता है या अकेला रहना चाहता है। ये डिप्रेशन का पहला कदम है। ऐसा न होने दें। उसे लोगों के बीच में रहने के लिए प्रेरित करें। डिप्रेशन कई शारीरिक-मानसिक बीमारियों का कारण बन जाता है। ये सारी क्षमताओं को ध्वस्त कर देता है। अगर अपनों के बीच आप खुलकर एक्सप्रेशन नहीं कर पाते। आसपास के लोगों की सेवा करने से आप अपने मन के बोझ को मुक्त कर सकते हैं। इसमें योग भी काफी मदद कर सकता है।"


7. विश्व योग दिवस की तैयारी शुरू कर दीजिए

- "21 जून को विश्व योग दिवस है। ये तीसरा साल है। इसकी तैयारी शुरू कर दीजिए। हेल्थ की बात निकली है तो माताओं-बहनों से कहना चाहता हूं। आज वे आगे निकल रही हैं। लेकिन उनके साथ घर की भी जिम्मेदारी होती है। इसको देखते हुए भारत सरकार ने वर्किंग वुमन को 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव देने का एलान किया है। इसकी वजह नवजात यानी देश के भविष्य का ध्यान रखना है। 18 लाख महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा।"


8. गुड़ी पड़वा-चेटीचंड परदेशवासियों को बधाई

- "राम नवमीं, महावीर जयंती, बाबा साहब अंबेडकर जयंती आने वाली है। इसकी सबको बधाई। दो दिन बाद चैत्र प्रतिपदा का त्योहार आने वाला है। कई क्षेत्रों में ये अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। इसे गुड़ी पड़वा-चेटीचंड जयंती के रूप में मनाते हैं। इसकी भी देशवासियों को बधाई।"

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जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता पार्टी सुप्रीमो व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्‍प के रूप में खड़ा करने की कवायद में बयान देते रहे हैं। ऐसा ही एक बयान बिहार प्रदेश जदयू अध्‍यक्ष वशिष्‍ठ नारायाण सिंह ने दिया है। उन्‍होंने कहा है कि कांग्रेस सहित सभी सभी भाजपा विरोधी सभी दलों को अब नीतीश कुमार का नेतृत्‍व स्‍वीकार कर लेना चाहिए।

जदयू प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा है कि आज के बदले हालात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्‍प के रूप में एकमात्र नीतीश कुमार ही उभरकर सामने आए हैं। इस बदले हालात में कांग्रेस को भी वैकल्पिक नेतृत्‍व स्‍वीकार करना चाहिए।

विदित हो कि कांग्रेस अपने राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री प्रत्‍याशी के रूप में घोषित करता रहा है। जदयू के उक्‍त बयान पर अभी कांग्रेस की प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वशिष्‍ठ नारायाण सिंह ने उत्‍तर प्रदेश में भाजपा की भारी बहुमत से जीत का जिक्र करते हुए कहा कि अब उसके लिए जनता की अपेक्षाओं के अनुसार काम करने का वक्‍त है।

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