Gorakhpur

लखनऊ की तर्ज पर अब हर साल होगा गोरखपुर महोत्सव!

गोरखपुर की पहचान में अब वहां अगले साल जनवरी में होने वाला महोत्सव भी जुड़ जाएगा। इसके लिए यहां कभी-कभार होने वाले गोरखपुर महोत्सव को पर्यटन कैलेंडर का हिस्सा बनाने की तैयारी है। जनवरी में होने वाले इस गोरखपुर महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग के पास ही है। लखनऊ महोत्सव की तर्ज पर गोरखपुर महोत्सव भी कला, संस्कृति, प्रतियोगिताओं एवं जनभागीदारी से सराबोर होगा। मंगलवार को गोरखपुर के डीएम शासन में महोत्सव का पूरा खाका रखेंगे। गोरखपुर में निजी पहल एवं थोड़ी-बहुत प्रशासनिक भागीदारी से कभी-कभार गोरखपुर महोत्सव होता रहा है। पिछले साल तत्कालीन कमिश्नर की पहल पर करीब 16 साल बाद गोरखपुर महोत्सव आयोजित किया गया था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब गोरखपुर से जुड़ी योजनाएं एवं कार्यक्रम भी शासन की प्राथमिकता में आ गए हैं। इसी कड़ी में इस बार 11 से 14 जनवरी तक होने वाले गोरखपुर महोत्सव को भी भव्य बनाए जाने की तैयारी है। इसके लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में गोरखपुर महोत्सव समिति के गठन की कार्रवाई शुरू हो गई है। आयोजन का जो मौजूदा स्वरूप है उसमें तीन दिन गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रांग्रण में और आखिरी दिन गोरक्षनाथ मंदिर के स्मृति सभागार में कार्यक्रम का प्रस्ताव है। हालांकि, 17 नवंबर को कमिश्नर की अध्यक्षता होने वाली बैठक में इसका अंतिम खाका खिचेंगा। सीएम योगी आदित्यनाथ भी महोत्सव शामिल होंगे।

स्थानीय कलाकारों से लेकर दिखेंगे बालीवुड के दिग्गज
महोत्सव में स्कूलों से लेकर जनसामान्य तक की भागीदारी खेलकूद, कला एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के जरिए होंगी। इसके साथ ही महोत्सव के प्रमोशन के लिए पूर्वांचल की लोक कलाओं के साथ ही राजस्थान सहित दूसरे राज्यों के मंझे कलाकार भी मंच पर मनोरंजन करते दिखेंगे। वहीं बालीवुड के भी नामी गायको को भी गोरखपुरियों को अपनी गीत की धुन पर थिरकाने के लिए बुलाया जा सकता है। वहीं विभिन्न स्टालों के जरिए स्थानीय उद्यमियों के लिए भी मंच उपलब्ध कराया जाएगा। सूत्रों की मानें तो अगली बार से महोत्सव का स्वरूप और व्यापक होगा और पहले से ही लखनऊ की तर्ज पर इसकी तारीखें तय होंगी।

गोरखपुरियों को माटी से जोड़ने का बनेगा मंच
आयोजकों ने गोरखपुर महोत्सव का खाका कुछ इस तरह रखने की कवायद की है कि यहां से निकलकर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों को अपनी माटी से भी जोड़ा जा सके। उनकी विशेषज्ञता का लाभ भी शहर को मिल सके। इसलिए पहली बार बड़े पैमाने पर हो रहे महोत्सव में गोरखपुर से जुड़े लोगों के सम्मान का भी एक सत्र रखा जाएगा। उद्योग, प्रशासन, पत्रकारिता, कला, संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम करने वाले गोरखपुर से जुड़े लोग इसका हिस्सा होंगे। दूसरी ओर इस बार बाढ़ की विभीषिका के दौरान अभूतपूर्व राहत कार्य करने वाले राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को भी प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

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