मोदी के विवादित बोल, भाजपा को जिता दो वरना कानपुर रेल हादसा करने वाले जीत जायेंगे बिहार में कह रहे थे कि अगर भाजपा हार गई तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे। अब यूपी में विकास से शुरु हुऐ थे मगर शमशान, कब्रस्तान, रमजान, दीवाली मनाते हुऐ अब कानपुर रेल हादिसे पर उतर आये हैं। नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी सभा में कानपुर रेल हादसों का जिक्र करते हुए कहा कि आप हमें जिता दीजिए नहीं तो कानपुर हादसे के गुनाहगार जीत जाएंगे क्या नरेंद्र मोदी जी ने यह साबित कर दिया कि गुनाहगार कौन है ... नरेंद्र मोदी के लिए चुनाव आयोग से लेकर न्यायपालिका तक शायद ही कोई ऐसी भाषा पर संज्ञान लेने वाला है। देश के प्रधानमंत्री से इस प्रकार के बोल समझ से परे है परंतु एन केन प्रकारेण जीतने की चाह रख रही बीजेपी अब सारी शक्ति झोक देना चाहती है...

धोखाधड़ी के मामले में Ex PM वीपी सिंह के बेटे पर 10 लाख का जुर्माना इलाहाबाद, - 22-02-17 हाईकोर्ट ने बैंक लोन वसूली पर दबाव के लिए एचडीएफसी बैंक इलाहाबाद के उपमहाप्रबंधक के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर रद्द कर दी है। साथ ही पेशबंदी में प्राथमिकी दर्ज करके परेशान करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के पुत्र अजय सिंह पर 10 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि लोन अदा न करके बैंक कर्मी को आपराधिक मामले में फंसाए जाने को सही नहीं माना जा सकता।

देवरिया जिले के तीन थानों की पुलिस ने सोमवार को मऊ जनपद के देवारा इलाके में छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस ने 20 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद किया। कच्ची शराब की मिनी फैक्ट्री देख पुलिस के होश उड़ गए। छापेमारी के दौरान कारोबारी फरार हो गए। चुनाव को देखते हुए जनपद के अलावा आसपास के इलाकों में पुलिस कच्ची के खिलाफ अभियान चला रही है। सोमवार को मईल, बरहज, भलुअनी व मधुबन पुलिस ने मऊ जनपद के मधुवन थाना क्षेत्र के चक्की मुसाडोरी के देवारा में संयुक्त छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस ने दो दर्जन से अधिक गैलनो में रखे 20 हजार लीटर कच्ची शराब और 500 कुंतल लहन बरामद किया। पुलिस की कार्रवाई देख कच्ची करोबारी मौके से फरार हो गए। छापेमारी में एसओ अजय कुमार ओझा, अंशुमान यदुवंशी, प्रदीप शर्मा व मधुबन एसओ योगेन्द्र बहादुर सिंह मौजूद रहे। तस्वीरें काल्पनिक

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* वर्षों पुराना मनोकामना कल्पबृक्ष हुआ धरासायी* *स्थानीय लोगो में काफी दुःखी का अहसास* वाराणसी ।। जनपद के कंटोमेन्ट स्थित भीष्म चण्डी मन्दिर के पास स्थित 500वर्ष पुराना पदम् पुराण के अनुसार देवी देवताओ के द्वारा समुद्र मन्थन में यह कल्प बृक्ष निकला था, देवी देवताओ लोग चाहते थे की यह स्वर्ग में चला जाय, लेकिन उस समय देवी देवताओ के विवाद के दौरान श्री विष्णु महराज पहुच गए , विष्णु भगवान के पहुच जाने के बाद श्री विष्णु भगवान ने प्रार्थना किया तो यह कल्प बृक्ष बिष्णु लोक में चला गया लेकिन उस समय कल्प बृक्ष के कुछ बीज पृथ्वी पर गिर गए थे जिसके सन्दर्भ में देवी देवताओ से उस समय मन्थन चलने लगा तो देवी देवताओ ने कहा था जो बीज पृथ्वी पर गिरे है यह बीज फिर किसी काल में इसी जगह पर आ जाएंगे, और इस बृक्ष की मान्यता बताते हुए देवी देवताओ ने उस समय कहा था कि जो भी ब्यक्ति कुछ मनोकांमा रूपी मागो को इस बृक्ष के नीचे खड़े होकर मागेगा उसकी मागे मुराद इस बृक्ष में धागा बाधने से पूरी हो जायेगी, यह बृक्ष पुरे भारत में सिर्फ चार जगहों पर हो मौजूद है, पहला बाराबंकी , दो उत्तरांचल में, और एक केवल उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के कंटोमेन्ट में स्थित था जो आज के समय में दुर्भाग्य बस काशी में सैकड़ो वर्षो से रहा बृक्ष कल शाम को एकाएक गिरकर समाप्त हो गया जबकि इसकी जाच कुछ वर्षो पूर्व पर्यटन विभाग के द्वारा इसका निरिक्षण किया गया था जो BHU के बॉटनी बिभाग के द्वारा हुआ था जिसका उस समय दवा का छिड़काव करके उस समय बृक्ष को समय रहते ठीक किया गया था लेकिन उसके बाद से फिर कोइ कीटनाशक दवा का छिड़काव न होने के कारण यह आज समाप्त हो गया, जबकि कंटोमेन्ट में स्थित भीष्म चण्डी मन्दिर के समीप कल्प बृक्ष के पास प्रतिदिन काशी में रहने वाले बालाएं व् युवतियां एवम् प्रेम में पिरोये प्रेमी जोड़े और विदेशो से आने वाले पर्यटक भी इस बृक्ष के पास जाकर अपनी सेल्फ़ी भी खिचवाया करते थे लेकिन बन बिभाग की भारी लापरवाही के चलते समय समय पर कीटनाशक दवाओ के छिड़काव न होने के कारण यह सैकड़ो वर्ष पुराना यह मनोकामना कल्प बृक्ष आज अपने पुराने उम्मीदों और मनोकामना का फलदायक यह बृक्ष अपने आस्तित्व को समाप्त करते हुए जमीन पर गिर गया पूछने पर विषम चण्डी मन्दिर के महन्थ मंगला प्रसाद चौबे जी बताते है कि यह बृक्ष देवी देवताओ के द्वारा दिए गए बरदान पर आधारित था , इसकी बहुत बड़ी वाराणसी जनपद में केवल एक जगह पर होने के कारण इस कल्प बृक्ष की पूजा करने और अपने इच्छा पूर्वक मनोकामना के फल पाने के लिए काफी दूर दूर से लोग अपनी अपनी मुरादे लेकर आते थे और तो और जो भी ब्यक्ति जो भी मुरादे आकर इस कल्प बृक्ष के पास आकर नीचे खड़े होकर मागता था भगवान उसकी मनोकामना जरूर पूरा करते थे ऐसी लोगो की मान्यता थी लेकिन बन बिभाग के द्वारा कोइ भी कीटनाशक दवा समय समय से न डालने के कारण यह आज अपनी महत्ता को त्यागते हुए समाप्त हो गया जिसके कारण से स्थानीय लोगो को काफी दुःख भी हुआ है

प्रशांत महासागर में मिला दुनिया का 8वां महाद्वीप* प्रशांत महासागर के अंदर जलमग्न एक भारतीय उप-महाद्वीप मिला है. इसका नाम जीलएंडिया बताया जा रहा है. एक नए अध्‍ययन में कहा गया है कि इसे नए महाद्वीप के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए. अनुसंधानकर्ताओं ने कहा है कि दक्षिण पश्चिमी प्रशांत महासागर का 49 लाख किलोमीटर का क्षेत्र महाद्वीपीय परत से बना है. ऑस्ट्रेलिया से इसके अलगाव और व्यापक भू-क्षेत्र होने के कारण इसे जीलएंडिया का नाम दिया जाना चाहिए. वर्तमान में इसका 94 प्रतिशत हिस्सा जलमग्न है. न्यूजीलैंड के विक्टोरिया यूनिवर्सिटी ऑफ वेलिंगटन और ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के अनुसंधानकर्ताओं ने जीलएंडिया की पहचान भूगर्भीय महाद्वीप के रूप में की है.

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