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विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को कड़ी कार्रवाई की धमकी दी है। अमेजन की कनाडा वेबसाइट पर भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज के अपमान करते उत्‍पाद बेचे जा रहे हैं, जिसकी शिकायत एक यूजर ने सुषमा से की थी। जिसके बाद सुषमा ने अमेजन से बिना शर्त माफी मांगने और सभी उत्‍पाद हटाने को कहा है। सुषमा के अनुसार, अगर अमेजन ऐसा नहीं करती तो उसके कर्मचारियों को भारतीय वीजा नहीं दिया जाएगा। यही नहीं, सरकार पहले दिए गए वीजा भी वापस ले लेगी। अतुल भोबे नाम के यूजर ने तस्‍वीरों के साथ सुषमा को ट्वीट कर कहा था कि ‘अमेजन कनाडा को सेंसर किया जाना चाहिए और भारतीय ध्‍वज के डोरमैट्स न बेचने की चेतावनी दी जानी चाहिए। कृपया कार्रवाई करें।’ जिस पर मंत्रालय ने कनाडा में भारतीय उच्‍चायोग को लताड़ लगाते हुए कहा, ”यह कतई मंजूर नहीं है। कृपया अमेजन के साथ उच्‍चतम स्‍तर पर यह मामला रखें।” ममता ने एक के बाद एक ट्वीट्स कर अमेजन को धमकी भी दी। सुषमा ने लिखा, ”अमेजन बिना शर्त माफी मांगे। उन्‍हें हमारे राष्‍ट्रध्‍वज का अपमान करते सारे उत्‍पाद हटाने ही होंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो हम किसी भी अमेजन कर्मचारी को भारतीय वीजा नहीं देंगे। हम पहले दिए गए वीजा को भी अवैध घोषित कर देंगे।” अमेजन इससे पहले हिन्‍दू देवी-देवताओं के फोटो वाले डोरमैट बेचकर सोशल मीडिया पर घिर चुकी है। यूजर्स ने तब बाकायदा वेबसाइट का स्‍क्रीनशॉट लगाकर साइट का बॉयकॉट करने की मांग की थी। जिसके बाद अमेजन ने आपत्तिजनक उत्‍पाद वेबसाइट से हटा लिए थे। जनवरी, 2016 में अमेरिकी मैगजीन ‘फॉर्चून’ ने कवर पेज पर अमेजन के सीईओ जेफ बेजस को विष्णु के अवतार में दिखाया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की थी और माफी की मांग जोरशोर से उठी थी। 2014 में भी अमेजन पर बिकने वाले लेगिंग्स पर कुछ देवी-देवताओं के प्रिंट होने की बात सामने आई थी।

एक अमरीकी कॉलेज छात्रा टॉपलेस होकर अपने बॉयफ्रेंड को अपनी नंगी फोटो भेज रही थी। उसी चक्कर में उसकी कार पुलिस कार से टकरा गई। अमरीकी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 19 साल की मिरिंडा रेडर सोशल मीडिया एप स्नैप चैट के ज़रिए अपने बॉयफ्रेंड को अपनी नंगी फोटो भेज रही थी। जिस दौरान ये हादसा हुआ। पुलिस ने बताया कि जब पुलिस अधिकारी उसके कार के समीप पंहुचा तो शराब की खुली हुई बोतल भी थी। उसने पाया कि महिला का टॉप भी खुला हुआ था। हालाँकि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ। पुलिस अधिकारी ने एक शपथ पत्र में लिखा, “मैंने उससे पूछा ड्राइविंग के दौरान उसने कपड़े क्यों नहीं पहने थे। तो उसने बताया कि लाल बत्ती होने पर वो अपने बॉयफ़्रेंड को स्नैपचेट से फोटो भेजने के लिए सेल्फ़ी ले रही थी। पुलिस ने बताया कि उसे ड्राइविंग के दौरान नशे की हालत के संदेह में गिरफ़्तार किया गया था और गुरूवार सुबह उसे दो हजार डॉलर के ज़मानती बांड पर जेल से रिहा कर दिया गया था। मिरिंडा रेडर का कॉलेज में पहला साल है। इस छात्रा ने अधिकारी को बताया कि वह कैंपस से अपने घर कार से वापस लौट रही थी।

इस्तांबुल. तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में नए साल के जश्न के दौरान एक क्लब में फायरिंग हुई। इसमें फिलहाल 35 लोगों के मारे जाने की खबर है। 50 लोग जख्मी हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बंदूकधारी सांता क्लॉज की ड्रेस में था। राइफल लेकर लोगों की बीच पहुंचा बंदूकधारी... - सीएनएन तुर्की के मुताबिक, ये फायरिंग शहर के रिएना क्लब में हुई। यहां पर नए साल की पार्टी हो रही थी। - रात करीब 1 बजे (भारत के रात 3 बजे) सांता की ड्रेस में एक बंदूकधारी ने राइफल से लोगों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बंदूकधारी ने क्लब में घुसने से पहले पुलिस पर फायरिंग की। बाद वो क्लब में भी अंधाधुंध फायरिंग करने लगा। - इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने बताया, इस हादसे में कुल 35 लोगों की मौत हो गई है। जिसमें एक पुलिस जवान भी शामिल है। - हादसे के बाद करीब 40 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। - मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमले के वक्त क्लब में 700 से 800 लोग मौजूद थे। इस्तांबुल के गवर्नर ने आतंकी हमला बताया - इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने इसे एक आतंकी हमला बताया है। - टीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि सशस्त्र पुलिस बल ने क्लब को घेर लिया है। वहीं एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गई है। - घटना के बाद पुलिस बल ने क्लब के आसपास का करीब 2 किमी का इलाका सीज कर दिया है। पहले से हाई अलर्ट पर था तुर्की - पिछले कुछ महीनों में हुए आतंकी हमलों के बाद तुर्की पहले से हाई अलर्ट पर था। - जिसके लिए न्यू ईयर पर सिर्फ इस्तांबुल में 17 हजार पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई थी। - इससे पहले मार्च में तुर्की की राजधानी अंकारा में आतंकी हमला हुआ था। जिसमें 37 लोगों की मौत हो गई थी। Terrible Terrorists Attack ISIS New Year Gifts Welcome Fun Masti Party Enjoyment Dance Songs Music

1. सर ऑस्बॉर्न - 1 अप्रैल 1935 से 30 जून 1937 2. सर जेम्स बैर्ड टेलर - 1 जुलाई 1937 से 17 फरवरी 1943 3. सर सीडी देशमुख - 11 अगस्त 1943 से 30 जून 1949 4. सर बेनेगल रामा राव - 1 जुलाई 1949 से 14 जनवरी 1957 5. केजी अंबेगांवकर - 14 जनवरी 1957 से 28 जनवरी 1957 6. एचवीआर इंगर - 1 मार्च 1957 से 28 फरवरी 1962 7. पीसी भट्टाचार्य - 1 मार्च 1962 से 30 जून 1967 8. एलके झा - 1 जुलाई 1967 से 3 मई 1970 9. बीएन अधारकर - 4 मई 1970 से 15 जून 1970 10. एस जगन्नाथन - 16 जून 1970 से 19 मई 1975 11. एनसी सेन गुप्ता - 19 मई 1975 से 19 अगस्त 1975 12. केआर पुरी - 20 अगस्त 1975 से 2 मई 1977 13. एम नरसिम्हा - 3 मई 1977 से 30 नवंबर 1977 14. डॉ. आईजी पटेल - 1 दिसंबर 1977 से 15 सितंबर 1982 15. डॉ. मनमोहन सिंह - 16 सितंबर 1982 से 14 जनवरी 1985 16. ए घोष - 15 जनवरी 1985 से 4 फरवरी 1985 17. आनएन मलहौत्रा - 4 फरवरी 1985 से 22 दिसंबर 1990 18. एस वेंकटरमन - 22 दिसंबर 1990 से 21 दिसंबर 1992 19. सी. रंगराजन - 22 दिसंबर 1992 से 21 नवंबर 1997 20. डॉ. बिमल जलान - 22 नवंबर 1997 से 6 सितंबर 2003 21. डॉ. वाई वी रेड्डी - 6 सितंबर 2003 से 5 सितंबर 2008 22. डी. सुब्बाराव - 5 सितंबर 2008 से 4 सितंबर 2013 23. रघुराम राजन - 5 सितंबर 2013 से 4 सितंबर 2016 24. उर्जित पटेल - 4 सितंबर 2016 से पदधारी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से प्‍यारे देशवासियों… शब्‍द सुनकर हो सकता है आप भी थोड़ा परेशान हो जाएं। दरअसल पीएम मोदी ने अभी तक जब भी देश के नाम संबोधन दिया है उसकी शुरुआत इसी शब्‍द से हुई, लेकिन इस शब्‍द के बाद पीएम ने जो धमाके किए, उससे कुछ लोगों को हैरानी-परेशानी भी हुई। वहीं अब 31 दिसंबर की रात फिर से ये शब्‍द सुनने को मिलने वाला है। जी हां, 31 दिसंबर को पीएम मोदी एक बार फिर राष्‍ट्र को संबोधित करने वाले हैं। खबर यह भी है कि नोटबंदी के बाद वह एक और बड़ा ऐलान नए साल से पहले करेंगे। बैंक खातों में पुराने नोट जमा कराने की समयसीमा शुक्रवार (30 दिसंबर) को खत्‍म हो रही है। सूत्रों का कहना है कि मोदी नकदी बढ़ाने को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में बात कर सकते हैं, क्‍योंकि यह नोटबंदी के बाद सबसे बड़ी समस्‍या बनकर उभरी है। वह सरकार के इस कदम के बाद अर्थव्‍यवस्‍था के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बात कर सकते हैं। नोटबंदी से बाजार में मौजूद 86 फीसदी नकदी एक झटके में बाहर कर दी गई थी जिसके बाद नकदी की भारी कमी देखने को मिल रही है। वहीं यह खबर आते ही सोशल मीडिया पर भी हलचल बढ़ गई है। 8 नवंबर को 500, 1000 के नोट बंद कर झटका देने वाले पीएम अब क्‍या ऐलान करेंगे, इसे लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल रोशन ने लिखा कि टाइम्‍स नाऊ से अरनब के छोड़ने के बाद, राष्‍ट्र के नाम संबोधन का अधिकार सिर्फ नरेंद्र मोदी के पास रह गया है और वह उसका सबसे अच्‍छा प्रयोग कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि चीन में इस वक्त पीएम मोदी के सामने हाथ फैलाने को लेकर प्लानिंग चल रही है। आखिर क्यों ? हम बता रहे हैं… New Delhi, Dec 30 : खुद को दुनिया के सबसे शक्तिशाली मुल्कों में शुमार करने वाले चीन को अचानक क्या हो गया है कि उसे अब दुनिया के सामने हाथ फैलाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। आखिर अचानक ये क्या हो रहा है कि china की अर्थव्यवस्था पर ब्रेक सा लग गया है। आखिर क्या हो गया है कि हर दिन दुनिया को कोरी धमकी देने वाले ड्रैगन की जुबान आजकल खामोश पड़ गई है। इसकी वजह है पैसा। बड़ी हैरानी की बात है कि दुनिया के सारे मुल्क आर्थिक मामले में अपनी वृद्धि कर रहे हैं तो ड्रैगन लगातार इस मामले में कंगाल होता जा रहा है। जाहिर है जबह जेब में कुछ करने के लिए रुपया ही नहीं है तो गरजेगा किस बात को लेकर। बताया जा रहा है कि आने वाले वक्त में china की अर्थव्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ाने वाली है। रॉयटर्स ने हाल ही में एक स्टडी की है और उस स्टडी में कहा है कि आने वाले वक्त में china की अर्थव्यवस्था किसी भूस्खलन की तरह जमींदोज हो सकती है। इस वक्त ड्रैगन दुनिया के सभी मुल्कों से भारी कर्ज ले रहा है और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की नाकाम कोशिश कर रहा है। इसका अंदाजा आप उस भिखारी से लगा सकते हैं, जो दूसरे से रुपये भीख में मांकर खुद के लिए एक शानदार कार लाता है लेकिन बाद में उस कार के मेंटेनेंस के लिए उसके पास पैसा नहीं होता। ऐसा ही हाल china का भी हो रहा है। दुनिया के सभी मुल्कों से उसने भारी कर्जा तो ले लिया और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया, लेकिन अब कर्ज के बोझ तले वो इतना दब गया है कि अब एक बार फिर से भारत की तरफ झांकने लगा है। बताया जा रहा है कि china में लोगों को जीना भी मुश्किल हो रहा है। लोगों पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा प्रॉपर्टी में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही कॉर्पोरेट का कर्ज भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ये वो वजहें हैं जिनसे china का बिजनेस बुरी तरह से बर्बाद होने वाला है। आप बस इतना अदाजा लगा दीजिए कि इस साल china की जितनी जीडीपी से उसका 250 फीसदी से ज्यादा तो उसे कर्ज चुकता करना है। बताया जा रहा है कि china को उस मुल्क की ही सरकारी कंपनियों ने नंगा कर दिया है। इस साल china की इकॉनमी 6.5 फीसदी से 7 फीसदी तक ही पहुंची है और बताया जा रहा है कि आने वाले वक्त के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। ऐसे में बताया ये भी जा रहा है कि china अब भारत से कर्ज मांगने के लिए प्लान कर रहा है। एक और खबर ये भी मिल रही है कि चीन ने भारत से कर्ज लेने के लिए पाकिस्तान को एक तरफ कर दिया है। बताया जा रहा है कि नवाज और जिनपिंग में आजकल कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। कहा तो ये भी जा रहा है कि china की सरकार एक बार फिर से कर्ज लेने की तैयारी कर रही है। पाकिस्तान से ड्रैगन को कुछ भी हासिल नहीं होना है तो वो उससे लगातार दूरी बना रहा है। ऐसे में ये कहा जा रहा है कि एक बार फिर से ड्रैगन अपनी नई चाल चलने के लिए तैयार बैठा है। उधर भारत के पीएम मोदी भी ड्रैगन की हर चाल से अच्छी तरह से वाकिफ हैं, देखना होगा कि वो आगे क्या कदम उठाते हैं। खैर एक बात तो साफ है कि आने वाला वक्त ड्रैगन के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होने वाला, इसलिए वो एक बार फिर से भीख मांगने के लिए तैयार है। China Stuck Interested International Projects India America Tourism Investment Dollars Funds Money Fight

बैंक शाखाओं में आपके लिए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने के लिए शुक्रवार आखिरी दिन है. इसके बाद कुछ खास किस्म के लोगों को ही विशेष शर्तें पूरी करने के बाद ही रिजर्व बैंक में पैसा जमा कराने की सुविधा होगी. उधर, 31 तारीख को या उसके बाद तय सीमा से ज्यादा पुराने नोट रखने पर जुर्माना देना होगा. नोटबंदी को लेकर नया अध्यादेश उन लोगों को परेशानी दे सकता है जो देश में रहते हुए भी अब तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट नहीं जमा करा पाए हैं. अध्यादेश के जरिए सरकार ने साफ कर दिया है कि 1 जनवरी या उसके बाद कौन लोग रिजर्व बैंक जाकर पैसा जमा करा सकेंगे और वो भी हलफनामा देने के बाद. प्रावधानों के मुताबिक, वो व्यक्ति जो 9 नवम्बर से 30 दिसम्बर तक देश से बाहर रहा हो, उसे रिजर्व बैंक में हलफनामा देकर पुराने नोट जमा कराने की सुविधा मिलेगी. सरकार कुछ और किस्म के व्यक्तियों के बारे में अधिसूचना जारी करेगा और वही रिजर्व बैंक में हलफनामा देकर पैसा जमा करा सकेंगे. हलफनामे में गलत जानकारी देने पर 50 हजार रुपये या फिर जमा कराए गए नोट के पांच गुना के बराबर, जो भी ज्यादा हो, जुर्माना देना होगा. नई दिल्लीः बैंक शाखाओं में आपके लिए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने के लिए शुक्रवार आखिरी दिन है. इसके बाद कुछ खास किस्म के लोगों को ही विशेष शर्तें पूरी करने के बाद ही रिजर्व बैंक में पैसा जमा कराने की सुविधा होगी. उधर, 31 तारीख को या उसके बाद तय सीमा से ज्यादा पुराने नोट रखने पर जुर्माना देना होगा. नोटबंदी को लेकर नया अध्यादेश उन लोगों को परेशानी दे सकता है जो देश में रहते हुए भी अब तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट नहीं जमा करा पाए हैं. अध्यादेश के जरिए सरकार ने साफ कर दिया है कि 1 जनवरी या उसके बाद कौन लोग रिजर्व बैंक जाकर पैसा जमा करा सकेंगे और वो भी हलफनामा देने के बाद. प्रावधानों के मुताबिक, हलफनामा देने भर से ही अधिसूचित किए गए लोगों को पैसा जमा कराने की अनुमति नहीं मिलेगी. रिजर्व बैंक जब तक जमाकर्ता की दलीलों से संतुष्ट होगा, तब तक कुल जमा कराए नोट के बराबर की कीमत बैंक खाते में दर्ज नहीं हो सकेगी. और हां, यदि रिजर्व बैंक दलीलों को खारिज कर दे तो 14 दिनों के भीतर इसके खिलाफ रिजर्व बैंक के बोर्ड के सामने अपील कर सकता है. अध्यादेश लाने का एक मकसद पुराने नोटों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए भी उपाय बताने हैं. ये इसलिए भी जरुरी हैं, क्योंकि अभी भी कुछ जगहों पर मजदूरी देने या काले धन को सफेद करने की कोशिश में पुराने नोट का इस्तेमाल हो रहा है. इसी को ध्यान मे रखते हुए 31 दिसम्बर से या उसके बाद आम लोग ज्यादा से ज्यादा 500 और 1000 रुपये के 10 पुराने नोट अपने पास रख सकेंगे. 31 दिसम्बर के बाद शोध करने वालों को 25 पुराने नोट रखने की इजाजत होगी तय सीमा से ज्यादा नोट रखने की सूरत में 10 हजार रुपये या फिर जब्त किए नोट की कीमत के पांच गुना बराबर जुर्माना देना होगा. अध्यादेश के जरिए 8 नवंबर को गैर कानूनी घोषित किए गए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट पर रिजर्व बैंक की जवाबदेही खत्म करने का प्रावधान है. जवाबदेही से यहां मतलब धारक को नोट पर छपी कीमत के बराबर अदा करने का आरबीआई गवर्नर की ओर से दिया गया वचन है. अध्यादेश की बदौलत अब पुराने नोट को लेकर सरकार या रिजर्व बैंक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नही की जा सकेगी. फिलहाल, अध्यादेश के बाद बजट सत्र में विधेयक पारित कराना होगा. उम्मीद है कि विधेयक पारित होने के बाद जितने पुराने नोट रिजर्व बैंक के पास वापस नही आते हैं, उतनी कीमत के बराबर रकम सरकारी खजाने में पहुंच सकेगी.

आपके पाकिस्तान से ज्यादा हमारे यहाँ हिंदुस्तान में मुस्लिम रहते है इसलिए आप हम हिन्दुस्तानी मुसलमानों की चिंता करना छोड़ दे, उस भारतीय मुस्लिम ने सबके सामने ही पाकिस्तान के जनरल मुशर्रफ की बोलती बंद कर दी थी। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ रिटायर हो चुके है लेकिन अभी भी वह अपने बयानों के चलते सुर्ख़ियों में बने ही रहते है। इस बार भारतीय रिपोर्टर ने जनरल मुशर्रफ को जबरदस्त धोकर रख दिया है, मुशर्रफ को इस भारतीय रिपोर्ट ने ऐसे तमाचे मारे है कि, इसकी बोलती ही बंद कर दी और हर बार इन्होने अलग-अलग टॉपिक से हटकर बातें करने लगे। पिछली बार जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ भारत आये थे, तब एक हिन्दुस्तानी मुस्लिम ने इन्हें जबरदस्त धोया था। और उस भारतीय मुस्लिम ने बताया था कि, आपके पाकिस्तान से ज्यादा हमारे यहाँ हिंदुस्तान में मुस्लिम रहते है इसलिए आप हम हिन्दुस्तानी मुसलमानों की चिंता करना छोड़ दे, उस भारतीय मुस्लिम ने सबके सामने ही पाकिस्तान के जनरल मुशर्रफ की बोलती बंद कर दी थी।

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