Tuesday, 23 August 2016 08:32

अंडा जहर है जल्द से जल्द इसे छोड़ दीजिये।। पढ़ कर आप भी छोड़ देंगे।।

Written by 
Rate this item
(32 votes)

स्टेर ने प्रोटीन के बारे में अध्ययन करते हुए प्रतिपादित किया कि शाकाहारी मनुष्यों में से अधिकांश को हर रोज की जरूरत से दुगना प्रोटीन अपने आहार से मिलता है। 200 अण्डे खाने से जितना विटामिन सी मिलता है उतना विटामिन सी एक नारंगी (संतरा) खाने से मिल जाता है। जितना प्रोटीन तथा कैल्शियम अण्डे में हैं उसकी अपेक्षा चने, मूँग, मटर में ज्यादा है। ब्रिटिश हेल्थ मिनिस्टर मिसेज एडवीना क्यूरी ने चेतावनी दी कि अण्डों से मौत संभावित है क्योंकि अण्डों में सालमोनेला विष होता है जो कि स्वास्थ्य की हानि करता है। अण्डों से हार्ट अटैक की बीमारी होने की चेतावनी नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकन डॉ. ब्राउन व डॉ. गोल्डस्टीन ने दी है क्योंकि अण्डों में कोलेस्ट्राल भी बहुत पाया जाता है. डॉ. पी.सी. सेन, स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार ने चेतावनी दी है कि अण्डों से कैंसर होता है क्योंकि अण्डों में भोजन तंतु नहीं पाये जाते हैं तथा इनमें डी.डी.टी. विष पाया जाता है। जानलेवा रोगों की जड़ हैः अण्डा। अण्डे व दूसरे मांसाहारी खुराक में अत्यंत जरूरी रेशातत्त्व (फाईबर्स) जरा भी नहीं होते हैं। जबकि हरी साग, सब्जी, गेहूँ, बाजरा, मकई, जौ,मूँग, चना, मटर, तिल, सोयाबीन, मूँगफली वगैरह में ये काफी मात्रा में होते हैं। अमेरिका के डॉ. राबर्ट ग्रास की मान्यता के अनुसार अण्डे से टी.बी. और पेचिश की बीमारी भी हो जाती है। इसी तरह डॉ. जे. एम. विनकीन्स कहते हैं कि अण्डे से अल्सर होता है। मुर्गी के अण्डों का उत्पादन बढ़े इसके लिये उसे जो हार्मोन्स दिये जाते हैं उनमें स्टील बेस्टेरोल नामक दवा महत्त्वपूर्ण है। इस दवावाली मुर्गी के अण्डे खाने से स्त्रियों को स्तन का कैंसर, हाई ब्लडप्रैशर, पीलिया जैसे रोग होने की सम्भावना रहती है। यह दवा पुरूष के पौरूषत्व को एक निश्चित अंश में नष्ट करती है। वैज्ञानिक ग्रास के निष्कर्ष के अनुसार अण्डे से खुजली जैसे त्वचा के लाइलाज रोग और लकवा भी होने की संभावना होती है। आजकल मुझे यह देख कर अत्यंत खेद और आश्चर्य होता है की अंडा शाकाहार का पर्याय बन चुका है , ब्राह्मणों से लेकर जैनियों तक सभी ने खुल्लम खुल्ला अंडा खाना शुरू कर दिया है ... खैर मै ज्यादा भूमिका और प्रकथन में न जाता हुआ सीधे तथ्य पर आ रहा हूँ । मादा स्तनपाईयों (बन्दर बिल्ली गाय मनुष्य) में एक निश्चित समय के बाद अंडोत्सर्जन एक चक्र के रूप में होता है । उदारहरणतः मनुष्यों में यह महीने में एक बार .... चार दिन तक होता है जिसे माहवारी या मासिक धर्म कहते है .. उन दिनों में स्त्रियों को पूजा पाठ चूल्हा रसोई घर आदि से दूर रखा जाता है .. यहाँ तक की स्नान से पहले किसी को छूना भी वर्जित है कई परिवारों में ... शास्त्रों में भी इन नियमों का वर्णन है । इसका वैज्ञानिक विश्लेषण करना चाहूँगा .. मासिक स्राव के दौरान स्त्रियों में मादा हार्मोन (estrogen) की अत्यधिक मात्रा उत्सर्जित होती है और सारे शारीर से यह निकलता रहता है .. इसकी पुष्टि के लिए एक छोटा सा प्रयोग करिये .. एक गमले में फूल या कोई भी पौधा है तो उस पर रजस्वला स्त्री से दो चार दिन तक पानी से सिंचाई कराइये , वह पौधा सूख जाएगा......... अब आते है मुर्गी के अण्डे की ओर १) पक्षियों (मुर्गियों) में भी अंडोत्सर्जन एक चक्र के रूप में होता है अंतर केवल इतना है की वह तरल रूप में ना हो कर ठोस (अण्डे) के रूप में बाहर आता है । २) सीधे तौर पर कहा जाए तो अंडा मुर्गी की माहवारी या मासिक धर्म है और मादा हार्मोन (estrogen) से भरपूर है और बहुत ही हानिकारक है । ३) ज्यादा पैसे कमाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर आजकल मुर्गियों को भारत में निषेधित ड्रग ओक्सिटोसिन(oxytocin) का इंजेक्शन लगाया जाता है जिससे के मुर्गियाँ लगातार अनिषेचित (unfertilized) अण्डे देती है । ४) इन भ्रूणों (अन्डो) को खाने से पुरुषों में (estrogen ) हार्मोन के बढ़ने के कारण कई रोग उत्पन्न हो रहे है जैसे के वीर्य में शुक्राणुओ की कमी (oligozoospermia, azoospermia) , नपुंसकता और स्तनों का उगना (gynacomastia), हार्मोन असंतुलन के कारण डिप्रेशन आदि ...वही स्त्रियों में अनियमित मासिक , बन्ध्यत्व , (PCO poly cystic oveary) गर्भाशय कैंसर आदि रोग हो रहे है । ५) अन्डो में पोषक पदार्थो के लाभ से ज्यादा इन रोगों से हांनी का पलड़ा ही भारी है । ६) अन्डो के अंदर का पीला भाग लगभग ७० % कोलेस्ट्रोल है जो की ह्रदय रोग (heart attack) का मुख्य कारण है । 7) पक्षियों की माहवारी (अन्डो) को खाना धर्म और शास्त्रों के विरुद्ध , अप्राकृतिक और अपवित्र और चंडाल कर्म है इस को खाने से कई तरह के रोग शरीर में उत्पन्न होने लगते हैं । आप के पुण्य कर्म नष्ट हो कर आपकी बुद्धि को विकृत कर देते हैं । इसकी जगह पर आप दूध पीजिए जो के पोषक , पवित्र और शास्त्र सम्मत भी है । अग्नि पर जब फल, फुल अनाज, दूध, दहीं, घी, तेल डाला जाता है तो वो यज्ञ बन जाता है !!! और.... उसी अग्नि पर जब मुर्दा , हड्डी , मांस का शरीर रखा जाता हे फिर वो पूरा हो या कटा हुआ हो तो वो चिता बन जाती है !!! हमें भी जब भूख लगती है तो कहा जाता है की हमारे भीतर जठराग्नि प्रज्जवलित हुई है और वो भी अग्नि है और जब ये जठराग्नि प्रज्जवलित होती है , तब हम उस में भी कुछ ना कुछ डालते है । अगर हम उस में अण्डा , चिकन , मटन या मांस का कुछ भी डालते हे तो वो चिता बन जाती है और अगर हम उसमे फल , फुल , अनाज , दूध , दहीं , घी , तेल डालते है तो वो यज्ञ बन जाता है !!

Read 319290 times
loading...

Media News

  • Bollywood
  • Life Style
  • Trending
  • +18
  • IPL 2017
Post by साकेत सिंह धोनी
- Apr 26, 2017
रवीना टंडन इन दिनों काफी चर्चा में हैं, वजह है उनकी हालिया रिलीज फिल्‍म मातृ द मदर। इस फिल्‍म में वो एक गैंग रेप शिकार ...
Post by साकेत सिंह धोनी
- Apr 25, 2017
यह सच है कि अभी तक कैंसर की कोई कारगर दवा तैयार नहीं हुई है। लेकिन कुछ बातों का हम पहले से ही ख्याल ...
Post by सत्य चरण राय (लक्की)
- Apr 26, 2017
क्या सच में हुआ योग गुरु बाबा रामदेव का एक्सीडेंट ? जानिए इस फोटो की सच्चाईयोग गुरु बाबा रामदेव के एक्सीडेंट की खबर इन ...
Post by साकेत सिंह धोनी
- Apr 24, 2017
कई फेयरनेस क्रीमों में पुरुषों के स्पर्म मिलाया जाता है। लेकिन एक महिला रोजाना तरह-तरह के ड्रिंक्स में पुरुषों का ...
Post by साकेत सिंह धोनी
- Apr 24, 2017
बेहतरीन पारी खेलकर फॉर्म में वापसी करने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी धैर्य बरकरार रखता है तो कोई भी ...
Top
We use cookies to improve our website. By continuing to use this website, you are giving consent to cookies being used. More details…