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नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। वह पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव भी लड़ेंगे। वह अमृतसर सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं। इस सीट से उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा करती थीं। नामांकन करते वक्त सिद्धू ने अपने पास मौजूद चल-अचल संपत्ति के बारे में लिखित रूप में बताया। सिद्धू के पास कुल संपत्ति 52.55 करोड़ रुपए की है। जिसमें से 42.12 करोड़ रुपए की संपत्ति (चल-अचल) सिद्धू के नाम है और 10.43 करोड़ रुपए की उनकी पत्नी के नाम पर। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव के मुकाबले उनकी पूंजी 3.6 गुना बढ़ गई है। सिद्धू के पास मौजूद संपत्ति में 44 लाख की घड़ियां शामिल हैं। जिनका उन्होंने 2009 में जिक्र नहीं किया था। इसके अलावा उनकी पत्नी के 36 लाख रुपए के हीरों का भी जिक्र इस बार है जिनको पहले कभी नहीं बताया गया। हो सकता है यह बाद में खरीदे गए हों। गाड़ियां: 2009 में उनके पास लैंड क्रूजर, कौरोला, एंबेसडर, इंडेवर और स्कोडा थी। 2014 में सिद्धू पर दो लैंक क्रूजर, मिनि कूपर और फॉर्चूनर गाड़ियां थी। 2017 के आंकड़े फिलहाल नहीं मिल पाए। प्लॉट: 2011 में उन्होंने 31.05 करोड़ का प्लॉट खरीदा। वह अमृतसर में है। इसके अलावा उन्होंने एक दूसरे प्लॉट के लिए 88 लाख रुपए एडवांस भी दिए हुए हैं। सिद्धू ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन की है। इससे पहले वह बीजेपी में थे। वह बीजेपी से राज्यसभा सांसद थे। सांसद पद और पार्टी को छोड़ वह कांग्रेस में आए। राहुल गांधी की मौजूदगी में सिद्धू कांग्रेस में शामिल हुए। हालांकि, खबरें हैं कि कांग्रेस के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह से उनके रिश्ते अच्छे नहीं हैं।

नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्र सरकार अब प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खाताधारकों को सामाजिक सुरक्षा देने पर राजी हो गई है। इसके तहत इन खाताधारकों को तीन वर्ष के लिए दो लाख रुपये का बीमा दिए जाने को लेकर सरकार ने मन बना लिया है। संभावना है कि इसको जल्द लागू भी कर दिया जाएगा। इसके पीछे सरकार का मकसद गरीब और पिछड़े तबके के लोगों को सामाजिक सुरक्षा देना है। जन धन योजना में खुले 27 करोड़ अकाउंट गौरतलब है कि देश में प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत करीब 27 करोड़ अकाउंट खोले गए हैं। इनमें से 16 करोड़ को अब तक आधार कार्ड से भी जोड़ा जा चुका है। इसके तहत सरकार की कई योजनाओं से खाताधारकों को सीधा जोड़ा सकेगा। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक यदि सरकार के अपनी विचाराधीन योजना के मुताबिक ख्ााााताधारकोंं को एक्सीडेंट और और जीवन बीमा का कवर एक साथ देती है तो उसको करीब 9000 करोड़ रुपये का अनुमानित भार वहन करना होगा। इस संबंध में सरकार को कई प्रपोजल भी मिले हैं। एक प्रपोजल में इसकी बीमा के तहत प्रीमियम की राशि को केंद्र द्वारा ही वहन करने का सुझाव भी दिया गया है। सुझाव के तहत करीब तीन वर्षों तक यह राशि केंद्र को ही वहन करनी चाहिए। कई मामलों में निपटारा हो चुका है आंकड़ों के मुताबिक इन विभिन्न योजनाओं में से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत करीब 44,720 क्लेम रजिस्टर्ड हुए थे जिसमें से करीब 40,375 क्लेम को निपटा भी दिया गया है। वहीं प्रधामंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत करीब 8,821रजिस्टर्ड हुए जिसमें से 5,878 मामलों को निपटा दिया गया है।

कन्नूर: कन्नूर में राजनीतिक हिंसा की एक अन्य घटना में माकपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के विधानसभा क्षेत्र के धर्मादोम क्षेत्र अंतर्गत अंदालूर में एक भाजपा कार्यकर्ता की कथित तौर पर छुरी मारकर हत्या कर दी। संतोष (52) पर कल रात उस समय हमला किया गया, जब वह अपने घर में अकेला था। पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में थालीपरंबा स्थित आरएसएस कार्यालय पर एक देसी बम फेंका गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। हालांकि इस घटना में कार्यालय की खिड़की के कांच टूट गये। कन्नूर के पुलिस अधीक्षक के पी फिलिप ने बताया कि संतोष की अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही मौत हो गई। भाजपा जिले में हड़ताल का आयोजन कर रही है, जहां 57वां राज्य स्कूल कला महोत्सव जारी है। दुकानें एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं और सड़कों पर वाहन नहीं चल रहे हैं। भाजपा महोत्सव स्थल के सामने से संतोष की शवयात्रा निकालना चाह रही थी, जिस कारण 3 घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही। जब पुलिस ने उनको अनुमति देने से इनकार कर दिया तो कार्यकर्ता सड़कों पर आ गये और उन्होंने प्रदर्शन किया। हालांकि कन्नूर के कलेक्टर मीर मोहम्मद अली के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने शव को ले जा रही एंबुलेंस और दो कारों को आगे बढ़ने की इजाजत दी। कन्नूर में हड़ताल के दौरान विभिन्न स्थानों पर पथराव की छिटपुट घटनाएं देखने को मिलीं।

8 नवंबर, 2016 के बाद लागू की गई नोटबंदी के बाद बंद हुए नोटों के बदले में कितने नए नोट मार्केट में आ चुके हैं? इस सवाल के जवाब में गवर्नर उर्जित पटेल ने संसदीय समिति के समक्ष बताया कि करीब 9.2 लाख करोड़ रुपये तक के नए नोट आरबीआई की ओर से जारी किए जा चुके हैं। इसका अर्थ हुआ कि कुल 15.44 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के बाद 60% की नई करंसी आ चुकी है।  हालांकि आरबीआई की ओर से 13 जनवरी को जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 9.5 लाख करोड़ रुपये की राशि सर्कुलेशन में है। इस आंकड़े में नोटबंदी से पहले छोटी करंसी के रूप में मौजूद 2.53 लाख करोड़ रुपये की रकम भी शामिल है। यदि इस राशि को 9.55 लाख करोड़ रुपये में से घटा दिया जाए तो पता चलता है कि करीब 6.97 लाख करोड़ रुपये के नए नोट ही सर्कुलेशन में हैं। यह अमान्य किए गए 500 और 2000 रुपये के पुराने नोटों का करीब 45 पर्सेंट ही है। रिजर्व बैंक के सूत्रों ने कहा कि आंकड़ों में इस उलटफेर की वजह यह है कि आरबीआई ने 13 जनवरी को सर्कुलेशन में चल रहे नोटों की जानकारी दी। इसका अर्थ यह है कि बैन किए गए नोटों का महज 45.3% हिस्सा ही लौटा है।

पंचदेवरी में 13 सेक्टर अफसर के देख-रेख में बनेगी कल मानव श्रृंखला - 26 हजार मानव बल की मदद से 13 किमी बनेगी श्रृंखला - 65 कोआर्डिनेटर के करते रहेगें सड़कों पर फ्लेग मार्च घर-घर की महिला करें पुकार, नशा मुक्त हो मेरा बिहार। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए 21 जनवरी को पंचदेवरी प्रखण्ड की जनता सड़कों पर हाथ मिलाए खड़ी होगी। इस बीच एक दुसरे से लोग शपथ लेगें कि न तो वे नशा का सेवन करेगें और ना हीं किसी और को करने देगें। इसको लेकर शासन और प्रशासन ने पुरी ताकत झोक दी है। पंचदेवरी प्रखण्ड में कुल तेरह किलो मीटर लम्बा मानव श्रृंखला का नार्माण 26 हजार मानव बल मिल कर करेगें। जिसमें आठ हजार बच्चे, ग्यारह हजार जीविका दीदी, शिक्षक, साक्षर भारत कर्मी व अन्य गांव के लोग भाग लेगें। इसके लिए प्रशासनीक तौर पर कुल 13 सेक्टर अफसरों को प्रतिनियुक्त किया गया है। साथ हीं मानव श्रृंखला में कोई असाजिक तत्वों के द्वारा गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए 65 कोआर्डिनेटरों केा जिम्मेवारी दी गई है। पंचदेवरी में कुल  पांच टर्नीगं प्वाईट बनाया गया है। जहां पुलिस प्रशासन की कड़ी चोकसी रहेगी। पुरा बिहार नशा मुक्त के लिए कल 21 जनवरी को अपनेक निर्धारित स्थानों पर खड़ा होगा। इस बात की जानकारी देते हुए बीडीओ बैजू कुमार मिश्र ने कहा कि बिहार में पंचदेवरी का मानव श्रृंखला अपने आप में सबसे अलग होगा। इसके लिए सारी तैयारियां पुरी कर ली गई है।

नई दिल्ली: बुधवार को आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने संसदीय समिति को बताया कि किस तरह पिछले साल जनवरी से नोटबंदी पर चर्चा शुरू हो चुकी थी. वहीं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह कुछ सवालों के मामले में पटेल की मदद के लिए आगे बढ़े. डॉ सिंह जो कि प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री से पहले आरबीआई के गवर्नर रह चुके हैं, उन्होंने पटेल को सलाह दी थी कि ऐसे किसी सवाल का जवाब न दें जो केंद्रीय बैंक और उसकी स्वायत्ता के लिए परेशानी का सबब बन जाए. बता दें कि जानकारों का मानना है कि नोटबंदी के बाद आरबीआई की छवि और उसकी स्वायत्ता पर बुरा असर पड़ा है. वित्तीय मामलों की स्थायी समिति के सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के सांसद दिग्विजय सिंह ने जब पटेल से पूछा कि अगर नकदी निकासी पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया जाए तो क्या माहौल 'अराजक' हो जाएगा. इस पर सिंह ने पटेल को समझाया कि 'आपको इस सवाल का जवाब नहीं देना चाहिए.' गौरतलब है कि हाल ही में आरबीआई ने एटीएम से पैसे निकालने की सीमा को 4500 प्रति दिन से बढ़ाकर 10 हज़ार रुपये कर दी है. हालांकि एक बचत खाते से हफ्ते में अभी भी 24 हज़ार रुपये ही निकाले जा सकते हैं. गुरुवार को आरबीआई प्रमुख ने समिति को बताया कि नई करेंसी में 9.23 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में डाले जा चुके हैं. उर्जित पटेल ने संसदीय समिति को यह भी बताया कि नोटबंदी पर चर्चा पिछले साल जनवरी से जारी थी. आरबीआई गवर्नर का यह बयान समिति को पहले दिए गए उस लिखित बयान के उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को प्रचलन से हटाने की घोषणा से सिर्फ एक दिन पहले 7 नवंबर को सरकार ने आरबीआई को बड़े रद्द नोटों को रद्द करने की 'सलाह' दी थी. वहीं पिछले साल नवंबर में डॉ सिंह ने संसद में पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले को ‘प्रबंधन की विशाल असफलता’ है और यह संगठित एवं कानूनी लूट-खसोट का मामला बताया था. उन्होंने कहा था कि वह नोटबंदी के उद्देश्यों को लेकर असहमत नहीं हैं, लेकिन इसके बाद बहुत बड़ा कुप्रबंधन देखने को मिला, जिसे लेकर पूरे देश में कोई दो राय नहीं.

पंजाब में गुरुदासपुर बॉर्डर के पास सात आतंकियों के देखे जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट और सभी मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है. अमृतसर से मिली खुफिया जानकारी के अनुसार, 'चकरी और गुरुदासपुर चौकी के पास सात आतंकी कैप्टन और सुबेदार रैंक के आर्मी यूनिफॉर्म हासिल करने में सफल हो गए हैं. यह आशंका है कि घुसपैठ के बाद आतंकी इन यूनिफॉर्म को पहनकर घूम रहे हैं.' यह जानकारी के मिलने के तत्काल बाद पंजाब में चुनाव ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों और दिल्ली एयरपोर्ट तथा मेट्रो स्टेशनों में लगे सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है. हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार सीआईएसएफ के एक अध‍िकारी ने बताया, 'गणतंत्र दिवस को देखते हुए पहले से ही एयरपोर्ट पर उच्च स्तर की सुरक्षा है और दो अतिरिक्त सुरक्षा लेयर बनाए गए हैं. इसी तरह मेट्रो की सुरक्षा में एक और लेयर तैनात कर दिया गया है. मेट्रो में पहली सुरक्षा लेयर लाइन में लगे लोगों के पास और उसके बाद मेटल डिटेक्टर के पास एक लेयर तैनात है.' हालांकि लोगों को इससे थोड़ी दिक्कत हो रही है, क्योंकि सीआईएसएफ के जवान अक्सर दो जगह सामान की जांच कर रहे हैं. एक यात्री ने बताया, 'कई जगह सीआईएसएफ के लोग महिलाओं से उनकी ज्वैलरी भी निकलवा ले रहे हैं. कई यात्रियों से एंट्री गेट पर सामान जांच करवाने को कहा जा रहा है.' इसी तरह एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था काफी चाक-चौबंद कर दी गई है. सीआईएसएफ के डायरेक्टर जनरल ओपी सिंह ने कहा कि हमने एयरपोर्ट आने वाली सड़क की सुरक्षा बढ़ाई है और ब्रेकर्स लगाए हैं ताकि गाड़ियों की रफ्तार कम हो सके. हमने विमान कंपनियों से भी कहा है कि विमान में यात्रियों के घुसने से पहले एक चेकिंग पॉइंट शुरू किया जाए. इसके अलावा कई बार सुरक्षा जांच होने से यात्रियों से कहा गया है कि वह काफी पहले एयरपोर्ट पहुंचे, क्योंकि कतारें लंबी हो सकती हैं.

जनाधिकार पार्टी के अध्यक्ष और बिहार के मधेपुरा से लोक सभा सांसद पप्पू यादव अक्सर अपने बयानों से मीडिया में बने रहते हैं। इस बार उन्होंने राजधानी पटना से सटे हाजीपुर में खुले मंच से कहा कि उन्होंने न कभी राष्ट्र गान गाया है और न कभी गाएंगे। सांसद ने कहा कि ‘जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता’ यह जॉर्ज पंचम को खुश करने के लिए गाया गया था। लिहाजा, यह जानने के बाद भी कोई दूसरा व्यक्ति हमारे देश का भाग्य विधाता कैसे हो सकता है और हम इसे कैसे गा सकते हैं। हाजीपुर के चकमकरण गांव में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान पप्पू यादव नए अंदाज में दिखे। उन्होंने भोजपुरी गाना गाकर भी लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने सार्वजनिक मंच से यह भी कहा कि आज तक उन्होंने जन गण मन को नहीं गाया है और न आगे कभी गाऊंगा। सांसद ने कहा कि इसे गाने की बाध्यता को लेकर संविधान भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। यह पहला मौका नहीं है जब पप्पू यादव का बड़ बोलापन सामने आया हो। वह कई बार कई नेताओं पर भी उल्टे-पुल्टे बयान दे चुके हैं। लालू यादव और उनके परिवार पर बयानों की वजह से ही पप्पू यादव को राष्ट्रीय जनता दल से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मधेपुरा से जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को हराकर सांसद बने हैं। इससे पहले पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में भी कई बातें कही थीं और उन्हें चरित्रहीन तक करार दिया था। पप्पू से पहले जेडीयू के एक नेता ने भी राष्ट्र गान को लेकर सवाल उठाया था। उसके बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। कुछ दिनों पहले पहले पप्पू यादव ने कहा था कि सच में अगर नीतीश कुमार बेनामी संपत्ति को बाहर लाना चाहते हैं तो पहले आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार सहित अपने पार्टी के विधायकों और सांसदों की संपत्ति की जांच कराएं। इसके बाद अधिकारियों की संपति की भी जांच कराएं।

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