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गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में जहां भी हिंदू बहुसंख्यक और मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं, वहां चाचा, भैया, दीदी, चाची जैसे शब्‍दों का उपयोग होता है और इससे समाजिक एकता और सामंजस्य बना रहता है, शांति बनी रहती है. लेकिन जहां मु‍स्लिम बहुसंख्यक हो जाते हैं और हिंदू अल्पसंख्यक वहां समाजिक समरसता समाप्त होने लगती है और अपराध बढ़ जाते हैं.

उन्होंने संप्रदायिकता को देश के लिये सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि तुष्टिकरण करने वाले लोग ही इसे पूरे देश में फैला रहे हैं. गिरिराज ने अल्पसंख्यक और बहुसंख्यकों की परिभाषा तय करने की भी बात कही. गिरिराज ने इससे पहले भी मुसलमानों से अल्पसंख्यक का दर्जा दिये जाने की समीक्षा करने की बात कही थी.

गिरिराज के इस बयान पर जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि देश संविधान से चलता है, मनुवाद से नहीं. गिरिराज सिंह जैसे लोग ही देश की एकता और अखंडता को बिगाड़ने का काम करते हैं. समाज में हिंसा फैलाते हैं. उन्होंने कहा था कि पीएम अपने पिछलगू पर लगाम नहीं कसेंगे तो देश में तनाव होगा.
गिरिराज सिंह के बयान पर अन्य दलों की प्रतिक्रिया भी आने लगी. कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने विरोध जताते हुए कहा कि गिरिराज कट्टर हिंदूवादी हैं और वो हमेशा धर्मनिरपेक्षता के विपरित काम करते हैं और बयान देते हैं.

नरेंद्र मोदी ने रविवार को 30वीं बार मन की बात की। इस बार उन्होंने बांग्लादेश इंडिपेंडेंस डे, शहीद भगत सिंह, डिजिटल पेमेंट, स्वच्छता अभियान, न्यू डिजिटल इंडिया, डिप्रेशन, खाना बर्बाद न करने का जिक्र किया। इसके अलावा हफ्ते में एक दिन लोगों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल न करने की अपील की।
उन्होंने कहा- "125 करोड़ राह तय करें, न्यू इंडिया का सपना सच हो सकता है। जरूरी नहीं कि हर चीज सरकारी पैसे से हो। अगर हर नागरिक संकल्प करे कि अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा, एक दिन पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल नहीं करूंगा। इन छोटी-छोटी बातों से न्यू इंडिया बनेगा।" पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद मोदी ने पहली बार मन की बात की। यूपी समेत 5 में से 4 राज्यों में बीजेपी ने सरकार बनाई है, लेकिन अपनी स्पीच में इसका जिक्र नहीं किया। मन की बात की 8 खास बातें...

1. बांग्लादेश इंडिपेंडेंस डे पर दी बधाई

- मोदी ने कहा- "आज 26 मार्च है। मैं बांग्लादेश के लोगों को शुभकामनाएं देता हूं। भारत, बांग्लादेश का करीबी साथी है। हम उनके विकास में योगदान देते रहेंगे। भारत-बांग्लादेश की गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की साझी विरासत है। गुरुदेव को उनकी रचना गीतांजलि के लिए 1913 में नोबेल अवॉर्ड मिला था। अंग्रेजों ने उन्हें नाइटहुड की उपाधि दी। 1919 में जलियांवाला कांड के चलते उन्होंने ये उपाधि लौटा दी।"
- "एक 12 साल के बच्चे पर जलियांवाला कांड का बहुत प्रभाव पड़ा। ये बच्चा भगत सिंह थे। 23 मार्च को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया। उन्हें 24 मार्च, 1931 को फांसी दी जानी थी, लेकिन एक दिन पहले ही चुपके से फांसी दे दी गई। फिर चुपके से दाह संस्कार भी कर दिया। जब भी पंजाब जाएं तो उन शहीदों को नमन करें।


2. गांधीजी ने संघर्ष और सृजन को एकसाथ करके दिखाया

- "10 अप्रैल, 1917 में गांधीजी ने चंपारण सत्याग्रह किया। आज हम गांधीजी और उनके चंपारण सत्याग्रह का आकलन नहीं कर सकते। 1915 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से आए थे। न देश उन्हें जानता था और न वे देश को। ये सत्याग्रह उनके संगठन कौशल को बताता है। उन्होंने कई बड़े नेताओं को चंपारण भेजा। गांधीजी ने संघर्ष और सृजन को एकसाथ करके दिखाया। गांधीजी ने सत्याग्रह के मायने समझाए।"


3. हफ्ते मेंएक दिन पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल छोड़ें

- मोदी ने कहा, "लाखों लोग निस्वार्थ भाव से समाज के शोषित, वंचितों के लिए कुछ करते नजर आते हैं। कई लोग रोज अस्पताल जाकर मरीजों की मदद करते हैं। ब्लड डोनेट करते हैं। जन सेवा यानी प्रभु सेवा हमारी रगों में है।"
- "125 करोड़ राह तय करें, न्यू इंडिया का सपना सच हो सकता है। जरूरी नहीं कि हर चीज सरकारी पैसे से हो। अगर हर नागरिक संकल्प करे कि अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा, एक दिन पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल नहीं करूंगा। इन छोटी-छोटी बातों से न्यू इंडिया बनेगा। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को याद करें, चंपारण को याद करें। स्वराज से स्वराज तक की यात्रा शुरू करें।"


4. डिजिटल पेमेंन्ट पर जोर दें

- मोदी ने कहा, "देश के लोग बिना नकद कारोबार की तरफ बढ़ रहे हैं। डीमैट (भीम) अकाउंट को कुछ दिन में ही डेढ़ करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है। कालेधन के खिलाफ आप वीर सैनिक बन सकते हैं। डिजिटल पेमेंन्ट पर जोर दें। 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर की जन्म जयंती पर डिजीधन का समापन होने वाला है। हमें तय करना है कि नोटों का इस्तेमाल कैसे कम हो।"


5. प्लेट में उतना खाना लें जितना आप खा सकें

- देहरादून से गायत्री नाम की बिटिया ने कहा, "मोदी सर लोगों को समझाना होगा कि नदी को कितना गंदा करते हैं। मैं चाहती हूं कि आपके माध्यम से लोग इसको जानें। स्वच्छता आंदोलन से ज्यादा आदत से जुड़ी होती है। गायत्री का संदेश हम सबके लिए संदेश बनना चाहिए। ज्यादातर लोगों ने फूड वेस्टेज पर चिंता जताई है। प्लेट भर लेते हैं फिर खा नहीं पाते और जूठन छोड़कर निकल जाते हैं। सोचिए, जूठन न छोड़ें तो कितने लोगों का पेट भर सकता है। इस विषय पर उदासीनता सामाजिक अपराध है। इस पर जागरूकता बढ़नी चाहिए। मैं कुछ लोगों को जानता हूं जो जूठन रोकने के लिए काम कर रहे हैं। जो लोग शरीर-स्वास्थ्य के लिए जागरूक होते हैं, वे कहते हैं- थोड़ा पेट खाली रखो, थोड़ी प्लेट भी खाली रखो।"


6. बच्चों का ख्याल रखें, डिप्रेशन से दूर रखें

-मोदी ने कहा, "7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस WHO डिप्रेशन के लिए मना रहा है। माता-पिता को कहना चाहूंगा कि बेटा-बेटी या परिवार का कोई सदस्य बाद में खाना खाता है या अकेला रहना चाहता है। ये डिप्रेशन का पहला कदम है। ऐसा न होने दें। उसे लोगों के बीच में रहने के लिए प्रेरित करें। डिप्रेशन कई शारीरिक-मानसिक बीमारियों का कारण बन जाता है। ये सारी क्षमताओं को ध्वस्त कर देता है। अगर अपनों के बीच आप खुलकर एक्सप्रेशन नहीं कर पाते। आसपास के लोगों की सेवा करने से आप अपने मन के बोझ को मुक्त कर सकते हैं। इसमें योग भी काफी मदद कर सकता है।"


7. विश्व योग दिवस की तैयारी शुरू कर दीजिए

- "21 जून को विश्व योग दिवस है। ये तीसरा साल है। इसकी तैयारी शुरू कर दीजिए। हेल्थ की बात निकली है तो माताओं-बहनों से कहना चाहता हूं। आज वे आगे निकल रही हैं। लेकिन उनके साथ घर की भी जिम्मेदारी होती है। इसको देखते हुए भारत सरकार ने वर्किंग वुमन को 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव देने का एलान किया है। इसकी वजह नवजात यानी देश के भविष्य का ध्यान रखना है। 18 लाख महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा।"


8. गुड़ी पड़वा-चेटीचंड परदेशवासियों को बधाई

- "राम नवमीं, महावीर जयंती, बाबा साहब अंबेडकर जयंती आने वाली है। इसकी सबको बधाई। दो दिन बाद चैत्र प्रतिपदा का त्योहार आने वाला है। कई क्षेत्रों में ये अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। इसे गुड़ी पड़वा-चेटीचंड जयंती के रूप में मनाते हैं। इसकी भी देशवासियों को बधाई।"

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता पार्टी सुप्रीमो व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्‍प के रूप में खड़ा करने की कवायद में बयान देते रहे हैं। ऐसा ही एक बयान बिहार प्रदेश जदयू अध्‍यक्ष वशिष्‍ठ नारायाण सिंह ने दिया है। उन्‍होंने कहा है कि कांग्रेस सहित सभी सभी भाजपा विरोधी सभी दलों को अब नीतीश कुमार का नेतृत्‍व स्‍वीकार कर लेना चाहिए।

जदयू प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा है कि आज के बदले हालात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्‍प के रूप में एकमात्र नीतीश कुमार ही उभरकर सामने आए हैं। इस बदले हालात में कांग्रेस को भी वैकल्पिक नेतृत्‍व स्‍वीकार करना चाहिए।

विदित हो कि कांग्रेस अपने राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री प्रत्‍याशी के रूप में घोषित करता रहा है। जदयू के उक्‍त बयान पर अभी कांग्रेस की प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वशिष्‍ठ नारायाण सिंह ने उत्‍तर प्रदेश में भाजपा की भारी बहुमत से जीत का जिक्र करते हुए कहा कि अब उसके लिए जनता की अपेक्षाओं के अनुसार काम करने का वक्‍त है।

अप्रत्यक्ष कर की सर्वोच्च पॉलिसी मेकिंग बॉडी सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम (सीबीईसी) का नाम बदलकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने अपनी एक स्टेटमेंट में बताया कि वैधानिक मंजूरी लेने के बाद सीबीईसी का नाम बदलकर सीबीआईसी किया जा रहा है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) सेंट्रल एक्साइज लेवी और कस्टम्स के कामकाज तो जारी रखेगा ही इसके अलावा अपने सभी फील्ड फॉर्मेशंस और निदेशालयों की निगरानी करेगा। साथ ही सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित पॉलिसी निर्माण से संबंधित कार्यों में भी सहयोग करेगा।

वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वस्तु एवं सेवा कर को लागू करने के लिए सीबीईसी के फील्ड फॉर्मेशन के पुनर्गठन को अनुमति दे दी है।’ साथ ही प्रस्तावित जीएसटी कानूनों के प्रावधानों को लागू करने के लिए सेंट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स के मौजूदा स्वरूप को पुनर्गठित किया गया है।

इनडायरेक्ट टैक्स रिफॉर्म जीएसटी से कर चोरी पर लगाम लगने की उम्मीद है। इससे कमोडिटी सस्ती होंगी और साथ ही भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ में दो फीसद का इजाफा होगा। जीएसटी में एक्साइज, सर्विस टैक्स, वैट और अन्य लोकल लेवीज समाहित हो जाएंगी।

सीबीआईसी के 21 जोन, 15 सब कमिश्नरेट्स में 101 जीएसटी टैक्सपेयर सर्विसेज कमिश्नर, 768 डिवीजन, 3969 रेंज, 49 ऑडिट कमिश्नरेट्स और 50 अपील्स कमिश्नरेट्स होंगे। स्टेटमेंट में बाताय गया है कि इससे अप्रत्यक्ष कर प्रशासनिक स्ट्रक्चर के माध्यम से पूरे देश में तेज टैक्सपेयर सर्विसेज सुनिश्चित होंगी।

शुक्रवार को सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को 10 रुपए के प्लास्टिक नोट के फील्ड ट्रायल करने के लिए अधिकृत किया गया है, जो ज्यादा समय तक चलेंगे। वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि देश में सरकार ने पांच जगहों पर प्लास्टिक बैंक नोट्स का फील्ड ट्रायल करने का फैसला लिया है।

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सब्सट्रैट खरीदे जाने की मंजूरी दे दी गई है और रिजर्व बैंक को 10 रुपये के प्लास्टिक नोट को छापने की मंजूरी दिए जाने के संदर्भ में बता दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कॉटन सब्सट्रैट बैंक नोट्स के मुकाबले प्लास्टिक नोट्स की जीवन अवधि ज्यादा होती है।

दुनियाभर के केंद्रीय बैंक बीते कई वर्षों से बैंक नोट्स का जीवन चक्र (लाइफ साइल) बढ़ाने के लिए प्लास्टिक नोट्स जैसे विभिन्न विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक फील्ड ट्रायल के बाद प्ला‍स्टिक करेंसी नोट को देशभर में लॉन्च करेगा। सरकार ने सबसे पहली बार फरवरी 2014 में 10 रुपये मूल्य के प्लास्टिक नोट को फील्ड ट्रायल के लिए मंजूरी दी थी। ट्रायल के लिए भौगोलिक और जलवायु विविधता के आधार पर पांच शहरों का चयन किया गया था। फील्ड ट्रायल के लिए चुने गए शहर कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वनर थे।

अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि प्लास्टिक नोट की औसत आयु पांच वर्ष है और इसकी नकल करना कठिन है। साथ ही यह भी कहा कि प्‍लास्टिक से तैयार नोट पेपर नोट के मुकाबले ज्यादा स्वच्छ होते हैं। आपको बता दें कि नकली मुद्रा को रोकने के लिए इस तरह के नोट सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में लॉन्च किए गए थे।


बैंक खाते में अगर न्यूनतम बैलेंस नहीं रहा तो जेब कटनी तय है। यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक अप्रैल से कई मानदंड बदल जाएंगे। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से इसकी तैयारी कर ली गई है। बचत और चालू दोनों खाताधारकों के लिए अलग-अलग न्यूनतम बैलेंस का प्रावधान है।

इसे भी केटेगरी के आधार पर बांटा गया है। यह बैलेंस हर माह औसत के रूप में माना जाएगा। करेंट एकाउंट के लिए एक ही मानक है। वहीं, सेविंग एकाउंट को चार श्रेणी में बांटा गया है।
करेंट एकाउंट
- 10 हजार रुपये खाताधारक को रखना होगा मंथली एवरेज बैलेंस
- 500 रुपये सर्विस टैक्स बतौर जुर्माना देना होगा बैलेंस नहीं रखने पर
सेविंग एकाउंट
श्रेणी : मंथली न्यूनतम बैलेंस : जुर्माना
मेट्रो शहर : 5000 रुपये : 100 रुपये
अर्बन : 3000 रुपये : 80 रुपये
सेमी अर्बन : 2000 रुपये : 75 रुपये
रूरल क्षेत्र : 1000 रुपये : 50 रुपये
(नोट : जुर्माने के साथ 15 फीसद सर्विस टैक्स भी लगेगा)

निर्धारित सीमा से अधिक एटीएम के उपयोग पर कटेगी जेब
एसबीआइ के ग्राहकों को एटीएम के कम से कम उपयोग की आदत भी डाल लेनी चाहिए। दरअसल, निर्धारित सीमा से अधिक एटीएम के उपयोग करने पर एक अप्रैल से जेब कटनी तय है। एसबीआइ ग्राहकों को यह सुविधा मंथली एवरेज बैलेंस के आधार पर मिलेगी।
जानिए जरूरी बातें.....

-अगर आपके खाते का मंथली एवरेज बैलेंस एक लाख रुपये से अधिक है तो चिंता की बात नहीं। आप एसबीआइ अथवा दूसरे बैंकों के एटीएम का उपयोग अनलिमिटेड कर सकेंगे।
-अगर मंथली एवरेज बैलेंस 25 हजार से ऊपर और एक लाख रुपये से कम है तो एसबीआइ के एटीएम का उपयोग तो आप अनलिमिटेड कर सकेंगे लेकिन दूसरे बैंकों के एटीएम के उपयोग के लिए सीमा निर्धारित होगी। मैट्रो शहरों में आप तीन बार फ्री एटीएम सेवा ले सकेंगे जबकि अन्य इलाकों में पांच बार उपयोग कर सकेंगे।

- 25 हजार रुपये से नीचे मंथली एवरेज बैलेंस रहने की स्थिति में भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम का पांच बार बिना शुल्क उपयोग कर सकेंगे। दूसरे बैंकों के एटीएम के उपयोग के मामले में मैट्रो शहरों में तीन बार, और अन्य इलाके में पांच बार फ्री सेवा ले सकेंगे।

-निर्धारित सीमा से अधिक बार एटीएम का उपयोग करने पर एसबीआइ ग्राहकों को शुल्क देना होगा।

कहा एसबीआइ के एटीएम महाप्रबंधक ने
भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम परिचालन के सहायक महाप्रबंधक आनंद विक्रम ने कहा कि एसबीआइ के एटीएम का अगर सीमा से अधिक उपयोग होता है तो 10 रुपये और सर्विस टैक्स देना होगा। दूसरे बैंकों के मामले में यह राशि सर्विस टैक्स के साथ 20 रुपये होगी। नॉन फिनांशियल ट्रांजैक्शन (जिसमें रुपये की निकासी न हो) के मामले में एसबीआइ में यह राशि सर्विस टैक्स के साथ 5 रुपये होगी जबकि दूसरे बैंकों में सर्विस टैक्स के साथ आठ रुपये होगी।


केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को केंद्र सरकार की तरफ से किसानों के लोन माफ किए जाने की बात से साफ इंकार कर दिया। जेटली का कहना है कि केंद्र किसानों के लोन माफ नहीं करेगा, लेकिन राज्य सरकारें चाहें तो अपने संसाधनों के माध्यम इस दिशा में प्रयास कर सकती हैं। यह बातें वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में कही।

जेटली ने कहा कि सरकार इस नीति में राज्यों से भेदभाव नहीं करेगी। जेटली का कहना है कि केंद्र की तरफ से किसी विशेष राज्य को मदद करने और किसी दूसरे को न करने की नीति नहीं अपनाई जाएगी। अरुण जेटली ने कहा, 'कई राज्यों से लोन माफी की मांग उठी है। कृषि क्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार की अपनी नीतियां हैं, जिनके तहत वह लोन पर ब्याज में छूट और अन्य सहायता देती है। हम इन सुविधाओं को लगातार जारी रखेंगे।'

बता दें कि यूपी की कई चुनावी रैलियों में पीएम नरेंद्र मोदी ने बीजेपी सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में ही गरीब किसानों के लोन माफ करने का वादा किया था।

जेटली ने राज्यसभा में कहा, 'यदि किसी राज्य सरकार के पास अपने संसाधन हैं और वह किसानों के लोन माफ करना चाहती है तो वह ऐसा कर सकती है। लेकिन, ऐसी स्थिति नहीं होगी कि केंद्र सरकार किसी एक राज्य को तो मदद करें और किसी दूसरे राज्य को नहीं।

भागलपुर का चुलबुल पांडे हमेशा के लिए सो गया। सलमान खान भले ही फिल्म दबंग में पुलिस सब इंस्पेक्टर का रोल किया हो। मगर विजय चंद्र शर्मा सच में सब इंस्पेक्टर रहते अपनी बहादुरी की वजह से दबंग का चुलबुल पांडे बन गया था। उसे पुलिस महकमा में और भागलपुर के लोग इसी नाम से जानते थे। वह थाना तिलकामांझी का एसएचओ पद पर तैनात थे । इतवार को देर रात यहां के हवाई अड्डे में किसी सूचना पर बदमाशों को दबोचने अपनी स्कार्पियो गाडी से अकेले निकल पड़े। एसएसपी मनोज कुमार के मुताबिक गाडी भी खुद ही चला रहा थे।तेज रफ्तार की वजह से अचानक गाडी बेकाबू हो दाहिने की तरफ ज्यादा झुक गई। और पलट गई। गाडी के आगे पहिए की हवा भी निकली थी। और क्षतिग्रस्त हो गई। एसएसपी वाकए को दुखद और महकमा का बहादुर अधिकारी खो देने का अफ़सोस जताते है। वे बताते है कि देर रात तक गलियों में गश्त लगाना अपनी ड्यूटी का वे हिस्सा मानते थे। इस बात की जानकारी किसी को नहीं हुई। और वे जख्मी हो अचेत स्कार्पियो में ही पड़े रहे। काफी देर तक न लौटने पर थाने के दूसरे स्टाफ की चिंता बढ़ी। और दूसरा गश्ती दल निकला और देखा कि हवाई अड्डे में जख्मी हालत में लहूलुहान हो पड़े है। उन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाल जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके सिर में ज्यादा चोट आई। खबर पाकर भागलपुर रेंज के आईजी सुशील खोपड़े, एसएसपी मनोज कुमार समेत डीएसपी और सभी थानों के अधिकारी और कांस्टेबल पहुंचे। मृतक सब इन्स्पेक्टर विजय चंद्र शर्मा के शव को पुलिस लाइन ला सभी ने मातमी धुन बजा सलामी दी। वे मुंगेर जिले के जमालपुर के रहने वाले थे। बाद में शव का अंतिम संस्कार के लिए उनके परिवार को सौंप दिया गया। एसएसपी मनोज कुमार ने इस संबाददाता को बताया कि उन्होंने 2014 में ही एक महिला पुलिस कांस्टेबल से अंतरजातीय शादी की थी। जो कि भागलपुर एसएसपी दफ्तर में ही पोस्टेड है। और उनको एक छोटा बच्चा है। विजय चंद्र शर्मा की मौत से उनका परिवार सदमें में है परिवार को यकीन नहीं हो रहा कि विजय अब इस दुनिया में नहीं है।

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