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ये हैं रानी पद्मावती के असली वंशज, जीते हैं महाराजा जैसी लाइफ।

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ 1 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है। लेकिन, इस फिल्म का राजस्थान सहित सभी जगहों पर लगातार विरोध जारी है। अब तो ऐसा लग रहा है कि फिल्म के राजस्थान में रिलीज होने पर तलवार लटक गई है। राजपूतों, राजनेताओं और कुछ सामाजिक संगठनों के बाद अब रानी पद्मावती के वंशज और मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य भी फिल्म के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं।

पूर्व राजपरिवार के मेंबर महेंद्र सिंह मेवाड़ का कहना है कि यदि पद्मावती की तरह कोई पीएम मोदी के चरित्र से जोड़कर कुछ भी दिखाएगा तो क्या सेंसर बोर्ड पास कर देगा। वहीं, महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह कहते हैं कि रानी पद्मिनी पर बनाई गई फिल्म ‘पद्मावती’ में पूरे इतिहास को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है, जो उन्हें कतई मंजूर नहीं हैं। आपको बता दें, मेवाड़ के प्रथम शासक गुहदत्ता थे और अंतिम शासक भूपाल सिंह बहादुर ( 1930-1948) थे।

महाराणा भगवत सिंह जी के निधन के बाद उनके बड़े बेटे महाराणा महेंद्र सिंह जी मेवाड़ परिवार के मुखिया हैं। हालांकि, उनके छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ का दावा है कि वे परिवार के मुखिया हैं। पिता भगवत सिंह की मृत्यु के बाद मेवाड़ घराने के संरक्षक बने अरविंद सिंह की शादी कच्छ की राजकुमारी विजयाराज के साथ हुई। उनका एक बेटा है लक्ष्यराज सिंह और बेटी पद्मजा है। इस राजघराने का राजस्थान में एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के नाम से होटल का बिजनेस है।वहीं, महेंद्र सिंह और उनके बेटे विश्वराज सिंह का आज भी जनता से लगातार संपर्क बना हुआ है। आज भी जब वे आम जनता के बीच पहुंचते हैं, तो उनसे मिलने के लिए लाेगों की भीड़ जुट जाती है। विश्वराज सिंह को लोग मेवाड़ के अगले वारिस के तौर पर देखते है। वे अक्सर अचकन के राजशाही ड्रेस में, हाथों मे तलवार थामे और मेवाड़ी पगड़ी के साथ लोगों के बीच नजर आते हैं।

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