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फूड डेस्क।इन दिनों एक सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति की अंडे के बाद केला खाने के कारण मौत हो गई। मैसेज में यह कहने की कोशिश की जा रही है कि अंडे और केला साथ खाने से मौत हो सकती है। क्या वाकई यह सच है?... हमने 10 Experts से जानी सच्चाई... क्या सचमुच अंडे खाने के बाद या साथ में केला खाने से मौत हो सकती है? इस वायरल मैसेज का सच जानने के लिए देश के अलग-अलग भागों और क्षेत्रों से जुड़े 10 हेल्थ एक्सपर्ट से बात की। इनमें डॉक्टर्स, आयुर्वेद एक्सपर्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और फूड एक्सपर्ट शामिल हैं। इन्हाेंने इस बारे में क्या कहा, यह हम आगे की स्लाइड्स में बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज : 'जरूरी सूचना... अंडा खाने के तुरन्त बाद केला खाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई । अंडे के तुरन्त बाद केला खाने की वजह से उस व्यक्ति की वहीं मौत हो गई। जब जांच की गई तो मालूम पड़ा कि उस व्यक्ति की मौत उसके पेट में अंडा और केला के मिश्रण से जहर बन जाने की वजह से हुई। इस कारण अंडा और केले को साथ-साथ ना खाए। नहीं तो ये मौत की वजह बन सकता है । इसे सिर्फ अपने पास ना रखें, बल्कि हर किसी को शेयर करें। केवल बुरा ईसान ही दूसरे को शेयर नहीं करेगा, क्योंकि वह दूसरे को मरते देखना चाहता है...'

त्‍वचा को बेदाग बनाता है सेंधा नमक क्‍या आप भी अपनी त्‍वचा पर होने वाले कील-मुंहासों के बाद होने वाले गढ्ढों से परेशान है और इन्‍हें दूर करने के लिए उपायों की खोज कर रहे हैं तो सॉल्‍ट स्‍क्रब आपकी इस समस्‍या को बहुत आसानी से दूर कर सकता है। जी हां अब आपको खूबसूरत त्‍वचा पाने के लिए बाजार में मौजूद महंगे कॉस्‍मेटिक का सहारा लेने की जरूरत नहीं है। आप सेंधा नमक स्‍क्रब की मदद से खूबसूरत त्‍वचा पा सकते हैं। सेंधा नमक एक बेहतरीन ब्यूटी प्रोडक्ट है। इसके इस्तेमाल से डेड स्क‍िन तो साफ होती है साथ ही ब्लैकहेड्स भी दूर हो जाते हैं और चेहरे के गढ्ढे भी तेजी से भरता है। आइए जानें त्‍वचा के दाग-धब्‍बों को दूर करने के लिए सेंधा नमक का इस्‍तेमाल कैसे किया जाता है।

सेंधा नमक और ओटमील स्‍क्रब नमक और ओटमील का स्‍क्रब ऑयली त्‍वचा के लिए बहुत अच्‍छा होता है। इसके लिए आप ओटमील और सेंधा नमक को अच्छी तरह मिला लें और इसमें कुछ बूंदे नींबू के रस और बादाम के तेल की मिक्स कर लें। फिर इस स्‍क्रब से अपने चेहरे पर हल्‍के हाथों से स्‍क्रब करें। कुछ देर स्क्रब करने के बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।

सेंधा नमक और जैतून के तेल का स्‍क्रब सेंधा नमक को अगर आप जैतून के तेल में मिलाकर चेहरे पर लगाते हैं तो इससे आपके चेहरे में निखार आता है। जी हां अगर आपकी त्‍वचा ड्राई है तो सॉल्‍ट और ऑयल का यह पेस्‍ट आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। क्‍योंकि यह आपके चेहरे को नमी प्रदान करता है।

सेंधा नमक और नींबू का स्‍क्रब त्‍वचा के दाग-धब्‍बों से छुटकारा पाने के लिए सेंधा नमक में कुछ बूंदे नींबू की मिलाकर पेस्‍ट बना लें। फिर इससे अपने चेहरे पर स्‍क्रब करें। हफ्ते में दो बार ऐसा करने से आप मुंहासों, ब्‍लड हैड्स और व्‍हाइटहेड्स को आसानी से दूर कर सकते हैं।

सेंधा नमक और शहद का स्‍क्रब सेंधा नमक और शहद का स्‍क्रब त्‍वचा में निखार लाने में मदद करता है। शहद टैनिंग को दूर करने का काम करता है और यह त्‍वचा को नमी भी प्रदान करता है। इस स्‍क्रब को बनाने के लिए एक कटोरी में सेंधा नमक लेकर उसमें कुछ बूंदें शहद की मिलाएं। अब इसे अच्‍छी तरह से मिक्‍स करके चेहरे पर लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद त्‍वचा को पानी से धो लें। इस उपाय को हफ्ते में दो बार करें।

गालो पे डिंपल आपका दिल चुरा लेते है अगर वो किसी महिला के गाल हो तो, वैसे ही किसी पुरुष के गाल होतो महिलाओ का दिल चुरा लेते है. लेकिन शायद आपने नोटिस किया हो या ना भी लेकिन आपके या जिनके भी पीठ पर डिंपल है उनका क्या मतलब होता है. क्या उनमे लकी चार्म छुपा होता है? या फिर वो किसी तरह की कमजोरी की तरफ इशारा करता है? जाने थोड़ा बहुत इस विषय के बारे में.... क्या आपको ये पसंद है? तो क्या आप ये पूछना चाहते है की ये प्राकृतिक होते है ये पाए भी जा सकते है? दरअसल ये गॉड गिफ्टेड होते है और अगर आप ये सोच रहे है की जिम जाके ये बना ले तो जान ले की पीठ के छेद जिस स्थान पर होते है वँहा मसल्स(मांसपेशिया) ही नही होती है. जिन महिलाओ में ये होते है उनके पार्टनर लकी समझे अपने आप को क्योंकि इनका होना इस बात का घोतक है की महिला पुरुष के मिलन के दौरान महिला जल्द ही आनंद पा लेगी. ऐसे में पुरुष अपने आप को सुपर मैन महसूस करेगा ही न क्योंकि वेस्ट में तो डाइवोर्स के 90 % मामले इसलिए ही सामने आते है क्योंकि मर्द ठुस्सु निकलते है.

थोड़ी-सी जो पी ली है, चोरी तो नहीं की है’. आपने ये मशहूर गाना तो जरूर सुना होगा. ये गाना आज भी शराब के शौकीनों के बीच खूब गुनगुनाया जाता है लेकिन फिल्मों में दिखने वाले गाने ऐसे ही नहीं बने बल्कि उन फिल्मों में काम करने वाले सितारों पर भी फीट बैठते हैं.

राखी गुलज़ार

मीना कुमारी

संजीव कुमार

सिल्क समिता

दिव्या भारती

रणवीर कपूर

अमीषा पटेल

आज समय में बाल सफेद होना, झडऩा या गंजापन एक आम बीमारी बन चुका है। इस समस्या से दुनिया में ज्यादातर लोग जूझ रहे हैं। लेकिन इसका भी उपाय है और वो है सीताफल। जी हां, इस फल के सेवन से कई फायदे होते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं सीताफल के सेवन से होने वाले फायदे… औषधि की तरह काम करता है ये फल सीताफल एक बड़ा ही स्वादिष्ट फल है जिसकी खूबियों के बारे में आयुर्वेद में भी वर्णन है। ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास केसमय श्रीराम को यह भेंट किया था। तभी से इसका नाम सीताफल पड़ा। सीताफल सिर्फ फल नहीं, दवा भी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग शरीर से दुबले पतले होते हैं उन्हें सीताफल खाना चाहिए। सीताफल खाने से शरीर की दुर्बलता तो दूर होती ही है साथ ही मैनपावर भी बढता है। आयुर्वेद के अनुसार शीताफल शरीर को शीतलता पहुंचाता है। यह फल पित्तशामक, तृषाशामक, उल्टी रोकने वाला, पौष्टिक, तृप्तिकर्ता, कफ एवं वीर्यवर्धक, मांस एवं रक्त वर्धक, बलवर्धक, वात दोष शामक और हृदय के लिए लाभदायी है। कच्चा सीताफल खाने से अतिसार और पेचिश में फायदा मिलता है। कच्चे सीताफल को काटकर सुखा दें और पीसकर रोगी खिलाएं। इससे डायरिया सही हो जाएगा। सीताफल दवा का काम भी करता है। इस फल को खाने से दुर्बलता दूर होकर मैनपावर बढ़ती है। सीताफल खाने से शरीर की दुर्बलता, थकान दूर होकर मांस-पेशियां मजबूत होती है। सीताफल एक मीठा फल है जिसमें कैलोरी काफी मात्रा में होती है। यह फल आसानी से पचने वाला होने समेत पाचक और अल्सर तथा एसिडटी में लाभकारी है। सीताफल के पत्तों को पीस कर फोड़ों पर लगाने से वो ठीक हो जाते हैं। सीताफल के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीसकर लगाने से सिर के उड़े हुए बाल भी फिर से उग आते हैं। सीताफल के बीजों को बारीक पीस कर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांध कर सो जाएं। इससे जुएं मर जाती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे, क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है। शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुएं मर जाती हैं। सीताफल घबराहट दूर कर हार्टबीट को सही करता है। कमजोर हृदय या उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए इसका सेवन बहुत ही लाभदायक है।

संगमनगरी इलाहाबाद में आज एक मंदिर में भगवान हनुमान की आंखों से आंसू बहते देखने के बाद वहां पर श्रृद्धालुओं का तांता लग गया है। फिलहाल हनुमान मंदिर के बाहर जमा भीड़ को पुलिस को हटा रही है। इलाहाबाद में थाना कोतवाली बादशाही चौकी के निकट बादशाही मंडी के अंदर एक मंदिर के अंदर हनुमान जी का मंदिर है। सुबह मंदिर में पहुंचे कुछ लोगों ने लगातार रो रहे भगवान हनुमान की प्रतिमा से कई बार आंसू पोछने का प्रयास किया, लेकिन उनकी आंखों ने निकल रहे आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनकी आंखों से पानी गिर रहा है, इसको देखने के लिए वहां पर सैकड़ों लोगों का का मजमा लगा हुआ है। पुलिस वहां से लोगों को हटाने के प्रयास में है। मंदिर में ल

एम्स के डॉक्टरों ने वर्ष 1996 से 2016 तक मोबाइल के इस्तेमाल व ब्रेन ट्यूमर को लेकर किए गए सभी शोधों को खंगाला। उनमें से विभिन्न देशों में हुए 22 शोधों का समीक्षात्मक अध्ययन किया। नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। मोबाइल फोन आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मोबाइल फोन मस्तिष्क कैंसर (ब्रेन ट्यूमर) का कारण बन सकता है। एम्स के डॉक्टरों द्वारा विदेशों में हुए शोधों के समीक्षात्मक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से अल्पकालिक तौर पर ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा नहीं है लेकिन 10 साल या उससे अधिक समय तक मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर का खतरा 1.33 गुना बढ़ जाता है। ऐसे में यह आने वाले समय में खतरे की घंटी हो सकती है। एम्स का यह समीक्षात्मक अध्ययन अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल (न्यूरोलॉजिकल साइंस) में प्रकाशित हुआ है। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मोबाइल के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर होने के खतरे का पता लगाने के लिए अब तक जो भी शोध हुए हैं उसकी गुणवत्ता व नतीजे शोध का खर्च वहन करने वाले स्रोत से प्रभावित रहे हैं। मोबाइल कंपनियों के बजट से हुए शोधों में ब्रेन ट्यूमर का खतरा नहीं होने का दावा किया गया है। जबकि सरकारी बजट से होने वाले शोध के नतीजे अलग कहानी बयान कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: देश की महिलाओं के लिए खास होगा पैनिक बटन वाला नया स्मार्टफोन 'धाकड़' समीक्षात्मक अध्ययन में शामिल एम्स के एक डॉक्टर ने कहा कि मोबाइल फोन से निकलने वाले इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन को कैंसर के कारकों में शामिल किया गया है। फिर भी विशेषज्ञों में इस बात पर विवाद है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन का कैंसर होता है या नहीं। विदेशों में हुए कुछ शोधों में यह कहा गया है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर नहीं होता। जबकि कुछ शोधों में कहा गया है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा रहता है। इस विवाद के वजह से ही यह समीक्षात्मक अध्ययन किया गया। एम्स के डॉक्टरों ने वर्ष 1996 से 2016 तक मोबाइल के इस्तेमाल व ब्रेन ट्यूमर को लेकर किए गए सभी शोधों को खंगाला। उनमें से विभिन्न देशों में हुए 22 शोधों का समीक्षात्मक अध्ययन किया। उन शोधों में 48,452 लोग शामिल किए गए थे। जिनमें 17,321 मरीज और 31,131 सामान्य लोग शामिल थे। जिनकी उम्र 18 से 90 वर्ष के बीच थी। एम्स के डॉक्टरों ने उन शोधों की गुणवत्ता, बजट जारी करने वाले स्रोत व परिणामों का भी अध्ययन किया। इस दौरान यह पाया गया कि 22 में से 12 अध्ययनों में 10 साल या उससे अधिक समय तक मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर के खतरे का सबूत मिला। हालांकि कंपनियों के खर्चे से हुए अध्ययनों में 10 साल से अधिक समय तक मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों पर उसके दुष्प्रभाव का आंकड़ा मौजूद नहीं है। यह भी पढ़ें: चूरन वाले नोट को असली समझ ठगों ने थमा दिया सोने के सिक्कों से भरा थैला मोबाइल रेडिएशन को लेकर देश में नहीं हुए हैं शोध मोबाइल से निकलने वाले इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन के दुष्प्रभाव के आंकलन के लिए अब तक देश में कोई खास शोध नहीं हुए हैं। यही वजह है कि एम्स के डॉक्टरों ने विदेशों में हुए शोध का समीक्षात्मक अध्ययन किया। जिसमें अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जापान के अलावा कई यूरोपियन देशों के शोध शामिल है। हालांकि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने यहां भी इस विषय पर शोध शुरू कराया है। जिसमें एम्स के डॉक्टर भी शामिल हैं। कम करें मोबाइल का इस्तेमाल एम्स के डॉक्टर कहते हैं कि मोबाइल का कम इस्तेमाल करना ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। खासतौर पर मोबाइल पर बातें कम करना चाहिए। क्योंकि बातचीत के दौरान मोबाइल मस्तिष्क के पास होता है।

हमारे यहाँ की परम्पराओ में ताली बजाने का चलन बरसो से चला आ रहा है। जब भी हम ख़ुशी महसूस करते है, ताली बजाते है । किसी को प्रोत्साहित करने के लिए ताली बजाते है, और भजन, कीर्तन, शादी ,पार्टियों के मौको पर तो हम खुलकर ताली बजाते ही है । तो अब से रोज़ खुद के लिए ताली बजाओऔर स्वास्थ्य लाभ पाओ हमारे दोनों हाथो की हथेलियों में शरीर के समस्त अंगों के कुछ ऐसे Points होते है, जिनके एक्युप्रेशर से समस्त आंगो के रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है । जब ताली बजाई जाती है तब इन बिन्दुओं पर बार-बार दबाब यानि प्रेशर पड़ता है जिससे शरीर की समस्त आन्तरिक संस्थान में उर्जा जाती है और सभी अंग अपना काम सुचारू रूप में करने लगते हैं। मेरा व्यग्तिगत अनुभव है ये की अगर आप रोज़ सुबह १५ मिनट या ५०० बार ताली बजाते है तो आपके ५२ प्रकार के रोगों की होने की सम्भावना ९०% तक कम हो जाती है चलो हम आपको बताते है की क्या है ताली बजाने के कुछ अद्भुत फायदे, जिनको जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान ..(Clapping Benefits) 1)-मोटापा कम करने के लिए ताली बजाना सबसे बेहतर उपाय है। ताली बजाने से शरीर की अतरिक्त चर्बी कम होती है। जिससे मोटापा घटने लगता है। 2)-हृदय, लिवर, फेफड़ों आदि से जुड़ी नसों के लिए यह बहुत मददगार साबित होता है। अगर आप ताली बजाते हैं तो नसों को बेहतर कार्य करने में मदद मिलती है। 3)-हृदय रोग, उच्च रकतचाप, मधुमेह, डिप्रेशन, अस्थमा, ज़ुकाम, गठिया, सिरदर्द, अनिद्रा और बालों का झड़ना आदि बिमारियों का इलाज ताली बजाने से किया जा सकता है। 4)-हृदय रोग, उच्च रकतचाप, मधुमेह, डिप्रेशन, अस्थमा, ज़ुकाम, गठिया, सिरदर्द, अनिद्रा और बालों का झड़ना आदि बिमारियों का इलाज ताली बजाने से किया जा सकता है। 5)-ताली बजाने से शरीर के विकार खत्म होते हैं और वात, कफ और पित्त का संतुलन ठीक तरह से बना रहता है। मानसिक तनाव, चिंता और कब्ज के रोग भी ताली बजाने से खत्म होते हैं। 6)- ताली बजाने से बच्चों का हस्त कौशल सुधरता है जिससे उनकी लिखावट साफ हो सकती है, वे बेहतर लिख सकते हैं और स्पेलिंग संबंधी त्रुटियाँ कम होती हैं। 7)-ताली बजाने से रक्त संचरण बढ़ता है और नसों तथा धमनियों में से खराब कोलेस्ट्राल सहित सारे अवरोध हट जाते हैं। 8)-हर रोज़ भोजन करने के बाद एक घंटे के लिए ताली बजाएं। इससे आप गर्मी महसूस करेंगे तथा आपके हाथों और पैरों पर पसीना भी आ सकता है 9)-यह आपकी इम्युनिटी को बढ़ाता है क्योंकि यह आपके शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं को मजबूत करता है; ये किसी भी बीमारी से आपके शरीर की रक्षा करते हैं। 10)- यह बच्चों में कौशल बढ़ाने और अकादमिक प्रदर्शन को सुधारने में मदद करता है। अच्छे परिणाम पाने के लिए ताली बजाने से पहले हथेलियों पर नारियल या सरसों का तेल लगाना चाहिए ताकि यह शरीर में अवशोषित हो जाए।ताली बजाने से लाभ तभी मिलता है जब हम नियमित रूप से इसे करें। ताली बजाने से आपका मन भी खुश रहेगा। इसलिए हर समारोह में ताली बजाई जाती है। अपने लिए खुद से ताली बजाएं और अपने दोस्तों रिश्तेदारो को भी ताली बजाकर स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करे ।

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