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मकर संक्रांति में भूल कर भी न करें ये काम, नहीं तो हो सकती है ये प्रॉब्लम…..

पूरे साल में 12 बार संक्रांति होती है। दरअसल सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना संक्रांति कहलाता है। लेकिन इन 12 संक्रांतियों में से सबसे महत्वपूर्ण होती है मकर संक्रांति। जिसे पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है

14 जनवरी को पूरा देश मकर संक्रांति मनाया है। मकर संक्रांति का अपना ही महत्व है। मकर संक्रांति को पवित्र स्नान के बाद तिल का दान करना चाहिए। खाने में तिल से बने पकवान का इस्तेमाल करना चाहिए। इस बार यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति में सूर्य उत्तरायण होता है और ऐसे में इस समय किए गए दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है क्योंकि इनका फल कई गुना बढ़ जाता है। कहा जाता है कि यही वो समय है जब सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने आते हैं और शुक्र का उदय होने से इस काल को शुभ कार्यों की शुरुआत का समय भी माना जाता है।

यही वजह है कि मकर संक्रांति के दिन जहां कई काम करने से शुभ फल मिलते हैं तो कई काम बिल्कुल ना करने को कहा जाता है। अपनी इस स्टोरी में हम आपको यही बता रहे हैं कि वो कौन से 10 काम हैं जो संक्रांति के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए।

नहाने से पहले बिल्कुल ना करें ये काम- कुछ लोगों की आदत होती है वह बिना नहाए चाय आदि पीकर बिस्किट या कोई स्नैक्स खा लेते हैं। अगर आप उन लोगों में से हैं तो कम से कम मकर संक्रांति के दिन तो बिल्कुल भी ऐसा ना करें। इस दिन की मान्यता है कि गंगा या किसी अन्य नदी में स्नान और दान करके ही कुछ खाना चाहिए। अब अगर आप किसी नदी में नहीं नहा सकते तो कम से कम घर में तो इस दिन सबसे पहले नहाने का ही काम करें।

महिलाओं को नहाते वक्त ये काम नहीं करना चाहिए- इस दिन की मान्यता है कि महिलाओं को ‌इस दिन नहाना नहीं चाहिए। यही नहीं इस दिन महिलाओं को दांत ब्रश करने की भी मनाही है। ना खाएं ये चीजें- मकर संक्रां‌ति के दिन लहसुन, प्याज, मांस और अंडा आदि ना खाएं।

नशे के सेवन से बचें


मकर संक्रां‌ति के दिन किसी भी तरह के नशे के सेवन से बचना चाहिए। इस दिन आप भूलकर भी शराब, सिगरेट, गुटका आद‌ि किसी भी तरह के नशे का सेवन ना करें। इस दिन आपको तिल, मूंग दाल की खिचड़ी व ऐसी‌ चीजों का सेवन व दान करना चाहिए।

किसी को ना लौटाएं खाली हाथ

मकर संक्रांति के दिन कभी भी किसी भिखारी, साधु या बुजुर्ग या किसी अन्य याचक को घर से खाली हाथ ना जाने दें। आपसे जो कुछ हो सके उसके अनुसार ही उसे देकर विदा करें क्योंकि इस दिन दान का बहुत महत्व होता है। दान में तिल का कोई भी सामान हो तो और भी अच्छा होगा।

वाणी पर रखें संयम

मकर संक्रां‌ति के दिन भूलकर भी गुस्सा नहीं करना ‌चाहिए। इस दिन अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए और दूसरों से मधुर बोल ही बोलने चाहिए। वैसे तो ये आपके हर दिन की प्रैक्टिस होनी चाह‌िए कि आपकी बातों से किसी को ठेस ना पहुंचे  लेकिन संक्रांति के दिन तो इसका खास ख्याल रखना चाहिए।

पेड़ों के साथ ना करें ये काम

मान्यता है कि इस दिन चाहे घर के अंदर हो या बाहर पेड़ों की कटाई या छंटाई नहीं करनी चाहिए। इसके लिए आप कोई भी और दिन चुन सकते हैं। शाम को ना करें ये काम- अगर आप सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो शाम के समय यानी सूरज ढलने के बाद इस दिन भोजन ना करें।

गाय-भैंस ना दूहें

अगर आप गाय भैंस पालते हैं तो इस दिन हो सके तो गाय-भैंस ना दुहें।

ना काटें फसल

मकर संक्रांति को प्रकृति से जुड़ा त्योहार माना जाता है ऐसे में इस दिन अगर फसल काटने की योजना हो तो उसे टाल दें।